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Team India अब वनमैन आर्मी नहीं, 11 हीरो की टीम बन गई है ‘विराट ब्रिगेड’

On This Day: विराट कोहली ने आज ही के दिन 2008 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था. 13 साल के भीतर ही वो सबसे बड़े बल्लेबाज बन गए हैं और उनकी गिनती सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में होने लगी है. (AP)

On This Day: विराट कोहली ने आज ही के दिन 2008 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था. 13 साल के भीतर ही वो सबसे बड़े बल्लेबाज बन गए हैं और उनकी गिनती सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में होने लगी है. (AP)

India vs England: भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट (Lords Test) में गजब की वापसी कर मैच जीता. टीम इंडिया (Team India) पहली पारी में इंग्लैंड से 27 रन से पिछड़ गई थी. इसके बावजूद वह 151 रन से मैच जीतने में कामयाब रही. इस मैच में हर भारतीय खिलाड़ी मैचविनर साबित हुआ.

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    नई दिल्ली. वो 1990 का दशक था, जब सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के आउट होने पर लाखों क्रिकेटप्रेमी टीवी बंद कर दिया करते थे. ऐसा नहीं है कि यह निराशा सिर्फ 1990 के दशक में भर थी. पहले भी सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) के आउट होते ही अनेक भारतीय क्रिकेटप्रेमी ग्राउंड छोड़कर निकल जाते थे या टीवी बंद कर देते थे. गावस्कर-तेंदुलकर-द्रविड़ से आगे निकलकर यह सिलसिला विराट कोहली (Virat Kohli) तक पहुंचता है. लेकिन अब नया भारत है. भारतीय टीम वनमैन आर्मी की अपनी छवि तोड़कर बाहर आ गई है. अब विराट ब्रिगेड में हर खिलाड़ी मैच विनर है. हर खिलाड़ी हीरो है.

    साल 2021 में हमने एक-दो नहीं, कई बार देखा कि जब भारत के सितारा खिलाड़ी किसी वजह से टीम से बाहर थे या आउट हो गए थे, तो युवा और कम नाम वाले खिलाड़ियों ने मोर्चा संभाला. साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया हमारी इस खूबी का शिकार हुआ. भारतीय टीम ने सिडनी में कंगारुओं से लगभग तय जीत छीनी और फिर ब्रिस्बेन में पटकनी भी दी. इस तरह इस सीरीज से मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, शुभमन गिल, नवदीप सैनी, टी. नटराजन जैसे हीरो भारत को मिले. यही सिलसला इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी दिखी, जब अक्षर पटेल ने अपनी दमदारी दिखाई.

    भारतीय योद्धाओं की इस ऐतिहासिक लड़ाई की सीरीज लॉर्ड्स जा पहुंची और हमारे क्रिकेटरों ने अंग्रेजों के जेब से जीत छीनकर उस पर अपना नाम लिख दिया. इस जीत में भारत के हर खिलाड़ी का योगदान दर्ज है. आइए देखें कैसे?

    1. रोहित शर्मा ने पहली पारी में 83 रन ठोककर भारत को मनचाही शुरुआत दी. रोहित ने आउट होने से पहले केएल राहुल के साथ 126 रन की साझेदारी की. लॉर्ड्स का ग्राउंड, ऊपर आसमान में बादल और नीचे रोहित का तूफानी अंदाज… रोहित ने पहली पारी में 57.24 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए, जो टेस्ट मैचों में बेहद शानदार माने जाएंगे. उन्होंने दूसरी पारी में भी 21 रन बनाए.

    2. केएल राहुल ने इस मैच में 129 रन की शानदार पारी खेली. उन्होंने रोहित द्वारा बनाए गए दबाव को आगे बढ़ाया और उस नींव पर बड़ी इमारत खड़ी की, जो उन्होंने खुद रोहित के साथ मिलकर रखी थी. कोई शक नहीं कि जब भारत जीता तो केएल प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए.

