विराट कोहली बोले- बॉलर मेरे शरीर पर गेंद मारे तो अच्‍छा लगता है क्‍योंकि...

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Updated: August 22, 2019, 12:32 PM IST
विराट कोहली बोले- बॉलर मेरे शरीर पर गेंद मारे तो अच्‍छा लगता है क्‍योंकि...
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्‍तान विराट कोहली.(AP Photo)

टीम इंडिया के कप्‍तान विराट कोहली और दिग्‍गज वेस्‍टइंडीज बल्‍लेबाज सर विवियन रिचर्ड्स की बातचीत का वीडियो बीसीसीआई ने जारी किया है.

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इंडियन क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के कप्‍तान विराट कोहली (Virat Kohli) का कहना है कि वे जब क्रीज पर होते हैं तो चाहते हैं कि उन्‍हें शुरू में ही गेंदबाज की गेंद लग जाए. ऐसा होने पर अच्‍छा खेलने की प्रेरणा मिलती है और फिर गेंद से चोट लगने का डर भी नहीं होता. उन्‍होंने सर विवियन रिचर्ड्स (Vivian Richards) के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही. इस दौरान रिचर्ड्स ने भी अपने राज खोले और बताया कि क्‍यों वे बिना हेलमेट के खेलना पसंद करते थे. बीसीसीआई ने दोनों की बातचीत का वीडियो शेयर किया है.

इसमें कोहली ने रिचर्ड्स का परिचय देते हुए कहा कि वह हम सभी बल्‍लेबाजों के लिए महानतम प्रेरणा हैं. रिचर्ड्स ने इस दौरान कहा कि बल्‍लेबाज को गेंद लगना खेल का हिस्‍सा है. जब बल्‍लेबाजी करते हैं तो आपको चोट लगेगी.

कोहली ने पूछा क्‍यों नहीं पहनते थे हेलमेट
बातचीत के दौरान कोहली ने उनसे पूछा, 'जब भी कभी मैं आपके बल्‍लेबाजी के लिए जाते हुए का वीडियो देखता हूं तो आप टोपी में दिखते हैं. उस समय आप हेलमेट नहीं लगाते थे. इसके बाद भी आपने हेलमेट पहनना नहीं चुना. मुझे पता है उस समय पिच इस तरह से तैयार नहीं होती थी या कवर रहती थी. आपके मन में क्‍या चलता था. आपके पास सुरक्षा नहीं होती थी तो आपके दिमाग में क्‍या चलता था. उस समय बाउंसर पर कोई पाबंदी नहीं थी और आप क्रीज पर जाकर राज करते थे. चेंजिंग रूम से निकलकर पिच तक पहुंचने में आपके मन में क्‍या चल रहा होता था. आपका माइंडसेट क्‍या रहता था.'



'हेलमेट पहना पर अच्छा नहीं लगा'
इस पर रिचर्ड्स ने बताया, 'मुझे लगता था कि मैं ही वह शख्‍स हूं. यह सुनने में थोड़ा घमंड लग सकता है लेकिन मुझे हमेशा लगता था कि मैं ऐसे खेल में शामिल हूं जिसे मैं जानता हूं. मैं हर वक्‍त खुद पर भरोसा रखता था. आपको चोट लगने, गिरने पर भी भरोसा रखना होता है. मैंने हेलमेट पहना था, झूठ नहीं बोलूंगा. लेकिन यह मुझे आरामदायक नहीं लगा. इसलिए मैंने अपनी मरून रंग की टोपी पहनी. मुझे इसमें काफी गर्व महसूस होता था. मेरा माइंडसेट ऐसा था कि यदि मैं यहां हूं तो यदि मुझे चोट भी लगती है तो भी यह भगवान की मर्जी है. मैं इससे बच जाऊंगा.'

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विराट कोहली और विवियन रिचर्ड्स.


शुरू में ही गेंद लग जाए तो बेहतर: कोहली
इसके बाद कोहली ने बताया कि उन्‍हें अपनी पारी के शुरू में गेंद लगना अच्‍छा लगता है क्‍योंकि इससे उन्‍हें प्रेरणा मिलती है. उन्‍होंने बताया, 'मुझे लगता है कि यह महसूस करना कि गेंद लग सकती है, गेंद लग सकती इससे बेहतर है कि शुरुआत में ही गेंद हिट कर जाए. इसलिए मैं शुरू में ही गेंद से चोट खाना पसंद करूंगा ताकि दोबारा ऐसा होने देने की प्रेरणा मिले. वह दर्द महसूस होने से दोबारा ऐसा न होने का जज्‍बा मिलता है.'

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First published: August 22, 2019, 12:31 PM IST
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