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IPL 2020: कोहली ने नहीं की टैलेंट पहचानने में धोनी जैसी गलती और RCB को प्लेऑफ में पहुंचा दिया

एमएस धोनी और विराट कोहली. (फोटो साभार @RCBTweets @ChennaiIPL)
एमएस धोनी और विराट कोहली. (फोटो साभार @RCBTweets @ChennaiIPL)

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की टीम आईपीएल 2020 के प्लेऑफ में पहुंच गई है. चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) इस रेस से बाहर हो गई. माना गया कि एमएस धोनी (MS Dhoni) की एक चूक चेन्नई की टीम पर भारी पड़ गई. विराट कोहली (Virat Kohli) के सामने भी वही स्थिति आई, लेकिन उन्होंने वह गलती नहीं की, जो धोनी ने की थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 10:00 AM IST
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नई दिल्ली. आईपीएल अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (Royal Challengers Bangalore) समेत तीन टीमें प्लेऑफ में पहुंच गई हैं. चेन्नई सुपरकिंग्स (Chennai Super Kings) समेत तीन टीमें इस रेस से बाहर हो गई हैं. बैंगलोर का सफर जारी रहने और चेन्नई का खत्म होने को लेकर एक दिलचस्प तुलना की जा रही है. यह तुलना युवा खिलाड़ियों को मौके देने को लेकर है. यह भी कहा जा रहा है कि विराट कोहली (Virat Kohli) ने युवाओं को लेकर वह गलती नहीं की, जो एमएस धोनी (MS Dhoni) ने की. यही फैसला दोनों टीमों के प्रदर्शन में अंतर पैदा कर गया.

चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) की टीम आईपीएल 2020 (IPL 2020) में प्लेऑफ की रेस से बाहर होने वाली पहली टीम रही. कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने डैड आर्मी कही जाने वाली अपनी कोर टीम पर इतना भरोसा किया कि युवाओं को मौके देने में देरी कर दी. फिर यह भी कह गए कि युवाओं में स्पार्क नहीं है कि उन्हें मौका देने को सोचा जाए. आखिर जब टीम प्लेऑफ (IPL Playoffs) की रेस से बाहर हो गई तो ‘सारे घर के बल्ब बदल डालूंगा’ की तर्ज पर सभी खिलाड़ियों को मौका देने लगे. 23 साल के युवा ऋतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad) ने इसी मौके का फायदा उठाकर लगातार तीन फिफ्टी मार दिए. यह एक तरह से धोनी को युवाओं की तरफ से जवाब था कि उन पर भरोसा किया जाना चाहिए.

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के कप्तान विराट कोहली के सामने भी धोनी जैसी ही स्थिति थी कि वे युवाओं पर भरोसा करें या नहीं. विराट दूध के जले थे इसलिए उन्होंने इस बार छाछ भी फूंक कर पी. उन्होंने पिछले साल इनफॉर्म देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) को मौका नहीं दिया था. लेकिन इस बार पहले ही मैच से ना सिर्फ उन्हें मौका दिया, बल्कि ओपनिंग की अहम जिम्मेदारी भी दी. कमाल देखिए कि देवदत्त ने 14 मैच में 472 रन ठोक दिए.



देवदत्त पडिक्कल की इस कामयाबी पर उनके कप्तान विराट कोहली राहत की सांस ले रहे होंगे. अगर यह कहा जाए कि देवदत्त पडिक्कल के प्रदर्शन की वजह से ही बैंगलोर की टीम प्लेऑफ में पहुंची है तो यह गलत नहीं होगा. वे अपनी टीम की ओर से सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं. वे टूर्नामेंट में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं. टूर्नामेंट में पडिक्कल से ज्यादा रन केवल केएल राहुल (670) और शिखर धवन (525) ही बना पाए हैं.
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