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कोहली ने धोनी को जन्मदिन पर दिया ये ख़ास तोहफा!

कोहली ने धोनी को जन्मदिन पर दिया ये ख़ास तोहफा!

MS Dhoni के समर्थन में उतरे Skipper Kohli, पढ़ें क्या कहा...

MS Dhoni के समर्थन में उतरे Skipper Kohli, पढ़ें क्या कहा...

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास की बढ़ती मांग के बीच भारतीय कप्तान विराट कोहली ने पूर्व कप्तान का समर्थन किया है.

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास की बढ़ती मांग के बीच भारतीय कप्तान विराट कोहली ने पूर्व कप्तान का समर्थन किया है. कोहली ने वेस्टइंडीज़ के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज़ में 3-1 से बढ़त बनाने के बाद कहा कि वह गेंद को अच्छे से खेल रहे हैं. आपको उन्हें बताना नहीं होता कि हालात के अनुरूप कैसे खेला जाये और पारी को कैसे बढ़ाया जाए. धोनी ने तीसरे मैच में 114 गेंद में 54 रन बनाए जिसमें उनका पुराना आक्रामक तेवर कहीं नज़र नहीं आया.

    बड़ें शॉट्स के लिए नहीं है विकेट
    कोहली ने इस बारे में पूछने पर कहा, 'आपको यह भी देखना होगा कि आप किस तरह के विकेट पर खेल रहे हैं. मैं अभ्यास के दौरान स्पिनरों को शॉट्स लगाने की कोशिश कर रहा था लेकिन नहीं लगा सका क्योंकि यह विकेट शॉट्स खेलने लायक नहीं है.' उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी में श्रीलंका के खिलाफ मैच में धोनी की पारी का ज़िक्र किया.

    उन्होंने कहा, 'श्रीलंका के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी में उन्होंने शानदार पारी खेली. यहां भी पहले मैच में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा. हम एक मैच या एक पारी के बाद संयम खोने लगते हैं. किसी भी बल्लेबाज़ को खराब फॉर्म का सामना करना पड़ सकता है. मुझे नहीं लगता कि उनके साथ अभी कोई मसला है. वह बेहतरीन खेल रहे हैं.'



    धोनी का अनुभव बड़ा
    धोनी के पक्ष में जो चीज़ जाती है वह भारत का मज़बूत बल्लेबाज़ी क्रम है. शीर्ष क्रम में कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन मौजूद हैं जबकि उनका साथ देने के लिए लोकेश राहुल और अजिंक्य रहाणे हैं और ऐसे में अधिकांश दिन धोनी की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. अंतिम ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी के लिए हार्दिक भी टीम में शामिल हैं.

    समस्या यह है कि पांचवां और छठा क्रम काफी महत्वपूर्ण जिसमें विकेट पर टिकने का अधिक समय नहीं मिलता. धोनी मैदान पर उतरते ही बड़े छक्के जड़ने वाले खिलाड़ियों में शामिल नहीं रहे हैं लेकिन अब समस्या यह है कि वह एक-दो रन भी शुरुआत में नियमित तौर पर नहीं बना रहे हैं जिससे दबाव बन रहा है.

    कोहली हालांकि धोनी के अनुभव पर निर्भर रह सकते हैं. ऐसा नहीं है कि 36 साल के बाद क्रिकेटरों ने अपने प्रदर्शन में सुधार नहीं किया. सचिन तेंदुलकर ने 2009-11 के बीच टेस्ट और वनडे दोनों में कुछ बेहतरीन पारियां खेली. धोनी के पास क्षमता और प्रतिभा है. लेकिन रिषभ पंत जैसी युवा प्रतिभा उन पर दबाव बना रही है जिसे मौका मिलने का इंतज़ार है.



    Tags: Mahendra Singh Dhoni, Virat Kohli

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