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टीम इंडिया से बाहर चल रहे विजय शंकर का फूटा दर्द, बोले- मैं भी कैलिस और वॉटसन जैसा बन सकता हूं

विजय शंकर ने भारत के लिए 12 वनडे और 9 टी20 खेले हैं. (Vijay shankar Twitter)

ऑलराउंडर विजय शंकर (Vijay Shankar) ने न्यूज 18 को दिए खास इंटरव्यू में सेलेक्शन में अनदेखी, घरेलू टीम बदलने के विचार से लेकर अपने खेल से जुड़े तमाम पहलुओं पर खुलकर बात की.

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    नई दिल्ली. दो साल पहले विजय शंकर (Vijay Shankar) को 2019 में इंग्लैंड में हुए वर्ल्ड कप (2019 ODI World Cup) के लिए भारतीय टीम में चुना गया था. सेलेक्टर्स ने उन्हें अंबाती रायडू की जगह मौका दिया था, लेकिन इस टूर्नामेंट के बाद से वो आज तक टीम से बाहर चल रहे हैं. शंकर सिर्फ सेलेक्शन कमेटी के रडार से ही गायब नहीं हुए हैं, बल्कि आईपीएल में प्रदर्शन के आधार पर अक्सर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार होते हैं. फैंस उन पर चुटकी लेते हैं कि कैसे इस 'थ्रीडी' खिलाड़ी को विश्व कप की टीम में चुना गया था. लेकिन क्या विजय शंकर उतने ही बुरे हैं, जितना ट्रोल्स उन्हें बताते हैं? क्या चयनकर्ताओं के पास उन्हें विश्व कप के लिए चुनने का कोई कारण नहीं था? इन सभी विषयों पर न्यूज 18 ने इस ऑलराउंडर से खास बातचीत की.

    विजय शंकर करियर के उस मोड़ पर हैं, जहां उनको तय करना है कि किस रास्ते पर जाना है. इसे लेकर सवाल पर शंकर ने कहा कि मैं एक चीज को लेकर बहुत स्पष्ट हूं कि मेरी नैतिकता सही होनी चाहिए. मुझे सही दिशा में काम करना चाहिए और कड़ी मेहनत करनी चाहिए. जब मैंने क्रिकेट खेलनी शुरू की तब से लेकर अब तक मेरा मंत्र यही रहा है. मैं आगे भी ऐसा करता रहूंगा, चाहें बाहर कुछ भी हो रहा हो.

    एक साल पहले तमिलनाडु टीम छोड़ने का विचार आया था: शंकर
    इस इंटरव्यू में जब शंकर से ये पूछा गया कि आप अपनी घरेलू टीम (तमिलनाडु से बाहर जाने) बदलने पर विचार कर रहे थे, क्योंकि आप बैटिंग ऑर्डर में ऊपर खेलना चाहते हैं. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि मैंने किसी टीम से इस विषय में बात नहीं की है. अपनी टीम तमिलनाडु और उसके टीम मैनेजमेंट से भी इसे लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है. लेकिन एक साल पहले निश्चित रूप से मेरे मन में किसी दूसरे राज्य में जाने का विचार आया था. क्योंकि मैं अलग-अलग बैटिंग ऑर्डर पर खेल रहा था. एक क्रिकेटर के तौर पर मुझे प्रदर्शन करते रहने की जरूरत है. जब मैं रन बनाता रहूंगा, तभी लोग मुझे देखेंगे.

    टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए ज्यादा रन बनाने होंगे: शंकर
    जब शंकर से ये पूछा गया कि आप टॉप ऑर्डर में खेलना चाहते हैं. लेकिन आपका टीम इंडिया में सेलेक्शन ही नंबर पांच और 6 पर बल्लेबाजी के प्रदर्शन के आधार पर हुआ था. अब ऐसा क्या बदल गया है?. इस पर उन्होंने कहा कि अगर मुझे अभी भी पांच नंबर पर बल्लेबाजी का मौका दिया जाएगा, तो मैं इसके लिए तैयार हूं. अगर घरेलू क्रिकेट में मेरा बल्लेबाजी क्रम तय रहे, तो मैं उसके मुताबिक, तैयारी कर सकूंगा. लेकिन घरेलू क्रिकेट और आईपीएल पर भी अगर आप नजर डालें, तो मैं अलग-अलग बल्लेबाजी क्रम पर खेला हूं. ज्यादातर मौकों पर नंबर-6 पर बल्लेबाजी की. ऐसे में मेरे पास ज्यादातर मुकाबलों में बल्लेबाजी के लिए ओवर ही नहीं बचे थे. मैं ऐसे फेज में पहुंच गया था, जहां मैं 30-40 रन वाला बल्लेबाज बनकर रह गया था. मुझे नहीं लगता कि मैं इस प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया के लिए अपनी दावेदारी कर सकता हूं.

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    'ऑलराउंडर के लिए 6 या सात नंबर पर खेलना जरूरी नहीं'
    इस ऑलराउंडर ने आगे कहा कि मैं ऐसा नहीं कह रहा हूं कि मुझे ओपनिंग के लिए भेज दिया जाए. लेकिन अगर मैं घरेलू क्रिकेट में चार या पांच नंबर पर बल्लेबाजी करता हूं और अगर इसके बाद भी रन नहीं बनाता हूं, तो मुझे ड्रॉप कर देना चाहिए, इससे मुझे कोई तकलीफ नहीं होगी. मैं ऑलराउंडर हूं, लेकिन मेरी पहचान बल्लेबाजी से है. तो सिर्फ इसलिए कि मैं एक ऑलराउंडर हूं, तो मुझे 6 या 7 नंबर पर ही बल्लेबाजी करनी चाहिए, ये बात सही नहीं है. मैं भी जैक कैलिस या शेन वॉटसन जैसा बन सकता हूं. ये दोनों पारी की शुरुआत करने के साथ ही नंबर तीन पर भी बल्लेबाजी कर चुके हैं. यह कोई मजबूरी नहीं है कि किसी ऑलराउंडर को 6 या 7 नंबर पर ही बल्लेबाजी करनी पड़े. अगर मैं टॉप ऑर्डर में आकर रन बना सकता हूं और विकेट ले सकता हूं तो ये टीम के लिए अच्छा ही होगा न.

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    विजय शंकर ने भारत के लिए 12 वनडे और 9 टी20 खेले हैं. वनडे में उन्होंने 31 की औसत से 223 रन और टी20 में 101 रन बनाए हैं. दोनों ही फॉर्मेट में इस ऑलराउंडर के नाम अर्धशतक नहीं हैं. शंकर ने भारत के लिए पिछला वनडे जून 2019 में विश्व कप में खेला था.