लॉकडाउन में खुले टीम इंडिया के 6 खिलाड़ियों के राज, कोई करना चाहता था खुदकुशी, किसी से मांगी गई घूस!

लॉकडाउन में खुले टीम इंडिया के 6 खिलाड़ियों के राज, कोई करना चाहता था खुदकुशी, किसी से मांगी गई घूस!
टीम इंडिया की एक और सीरीज स्थगित

कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से लगे लॉकडाउन ने क्रिकेट को पूरी तरह थाम दिया, लेकिन भारतीय स्टार्स के कुछ ऐसे राज बाहर आए, जिन्होंने फैंस को चौंका दिया.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस...एक ऐसी महामारी जिसकी वजह से पूरी दुनिया थम गई. एक ऐसी महामारी जिसने कभी ना रुकने वाले, कभी ना थमने वाले खेलों को भी रोक दिया. दुनिया के बड़े-बड़े सुपरस्टार जो कि हमेशा अपने घर से दूर रहने की शिकायत करते थे, वो अपने घरों में बंद रहने को मजबूर हो गए. पिछले तीन महीने से ऐसे ही हालात हैं, टीम इंडिया के क्रिकेटर घरों में लॉकडाउन (Lockdown) हैं, फैंस उनका खेल देखने को तरस रहे हैं. वैसे लॉकडाउन के दौरान टीम इंडिया के बड़े-बड़े खिलाड़ियों ने कुछ ऐसी बातें कह डाली, जिनके बारे में फैंस पहले कभी नहीं जानते थे. टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली हों या फिर रोहित शर्मा. तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी हों या सिक्सर किंग युवराज सिंह...लॉकडाउन में सभी का दर्द बाहर आ गया. आइए आपको बताते हैं कि आखिर लॉकडाउन में कौन-कौन से राज बाहर आए, जो दिग्गज खिलाड़ियों के सीने में सालों से दफन थे.

आत्महत्या करना चाहते थे मोहम्मद शमी
मौजूदा दौर में भारत ही नहीं दुनिया के सबसे जबर्दस्त गेंदबाजों में शुमार मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) ने लॉकडाउन के दौरान ऐसा खुलासा किया, जिसके बारे में फैंस ने कभी नहीं सोचा होगा. मोहम्मद शमी ने रोहित शर्मा के साथ बातचीत में बताया कि उन्होंने साल 2015 वर्ल्ड कप में चोटिल होने के बाद 3 बार खुदकुशी के बारे में सोचा. शमी ने कहा कि वो 2015 वर्ल्ड कप में चोट लगने के बाद 18 महीनों तक घर पर बैठे रहे और वो उनकी जिंदगी का सबसे दर्दनाक समय था. शमी उस वक्त इतना तनाव महसूस कर रहे थे, जिसे झेलना उनके लिए नामुमकिन साबित हो रहा था. शमी ने बताया कि उस दौरान उन्होंने एक नहीं बल्कि तीन-तीन बार अपनी जिंदगी को खत्म करने के बारे में सोचा लेकिन परिवार से मिले सपोर्ट की वजह से उनकी जिंदगी बच गई.

टीम में एंट्री के लिए विराट कोहली से मांगी गई घूस



लॉकडाउन के दौरान टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने भी बड़ा खुलासा किया. 18 मई को विराट कोहली ने फुटबॉल कप्तान सुनील छेत्री से बातचीत करते हुए बताया कि राज्य की टीम में सेलेक्शन के लिए उनके पिता से घूस मांगी गई थी. सोचिए दुनिया के नंबर 1 बल्लेबाज को करियर के शुरुआती दिनों में ऐसी चीजें भी झेलनी पड़ी. विराट कोहली ने बताया कि वो काफी अच्छा खेल रहे थे और उसी दौरान एक कोच ने उनका राज्य की टीम में चयन के लिए पिता से पैसे मांगे. कोहली के पिता ने उस कोच साफ मना कर दिया और उन्होंने फिर विराट को अपने दम पर चयन कराने की नसीहत दी.



