अंडर19 स्टार्सः दुनिया के सबसे घातक गेंदबाज बन सकते हैं नागरकोटी!

वर्ल्ड कप आगे गुजरने के साथ ही हर किसी को लगने लगा कि वाकई उनमें जबरदस्त प्रतिभा और क्षमता है

News18Hindi
Updated: February 5, 2018, 12:41 PM IST
अंडर19 स्टार्सः दुनिया के सबसे घातक गेंदबाज बन सकते हैं नागरकोटी!
राजस्थान के कमलेश नागरकोटी
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Updated: February 5, 2018, 12:41 PM IST
कमलेश नागरकोटी को अंडर19 वर्ल्ड कप में जिसने देखा, वो उनका दीवाना बन गया. उनकी गेंदों की रफ्तार ने देखते ही देखते तहलका मचा दिया. वर्ल्ड क्रिकेट में लोगों को विश्वास नहीं हो रहा कि स्पिनर्स के देश कहे जाने वाले भारत में ऐसा तेज गेंदबाज भी पैदा हुआ है. वह लगातार 145 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बॉलिंग करते हैं. माना जा रहा है कि आने वाले समय में वह वर्ल्ड क्रिकेट में सबसे घातक गेंदबाज बनने की क्षमता रखते हैं.
आस्ट्रेलियाई क्रिकेट कोच हैरिस ने वर्ल्ड कप के दौरान कहा कि विश्वास नहीं हो रहा कि भारत से ऐसा तेज गेंदबाज भी पैदा हो सकता है. हमें तो लगता था कि वहां से केवल स्पिनर ही आते हैं लेकिन नागरकोटी तो अपवाद हैं. उन्होंने माना कि नागरकोटी का सामना करना उनकी टीम के लिए आसान नहीं होने वाला. वैसे पूरे वर्ल्ड कप के दौरान राजस्थान के इस तेज गेंदबाज ने लगातार दिखाया कि उनका सामना करना कतई आसान नहीं.



कोई नहीं करता इस तरह बॉलिंग 
वह 140-150 किमी प्रति घंटा की गति से लगातार गेंदबाजी करते हैं, जो आसान नहीं है.अगर उनकी गति की बात करें तो सीनियर टीम में भी इतने स्थायित्व के साथ कोई बॉलर लगातार तेज गेंदबाजी नहीं करता.विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर उनकी बॉलिंग पर और काम कर लिया जाए तो वह दुनिया के सबसे घातक गेंदबाज में तब्दील हो सकते हैं.

Kamlesh Nagarkoti
कमलेश बचपन से ही बॉल को मूव करने में होशियार हैं


हर किसी को किया प्रभावित
वर्ल्ड कप के फाइनल में तो उनकी तेज गेंदों के सामने आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज त्राहि त्राहि करते नजर आए. वह एक के बाद एक गेंदें 144 किमी प्रति घंटा की स्पीड से डाल रहे थे. जिनके आगे लिबर्टी ले पाना मुश्किल हो रहा था. उन्होंने उस मुकाबले में 47 रन खर्च दो विकेट लिये. ऐसा लगता है कि वह तेज गेंदबाजी करने के लिए ही पैदा हुए हैं. उन्होंने पूरे वर्ल्ड में छह मैच खेले. कुल 42.1 ओवर गेंदबाजी की. इसमें छह ओवर मेडन डालते हुए 147 रन खर्च करके नौ विकेट चटखा दिए. उनका बेस्ट प्रदर्शन 18 रन देकर तीन विकेट लेना रहा.
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पूरे वर्ल्ड कप के दौरान वो भारत के अकेले ऐसे गेंदबाज थे, जिनका नाम हर टीम और पूर्व क्रिकेटर ले रहे थे. पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली उनसे इतने प्रभावित हुए कि तुरंत ट्वीट किया कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली को देखना चाहिए नागरकोटी और शिवम मावी जैसे तेज गेंदबाज किस तरह वर्ल्ड कप में गेंदें कर रहे हैं.

उनकी तेज गेंदबाजी तुक्का नहीं हकीकत
पहले तो लोगों को लगा कि उनकी गेंदों की तेजी एक तुक्का हो सकती है लेकिन जैसे जैसे वर्ल्ड कप आगे गुजरता गया, ये विश्वास हो गया कि वाकई भारत के दो ऐसे गेंदबाज आ गए हैं, जो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए बड़ा वरदान साबित होने वाले हैं. आस्ट्रेलिया के बल्लेबाज जैक एडवर्ड्स ने हैरान होते हुए कहा, हमें लगता था कि भारत की असली मजबूती स्पिन होगी लेकिन हमें उम्मीद नहीं थी कि वो इतने तेज गेंदबाज लेकर आएंगे.

Kamlesh Nagarkoti
कमलेश को केकेआर ने 3.2 करोड़ में खरीदा हैपिता रिटायर होने के बाद गांव लौटना चाहते थे


नागरकोटी लंबे कद के ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्हें राजस्थान में कोच सुरेंद्र राठौर ने तराशा. दोनों के बीच एक जबरदस्त अंडरस्टैंडिंग है. नागरकोटी के पिता एक सैनिक हैं. जब वह रिटायर होने के बाद उत्तराखंड अपने गांव लौटने की सोच रहे थे तब राठौर ने उन्हें रोका और कहा कि उनका लड़का वाकई जोरदार क्रिकेटर बन सकता है. उन्हें कुछ इंतजार करना चाहिए.
राठौर कहते हैं कि कमलेश की कद-काठी का बॉयोमैकेनिक्स ऐसा है कि वह इतनी कम उम्र में भी इतनी तेज गति की गेंदबाजी करने में सक्षम हो पा रहे हैं. उनकी गेंदबाजी से वेस्टइंडीज के दिग्गज तेज गेंदबाज रहे इयान बिशप भी प्रभावित हुए हैं.

आठ साल की उम्र में खेलना शुरू किया
कमलेश ने आठ साल की उम्र में गेंदबाजी शुरू की. वह उस जमाने में भी अपने से ज्यादा उम्र वालों से कहीं तेज गेंदें करते थे. जयपुर में राठौर की एकेडमी में वह निखरते गए. उन्होंने अंडर14, अंडर 16 और अंडर 19 में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया. अंडर19 नेशनल टीम के कोच राहुल द्रविड़ उनकी गेंदबाजी से इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने नागरकोटी को बांग्लादेश का दौरा करने वाली अंडर23 टीम में तक शामिल कर लिया.

द्रविड़ बने व्यक्तिगत मेंटर
राहुल द्रविड़ ने व्यक्तिगत तौर पर भी नागरकोट को आगे बढ़ाने में मेंटर का काम किया. उसके कांफीड़ेंस को और बेहतर किया. हालांकि जब वह पिछले साल इंग्लैंड से लौटे थे और चोट के कारण तीन महीने तक नहीं खेल पाए थे तो ये कमलेश के लिए डरा देने वाले दिन थे. उन्हें लगने लगा था कि कहीं ऐसा नहीं कि वह टीम से बाहर हो जाएं. लेकिन द्रविड़ ने लगातार उनपर भरोसा बनाए रखा. उन्हें कहते रहे कि वह आसानी से रिकवर कर लेंगे.
वह अब सीनियर टीम की ओर से खेलना चाहते हैं, यही उनका सपना है. लगता है कि उनका ये सपना जल्दी पूरा हो जाएगा. फिलहाल केकेआर ने उन्हें 3.2 करोड़ में खरीदा है.
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