विराट कोहली का खुलासा- 2012 तक नहीं था मेरा सम्मान, विरोधी टीमों में खौफ पैदा करना था लक्ष्य

विरोधी टीम में खौफ पैदा करने के लिए विराट कोहली (Virat Kohli) ने क्या-क्या किया, इसका खुलासा उन्होंने एक इंटरव्यू में किया है

News18Hindi
Updated: September 7, 2019, 11:48 PM IST
विराट कोहली का खुलासा- 2012 तक नहीं था मेरा सम्मान, विरोधी टीमों में खौफ पैदा करना था लक्ष्य
विरोधी टीमों में खौफ पैदा करना था लक्ष्य- विराट कोहली
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Updated: September 7, 2019, 11:48 PM IST
नई दिल्ली: भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने एमी पुरस्कार विजेता पत्रकार ग्राहम बेनसिंगर (Graham Bensinger)  के साथ इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि विपक्षी टीम की निगाह में उनके लिए डर और सम्मान की कमी की वजह से ही उन्होंने अपना खेल बदला और वो असरदार खिलाड़ी बने. कोहली ने स्पोर्ट्स वेब-शो ‘इन डेप्थ विद ग्राहम बेनसिंगर’ (In Depth with Graham Bensinger) में बताया कि कैसे उन्होंने 2012 में ऑस्ट्रेलियाई दौरे से वापसी के बाद अपनी फिटनेस पर काम किया जिससे उनके खेल में सुधार हुआ.

विरोधी टीम में खौफ पैदा करना था लक्ष्य
कोहली ने ग्राहम बेनसिंगर (Graham Bensinger) को बताया, 'ऐसा भी समय था जब मैं बल्लेबाजी के लिये उतरता था तो विपक्षी खेमे में मेरे लिए कोई भय या सम्मान नहीं होता था. मैं मैदान में ऐसे नहीं जाना चाहता कि विपक्षी टीम सोचे कि यह खिलाड़ी इतना खतरनाक नहीं है. मैं सिर्फ कोई अन्य खिलाड़ी नहीं बनना चाहता था क्योंकि मैं असर डालना चाहता था.' कोहली ने कहा, 'मैं चाहता था कि जब मैं चलूं तो टीमों को सोचना चाहिए कि हमें इस खिलाड़ी को आउट करना चाहिए नहीं तो हम मैच गंवा देंगे.' उन्होंने साथ ही बताया कि फिटनेस कैसे उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गयी और कैसे इसने ब्रिटेन में विश्व कप के दौरान उन्हें तेजी से उबरने में मदद की.

विरोधियों से सम्मान पाने के लिए कड़ी मेहनत की- विराट कोहली


'वर्ल्ड कप में एनर्जी टॉप पर थी'
विराट कोहली (Virat Kohli) ने कहा, 'विश्व कप के दौरान हर मैच में मेरा एनर्जी लेवल 120 प्रतिशत रहता था. मैं इतनी तेजी से उबरा कि हर मैच में मैंने औसतन 15 किमी की दूरी तय की. मैं वापस आता और उबरने का उपचार करता और फिर दूसरे शहर में जाता और जल्द ही फिर से ट्रेनिंग के लिये तैयार रहता.' कोहली ने कहा, ' मुझमें इतनी एनर्जी होती थी कि मैं जिम सेशन में हिस्सा ले सका और 35 दिन के थोड़े से समय में 10 मैच खेल सका. मैंने हर मैच इसी एनर्जी से खेला, मुझे कभी भी ऐसा महसूस नहीं हुआ था. मेरे शरीर में कोई खिंचाव नहीं था.'

अच्छी डाइट, ट्रेनिंग से प्रदर्शन में सुधार- विराट कोहली

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ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद सब बदला
विराट कोहली (Virat Kohli) ने खुद की बल्लेबाजी को कड़ी मेहनत का नतीजा बताया. उन्होंने कहा, 'मैं जानता हूं कि जब मैं आया था तो मैं इतना कौशल रखने वाला खिलाड़ी नहीं था लेकिन मेरी एक चीज निरंतर रही कि मैं खुद पर काम करता रहा.' कोहली ने कहा, 'जब हम 2012 में ऑस्ट्रेलिया से वापस आये थे तो मैंने हममें और ऑस्ट्रेलिया के बीच काफी अंतर देखा. मैंने महसूस किया कि अगर हम अपने खेलने, ट्रेनिंग करने और खाने के तरीके में बदलाव नहीं करते हैं तो हम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों से नहीं भिड़ सकते.'

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First published: September 7, 2019, 8:16 PM IST
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