सुरेश रैना का दर्द सामने आया
साल 2011 में टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जिताने वाले सुरेश रैना (Suresh Raina) पिछले दो सालों से टीम इंडिया से बाहर हैं. सुरेश रैना ने लॉकडाउन के दौरान एक सोशल मीडिया लाइव पर अपना दर्द जाहिर किया. रैना ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें अभी तक नहीं पता कि चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम से क्यों निकाला है और साथ ही उनसे बात तक नहीं की गई. रैना ने कहा कि उन्हें आजतक किसी चयनकर्ता ने नहीं बताया कि टीम इंडिया में वापसी के लिए उन्हें क्या करना होगा. सुरेश रैना ने टीम इंडिया के सेलेक्टरों पर पेशेवर ना होने का आरोप भी लगाया.

इरफान पठान ने कहा-30 की उम्र में बताया बूढ़ा
सिर्फ सुरेश रैना नहीं लॉकडाउन में इरफान पठान (Irfan Pathan) ने भी चयनकर्ताओं के खिलाफ आग उगली. इरफान पठान ने अपने दिल की बात लोगों के सामने रखी. इरफान ने खुलासा किया कि साल 2012 में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ जबर्दस्त प्रदर्शन किया था, जिसके बाद उन्हें टीम में कभी नहीं चुना गया. पठान ने कहा कि इसके बाद उनसे कभी चयनकर्ताओं ने बात नहीं की. पठान ने कहा कि चयनकर्ताओं ने उन्हें 30 साल की उम्र में ही बूढ़ा मान लिया. पठान के मुताबिक अगर चयनकर्ता उन्हें बताते कि वो कैसे टीम में वापसी कर सकते हैं तो वो वापसी के लिए अपनी जान लगा देते.

युवराज सिंह का गुस्सा
लॉकडाउन में टीम इंडिया के सिक्सर किंग युवराज सिंह (Yuvraj Singh) का गुस्सा भी बाहर आया. युवराज सिंह ने भी चयनकर्ताओं पर सवाल खड़े किये. इस दिग्गज बल्लेबाज ने कहा कि जब चयनकर्ता ही 3-4 मैच खेले हुए हैं तो वो कैसे अच्छी टीम चुनेंगे. दरअसल युवराज सिंह साल 2019 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के नंबर 4 की समस्या पर अपनी राय दे रहे थे. युवराज सिंह ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि टीम इंडिया के सेलेक्टर्स की प्लेइंग इलेवन के लिए क्या सोच थी. युवराज सिंह ने कहा कि टीम इंडिया ने पूरे साल अंबाति रायडू को मौका दिया और आईपीएल में खराब प्रदर्शन के बाद उनकी जगह विजय शंकर को टीम में जगह मिली. इसके बाद ऋषभ पंत नंबर 4 पर खेलने लगे. युवराज सिंह ने कहा कि वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में नंबर 4 पर किसी गैरअनुभवी खिलाड़ी को मौका देना बहुत ही गलत फैसला था.

रोहित शर्मा को 2011 वर्ल्ड कप ना खेलने का दुख
3-3 दोहरे शतक जमाने वाले रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने भी लॉकडाउन के दौरान फैंस के सामने अपना दर्द बांटा. रोहित शर्मा ने बताया कि साल 2011 के वर्ल्ड कप में ना खेलना उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा गम है. रोहित ने बताया कि साल 2011 वर्ल्ड कप टीम में जगह ना मिलने उनके करियर का सबसे खराब समय था. रोहित ने बताया कि टूर्नामेंट घर में हो रहा था और 2011 वर्ल्ड कप का फाइनल उनके शहर मुंबई में था लेकिन वो टीम का हिस्सा नहीं थे. साफ है लॉकडाउन के दौरान भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने अपनी वो बातें फैंस से शेयर की, जो शायद वो सामान्य हालात में कभी नहीं कर पाते.

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First published: May 30, 2020, 8:56 PM IST
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