विराट कोहली ने चेताया- बायो-बबल में रहना मुश्किल, शेड्यूल पर देना होगा ध्यान

विराट कोहली ने कहा कि लगातार बायो-बबल में रहना खिलाड़ियों के लिए बहुत मुश्किल है. ऐसे में भविष्य में 
क्रिकेट टूर्नामेंट का शेड्यूल बनाते वक्त जिम्मेदारों को इस परेशानी की ओर ध्यान देना होगा. (फोटो-एएफपी)

विराट कोहली ने कहा कि लगातार बायो-बबल में रहना खिलाड़ियों के लिए बहुत मुश्किल है. ऐसे में भविष्य में क्रिकेट टूर्नामेंट का शेड्यूल बनाते वक्त जिम्मेदारों को इस परेशानी की ओर ध्यान देना होगा. (फोटो-एएफपी)

भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने बायो-बबल (Bio-Bubble Issue) में खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस की वजह से खिलाड़ी कई महीनों से बायो-बबल में रहने को मजबूर हैं. ऐसे में भविष्य में जिम्मेदारों को क्रिकेट शेड्यूल बनाते वक्त इस बात की ओर ध्यान देना होगा.

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  • Last Updated: March 29, 2021, 3:31 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने एक बार फिर बायो-बबल (Bio-Bubble Issue) में खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने भारत और इंग्लैंड के बीच खत्म हुई वनडे सीरीज के बाद इस मुद्दे पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस की वजह से खिलाड़ी पिछले कई महीनों से बायो-बबल में रहने को मजबूर हैं और अब उन्हें 9 अप्रैल से शुरू हो रहे आईपीएल के 14वें सीजन(IPL 14 Season) के दौरान भी इससे गुजरना होगा. जो वाकई खिलाड़ियों की परेशानी बढ़ाने वाला है. कोहली ने कहा कि भविष्य में क्रिकेट टूर्नामेंट के शेड्यूल पर ध्यान देना होगा. क्योंकि खिलाड़ियों के लिए दो-तीन महीने तक बायो-बबल में रहना बहुत मुश्किल होगा. उन्होंने आगे कहा कि आप ये उम्मीद नहीं कर सकते हैं कि सभी खिलाड़ी एक स्तर पर मानसिक रूप से मजबूत होंगे. कई बार आप बायो सिक्योर बबल से पूरी तरह ऊब जाते हैं और ऐसे में आप थोड़े बदलाव की उम्मीद करते हैं.

भारतीय कप्तान ने आगे कहा कि मुझे पक्का यकीन है कि इस विषय पर आगे जरूर चर्चा होगी और भविष्य में जरूरी बदलाव होंगे. लेकिन अब आईपीएल बिल्कुल करीब है. ये पूरी तरह अलग टूर्नामेंट है और इससे जुड़ी चुनौतियां भी नई होंगी. इस लीग में खेलने वाले ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पिछले साल अगस्त से ही बायो सिक्योर बबल में रह रहे हैं. खासतौर पर भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों की ती यही स्थिति है. इस दौरान खिलाड़ियों को एक से दूसरी सीरीज के बीच सिर्फ कुछ दिन का ही ब्रेक मिला है.

भारत के ज्यादातर खिलाड़ी 7 महीने से बायो-बबल में रह रहे

पिछले साल सितंबर से इस साल जनवरी तक टीम इंडिया के खिलाड़ी क्वारैंटाइन और आइसोलेशन में ही रह रहे हैं. बीते साल कोरोना की वजह से आईपीएल भारत की जगह यूएई में हुआ. टूर्नामेंट 19 सितंबर से 10 नवंबर तक चला. 53 दिन तक चले इस टूर्नामेंट के लिए ज्यादातर खिलाड़ी सितंबर के पहले हफ्ते में ही यूएई पहुंच गए थे. इस हिसाब से खिलाड़ियों को लीग के दौरान 70 दिन तक बायो-बबल में रहना पड़ा. आईपीएल के 17 दिन बाद टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में पहला वनडे खेला. यानी खिलाड़ियों को कुछ दिनों का ही ब्रेक मिला. क्योंकि ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए भी उन्हें 14 दिन क्वारैंटाइन में रहना था. भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा 19 जनवरी तक चला. यानी खिलाड़ियों को फिर तीन महीने बायो बबल में रहना पड़ा. इसके बाद टीम भारत लौटी और कुछ दिनों के ब्रेक के बाद इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट, टी20 और वनडे सीरीज की मेजबानी की. इस सीरीज के लिए भी खिलाड़ियों को दो महीने तक बायो-बबल में रहना पड़ा. यानी बीते 7 महीनों में ज्यादातर भारतीय खिलाड़ी क्वारैंटाइन, आइसोलेशन और बायो-बबल इन तीन शब्दों के बीच ही झूलते रहे. इस दौरान भारत ने 8 टेस्ट, 6 टी20 और इतने ही वनडे खेले.
रोटेशन पॉलिसी के कारण इंग्लिश खिलाड़ियों को जरूरी ब्रेक मिला: बटलर

इस अवधि में इंग्लैंड ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला. टीम श्रीलंका और भारत दौरे पर आई. लेकिन रोटेशन पॉलिसी के तहत उसने खिलाड़ियों को ब्रेक दिया. भारत के खिलाफ सीरीज खत्म होने के बाद उसके कई खिलाड़ी देश लौट गए हैं. लेकिन बेन स्टोक्स, जोस बटलर (राजस्थान रॉयल्स), जॉनी बेयरस्टो (सनराइजर्स हैदराबाद), सैम करेन(चेन्नई सुपर किंग्स), ऑयन मोर्गन(कोलकाता नाइटराइडर्स) अपनी टीम के साथ जुड़ने के लिए यहीं रूक गए हैं. रेगुलर कप्तान ऑयन मोर्गन के चोटिल होने के कारण आखिरी दो वनडे मैच में इंग्लैंड की कमान संभालने वाले जोस बटलर भी बायो-बबल को चुनौतीपूर्ण मानते हैं. लेकिन उन्होंने रोटेशन पॉलिसी का हवाला देते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों को बायो-बबल से बाहर निकलने का मौका मिला, जो उनकी मानसिक सेहत के लिए अच्छा रहा.

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इंग्लैंड अगले साल जनवरी तक तक 12 और टेस्ट खेलेगा

भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ियों को इस साल आईपीएल के बाद भी काफी क्रिकेट खेलनी है. इंग्लैंड 2021 में अब तक 6 टेस्ट खेल चुका है और जनवरी 2022 तक इंग्लिश टीम और 12 टेस्ट खेलेगी. इसमें भारत के खिलाफ घर में 5 टेस्ट, न्यूजीलैंड के खिलाफ 2 और ऑस्ट्रेलिय़ा में एशेज सीरीज के पांच टेस्ट शामिल हैं. इसके अलावा इंग्लैंड को अक्टूबर-नवंबर में भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप से पहले श्रीलंका, पाकिस्तान के खिलाफ सीमित ओवर की सीरीज भी खेलनी है.
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