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वीरेंद्र सहवाग बोले- सुविधाएं होती तो मैं भी कम उम्र में टीम इंडिया के लिए डेब्यू करता

वीरेंद्र सहवाग को है कम सुविधाओं का मलाल! (PC-वीरेंद्र सहवाग इंस्टाग्राम)

वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने संजय बांगड़ की ऐप लॉन्च करते हुए कहा कि उन्होंने टीवी पर सचिन को देखकर स्ट्रेट ड्रॉइव सीखा और वो उनकी नकल करते थे.

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    नई दिल्ली. भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने बुधवार को यादों की परतें खोलते हुए बताया कि कैसे वह महान बल्लेबाज और लंबे समय तक अपने सलामी जोड़ीदार रहे सचिन तेंदुलकर की नकल करने का प्रयास करते थे जिन्हें उन्होंने पहली बार 1992 विश्व कप में बल्लेबाजी करते टीवी पर देखा था . सहवाग ने कहा ,'क्रिकेट मैदान पर खेला जाता है लेकिन काफी कुछ सीखा जा सकता है .यदि मैं अपना उदाहरण दूं तो मैने 1992 विश्व कप से क्रिकेट देखना शुरू किया और उस समय मैं सचिन की बल्लेबाजी देखकर उनकी नकल करने का प्रयास करता था .'

    सहवाग ने कहा ,' वह कैसे स्ट्रेट ड्राइव लगाते थे या बैकफुट पंच मारते थे . मैने 1992 में टीवी पर देखकर काफी कुछ सीखा .' सहवाग ने कहा कि उन्होंने स्ट्रेट ड्राइव ही सचिन को देखकर सीखा था. भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और सहवाग के साथ क्रिकगुरू ऐप के सह संस्थापक संजय बांगड़ ने ऐप के लांच के मौके पर कहा ,' आजकल के समय में आपके पास अपने पसंदीदा क्रिकेटरों के वीडियो हैं मसलन एबी डिविलियर्स, ब्रायन लारा, क्रिस गेल या वीरेंद्र सहवाग या कोई और . हमारे समय में वीडियो उपलब्ध नहीं थे .'

    सुविधाएं होती तो जल्दी होता इंटरनेशनल डेब्यू
    सहवाग ने कहा ,'हमारे समय में ऐसी सुविधायें नहीं थी कि किसी से ऑनलाइन बात करके या वीडियो सबस्क्राइब करके सीखा जा सके . अगर ऐसा होता तो मैं जरूर करता और बेहतर सीख पाता.' खेल के मानसिक और तकनीकी दोनों पहलुओं पर जोर देते हुए सहवाग ने कहा ,' मानसिक पहलू अहम है और हमने उसी को ध्यान में रखकर यह ऐप लांच किया है . इसके बाद हम क्रिकेट की तकनीक पर बात करेंगे.'

    सहवाग के पांव क्रीज पर ज्यादा नहीं चलते थे और इस मामले में उनकी मदद कई दिग्गज खिलाड़ियों ने की. सहवाग ने बताया कि कैसे मंसूर अली खान पटौदी, सुनील गावस्कर और श्रीकांत की सलाह ने उनका खेल सुधारने में मदद की. सहवाग ने बताया, 'हर कोई मुझे कहता था कि आप अपने पैरों का इस्तेमाल सही करो लेकिन कोई नहीं बताता था कि इसे कैसे सही किया जाए. लेकिन मंसूर अली खान पटौदी, सुनील गावस्कर और के श्रीकांत ने मुझे मिडिल स्टंप पर खड़ा होने की सलाह दी.'
    Published by:Anoop Dev Singh
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