Birthday Special: क्रिकेट के 'बादशाह' हैं वीरेंद्र सहवाग, रिकॉर्ड्स देते हैं गवाही

वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) का आज अपना 42वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं.
वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) का आज अपना 42वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं.

टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक बनाने वाले टीम इंडिया के पूर्व धाकड़ बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) का आज अपना 42वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं. 'नजफगढ़ के नवाब' कहे जाने वाले सहवाग को क्रिकेट का सबसे विस्फोटक बल्लेबाज माना जाता है.

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  • Last Updated: October 20, 2020, 9:47 AM IST
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नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक बनाने वाले टीम इंडिया के पूर्व धाकड़ बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) का आज अपना 42वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं. 'नजफगढ़ के नवाब' कहे जाने वाले सहवाग को क्रिकेट का सबसे विस्फोटक बल्लेबाज माना जाता है. सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को दिल्ली में एक जाट परिवार में हुआ, उनके पिता अनाज के व्यापारी थे. अपने शानदार करियर में वीरू ने 104 टेस्ट और 251 वनडे खेले और क्रमशः 8586 और 8273 रन बनाए हैं. उन्होंने 19 टी-20 में भी 394 रन बनाए. सहवाग ने अपने इंटरनेशनल करियर में कुल 38 शतक ठोके. सहवाग ने कई मौकों पर टीम की कप्तानी भी की.

खराब रहा था वनडे डेब्यू
वीरेंद्र सहवाग ने पाकिस्तान के खिलाफ साल 1999 में पहला वनडे मैच खेला जिसमें उन्होंने महज 1 रन बनाया और उन्होंने अपने 3 ओवर में 35 रन लुटा दिए. डेब्यू में खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और उन्हें दूसरे मैच के लिए एक साल का इंतजार करना पड़ा. सहवाग का करियर उनके चौथे वनडे से चमका जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 58 रन बनाए और इसके साथ-साथ उन्होंने 3 विकेट भी लिए.

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टेस्ट में किया धमाकेदार डेब्यू


वीरेंद्र सहवाग का टेस्ट डेब्यू बेहद धमाकेदार रहा. साल 2001 में सहवाग ने नंबर 6 पर बल्लेबाजी करते हुए 105 रन ठोक डाले. सहवाग ने सचिन के साथ 220 रनों की अहम साझेदारी की. हालांकि टीम इंडिया ये मैच हार गई. अपने छठे टेस्ट मैच में सहवाग ने डेब्यू किया और उन्होंने पहले दो टेस्ट मैचों में ही 84 और 106 रनों की पारी खेल खुद को ओपनर के तौर पर टीम इंडिया में स्थापित कर लिया.

सहवाग ने जीते दो वर्ल्ड कप
वीरेंद्र सहवाग अपने करियर में 3 वनडे और एक टी20 वर्ल्ड कप खेले. साल 2003 में सहवाग वर्ल्ड कप फाइनल खेले जहां टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया से हार झेलनी पड़ी. साल 2007 में तो टीम इंडिया लीग राउंड से ही बाहर हो गई. इसके बाद साल 2011 में भारतीय टीम वर्ल्ड कप जीती जिसमें सहवाग ने 47.50 के औसत से 380 रन ठोके.

सचिन के बाद वनडे में 1000 चौके लगाने वाले दूसरे क्रिकेटर
सहवाग खुद को मम्मी का बेटा कहते हैं. उन्हें मां कृष्णा सहवाग द्वारा बनाई खीर सबसे ज्यादा पसंद है. सहवाग का कहना है कि यदि वह क्रिकेटर नहीं होते तो फार्मेसिस्ट होते. सहवाग को क्रिकेट का सबसे विस्फोटक ओपनर माना जाता है. सचिन तेंदुलकर के बाद वह दूसरे क्रिकेटर हैं, जिन्होंने टेस्ट और वनडे में 1000 चौके लगाए हैं.

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सहवाग ने 31 बार जीता 'मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड'
'मुल्तान के सुल्तान' वीरेंद्र सहवाग ने 31 बार मैन आफ दि मैच का अवार्ड जीता. इस लिस्ट में वह सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली से पीछे हैं. 2008 और 2009 में वह पहले भारतीय बने, जिन्हें 'विजडन लीडिंग क्रिकेटर' का सम्मान मिला. सहवाग ने अपना अधिकांश करियर ओपनर के रूप में बिताया, लेकिन शुरू में वह मध्यक्रम के बल्लेबाज थे. 2002 में सौरव गांगुली ने मध्यक्रम में जगह न होने के कारण ओपनिंग करने के लिए कहा.

मेलबर्न में खेली शानदार 195 रन की पारी
2003 में सहवाग ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर सहवाग ने शानदार 195 रन की पारी खेली. बेशक वह पांच रन से दोहरा शतक चूक गए, क्योंकि उन्होंने छक्का मारने की कोशिश की थी. जब उनसे दोहरा शतक ना बना पाने की बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा, मैं छक्के से 6 यार्ड दूर रह गया. बिंदास अंदाज में खेलने वाले वीरु टेस्‍ट क्रिकेट में पांच नर्वस नाइंटीज (90, 90, 92, 96 और 99) का शिकार होने के अलावा दो बार 190 और 293 रन पर आउट हुए हैं.

दोहरे शतक बनाने के मामले में की इन दिग्गजों की बराबरी
ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रैडमैन, वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा और क्रिस गेल के बाद सहवाग दुनिया के केवल चौथे क्रिकेटर हैं, जिन्होंने दो तिहरे शतक बनाए हैं. टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज तिहरा शतक बनाने का रिकॉर्ड उनके नाम है. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 270 गेंदों पर 300 रन बनाए थे.

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वनडे क्रिकेट में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड था नाम
एक समय तक सहवाग वनडे क्रिकेट में सबसे तेज शतक (62 गेंदों पर) बनाने का रिकॉर्ड उनके नाम था. 2013 में उनका यह रिकॉर्ड विराट कोहली ने तोड़ा था. सहवाग की एक यह भी जिद होती थी कि वह अपने शतक को बड़े स्कोर में बदलने की कोशिश करते. उन्होंने 11 बार शतक को 150 से ऊपर तक पहुंचाया. 2011 के विश्व कप में सहवाग ने पांच बार पहली ही गेंद पर चौका लगाया.

सहवाग के नाम दर्ज है यह खास रिकॉर्ड
सहवाग ने अपने करियर के 23 टेस्ट शतकों में से 7 के लिए 100 से भी कम गेंदें खेली, जो कि रिकॉर्ड है. टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ 5 दोहरे शतक 200 से कम गेंदों में लगे हैं, जिनमें से 3 सहवाग के नाम हैं. जबकि उन्‍होंने अपने 6 दोहरे शतकों में से 5 बनाने के लिए 230 से भी कम गेंदें खेलीं. टेस्ट क्रिकेट में सहवाग ने 2 तिहरे शतक लगाने के साथ ही एक पारी में 5 विकेट भी लिए हुए हैं. ये कारनामा दुनिया के किसी और क्रिकेटर ने नहीं किया है.

सचिन के साथ भारत की सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी में से एक
सचिन तेंदुलकर के साथ वीरु ने 93 पारियों में वनडे पारी शुरू की. इस दौरान 42.13 के औसत से 3919 रन बने और 12 बार शतकीय साझेदारियां हुईं. यह सचिन और गांगुली (136 पारी, 6609 रन, 21 शतकीय साझेदारी) के बाद भारत की सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी है.
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