वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान ने कहा- मतलबी हैं सभी खिलाड़ी, टीम के लिए नहीं खेलते

वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान ने कहा- मतलबी हैं सभी खिलाड़ी, टीम के लिए नहीं खेलते
भारत ने साल 2012 में जीता था अंडर19 वर्ल्ड कप

उन्मुक्त चंद (Unmukt Chand) ने पिछले साल दिल्ली की टीम छोड़कर उत्तराखंड की ओर से खेलने का फैसला किया था

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नई दिल्ली. साल 2011 में भारत में 28 साल के लंबे इंतजार के बाद वर्ल्ड कप (ICC World Cup) का खिताब अपने नाम किया था. इसके अगले ही साल दिल्ली के बल्लेबाज उन्मुक्त चंद (Unmukt Chand) की कप्तानी में भारत ने अंडर19 वर्ल्ड कप (U19 World Cup) भारत (India) के नाम किया था. उन्मुक्त से पहले मौजूदा भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने यह कारनामा किया था जिसके दम पर उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई थी. हालांकि उन्मुक्त को ऐसा मौका नहीं मिला. भारतीय कमेंटेटर आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) के साथ एक लाइव सेशन में उन्होंने बताया कि दिल्ली में रहते हुए खेलना काफी मुश्किल होता है क्योंकि यहां हर कोई खिलाड़ी एक दूसरे से आगे बढ़ने की होड़ में रहता है.

उन्मुक्त चंद ने बताया क्यों रणजी में फेल होती है दिल्ली की टीम
उन्मुक्त (Unmukt Chand) ने दिल्ली की घरेलू टीम में उस तरह का माहौल नहीं मिला जैसी उन्हें उम्मीद थी. उन्मुक्त ने कहा कि दिल्ली की टीम रणजी ट्रॉफी में उतना शानदार प्रदर्शन नहीं कर पाई है क्योंकि वह एकजुट होकर नहीं खेलती. उन्मुक्त ने कहा, 'जब मैं अंडर 19 खेलकर दिल्ली के ड्रेसिंग रूम में आया तो मुझे टीम की भावना नहीं दिखीं. लोग एकजुट होकर नहीं खेलते. हालांकि गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग जैसे खिलाड़ी तब समर्थन करते थे. हाल के सालों में दिल्ली वैसी सफलता हासिल नहीं कर पाई है जैसे की विदर्भ जैसी टीमें कर रही हैं क्योंकि वह एकजुट नहीं है.' उन्मुक्त ने आगे कहा कि दिल्ली में हर खिलाड़ी अपने लिए खेलता है, टीम के लिए नहीं. उन्होंने कहा, 'खिलाड़ी प्रैक्टिस पर भी आते हैं तो ऐसा नहीं लगता कि टीम साथ में अभ्यास कर रही है. लगता है कि लोग नौकरी पर आए हैं, दो-तीन घंटे का काम पूरा करके अपने रास्ते चले जाएंगे.'

आकाश ने कहा साथी खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश नहीं होते दिल्ली वाले



दिल्ली से ही निकले आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) ने उन्मुक्त की बातों से सहमति जताते हुए कहा कि बाकी टीमों के ड्रेसिंग रूम में ऐसा नहीं होता. आकाश ने कहा, 'जब मैं दिल्ली छोड़कर राजस्थान गया तो एहसास हुआ कि ड्रेसिंग रूम कितने खुशहाल भी हो सकते हैं. वहां हर कोई एक-दूसरे को बेहतर प्रदर्शन करते हुए देखना चाहता था. एक दूसरे की भलाई चाहता था. मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि ऐसा भी हो सकता है क्योंकि दिल्ली में मैंने ऐसा कभी नहीं देखा.' आकाश चोपड़ा की ही तरह उन्मुक्त चंद ने भी पिछले साल दिल्ली की टीम छोड़कर उत्तराखंड से खेलने का फैसला किया था.



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