    3. चेतेश्वर पुजारा वह खिलाड़ी हैं, जब सबसे ज्यादा जरूरत होने पर दीवार की तरह खड़े नजर आते हैं. लॉर्ड्स टेस्ट में जब भारत पहली पारी में पिछड़ गया और दूसरी पारी में केएल और रोहित जल्दी आउट हो गए, तो टीम पुजारा की ओर देख रही थी. इस खिलाड़ी ने भी अपनी टीम और प्रशंसकों को निराश नहीं किया और दूसरी पारी में 206 गेंदों का सामना कर महत्वपूर्ण 45 रन बनाए. अजिंक्य रहाणे के साथ शतकीय साझेदारी भी की.

    4. विराट कोहली ने भी बतौर कप्तान और खिलाड़ी टीम को वह जरूरी योगदान दिया, जो टीम को जीत की ओर ले जाती है. उन्होंने पहली पारी में 42 रन बनाए और केएल के साथ 117 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की. दूसरी पारी में भी 20 रन बनाए. बतौर कप्तान उनकी आक्रामकता ने भी भारतीय टीम को वह शक्ति दी, जो दबाव के पलों में जरूरी होती है

    5. अजिंक्य रहाणे पहली पारी में उम्मीद पर खरे नहीं उतरे और सिर्फ एक रन बना सके. लेकिन दूसरी पारी में वे तब दीवार पुजारा के साथ कंधे से कंधा मिलाते नजर आए जब भारत दबाव में था. रहाणे ने दूसरी पारी में भारत की ओर से सबसे अधिक 61 रन बनाए

    6. ऋषभ पंत हमेशा की तरह आक्रामक अंदाज में खेले. उन्होंने पहली पारी में 58 गेंद में 37 रन बनाए और दूसरी पारी में भी 22 रन का अहम योगदान दिया. पंत अब विकेटकीपर के तौर पर डीआरएस लेने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं और सबने देखा कि उनकी सलाह टीम के लिए फायदेमंद साबित हुई.

    7. रवींद्र जडेजा ने दूसरी पारी में 40 रन बनाए. उनके ये रन अगर कम लगें तो इसे यूं समझिए कि पंत जब छठे बल्लेबाज के तौर पर आउट हुए तो भारत का स्कोर 331 रन था. दूसरी पारी में लड़ने से पहले भारतीय लोअर-ऑर्डर पहली पारी में बुरी तरह फेल हो गया था. पहली पारी में मोहम्मद शमी, जसप्रत बुमराह और मोहम्मद सिराज खाता भी नहीं खोल पाए थे और इशांत सिर्फ 8 रन बना सके थे. तब जडेजा ने टीम को 364 रन तक पहुंचाने में मदद की थी.

    8. मोहम्मद शमी इस मैच में गेंदबाजी में ज्यादा कमाल नहीं कर सके और 3 विकेट ही झटके. उन्होंने इसकी भरपाई दूसरी पारी की बैटिंग में की और 70 गेंद में 56 रन धुन डाले. उनकी और जसप्रीत बुमराह की नौवें विकेट की 89 रन की साझेदारी इस मैच की टर्निंग पॉइंट साबित हुई.

    9. जसप्रीत बुमराह का खेल भी इस मैच में शमी जैसा ही रहा. वे भी मैच में सिर्फ 3 विकेट झटक सके. हालांकि, दूसरी पारी के ये विकेट तब आए, जब भारत को इसकी सख्त जरूरत थी. एक तरह से दूसरी पारी के इन विकेटों ने ही इंग्लैंड पर दबाव बनाया. लेकिन इस गेंदबाजी से पहले उनकी 34 रन की पारी को कोई कैसे भूल सकता है.

    10. इशांत शर्मा इस मैच के अनसंग हीरो जैसे रहे. उन्होंने पहली पारी में 3 और दूसरी पारी में 2 विकेट झटके. बैटिंग में भी उनका योगदान बेहद अहम रहा. इशांत ने पहली पारी में 8 और दूसरी पारी में 16 रन बनाए. इशांत ने जडेजा के साथ 26 और दूसरी पारी में पंत के साथ 19 और शमी के साथ 15 रन की उपयोगी साझेदारियां की.

    11. मोहम्मद सिराज इस मैच में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. उन्होंने दोनों पारियों में 4-4 विकेट झटके. बल्लेबाजी में भी उनका जिक्र करना जरूरी है क्योंकि वे दोनों टीमों की ओर से एकमात्र बल्लेबाज रहे, जिन्हें एक भी गेंद का सामना नहीं करना पड़ा.

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