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इन दिग्गजों की राह पर रोहित शर्मा... जिन्होंने मध्यक्रम से ओपनिंग पर आकर मचाया धमाल

News18Hindi
Updated: October 2, 2019, 1:54 PM IST
इन दिग्गजों की राह पर रोहित शर्मा... जिन्होंने मध्यक्रम से ओपनिंग पर आकर मचाया धमाल
रोहित शर्मा पहली बार टेस्ट क्रिकेट में ओपनिंग कर रहे हैं

रोहित शर्मा (Rohit Sharma) टेस्ट क्रिकेट में पहली बार ओपनिंग कर रहे हैं और बतौर ओपनर अपने पहले ही मैच में उन्होंने कमाल कर दिया

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  • Last Updated: October 2, 2019, 1:54 PM IST
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नई दिल्ली. इसमें कोई शक नहीं है कि रोहित शर्मा  (Rohit Sharma) सीमित ओवर क्रिकेट में दुनिया के सबसे बेहतरीन ओपनर्स में से एक हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने अभी तक सिर्फ मिडिल ऑर्डर पर भी अपना दम दिखाया था, लेकिन साउथ अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ विशाखापत्तनम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पहले दिन ही उन्होंने साबित कर दिया था कि वह दुनिया के बेहतरीन ओपनर हैं. फिर चाहे सीमित ओवर क्रिकेट हो या  फिर सबसे लंबा फॉर्मेट. बतौर ओपनर अपना पहला मैच खेल रहे रोहित शर्मा (Rohit Sharma)  ने शतक जड़कर भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई. साउथ अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में जहां ओपनिंग करते हुए वह डक हो गए थे, वहीं उन्होंने पहली परीक्षा में ही अपनी ताकत दिखा दी. हालांकि रोहित से पहले विश्व क्रिकेट में कुछ ही ऐसे बल्‍लेबाज हुए हैं, जो मिडिल से टॉप ऑर्डर पर आकर सफल हुए. इनमें से एक भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग भी हैं. रोहित शर्मा ने मिडिल ऑर्डर पर 47 पारियां खेली, जिसमें 39.62 की औसत से 1585 रन बनाए.

वीरेंद्र सहवाग
भारत के तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली ने भारत के टॉप ऑर्डर की समस्या को दूर करने के लिए वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) को मिडिल से टॉप पर आने के लिए राजी किया. सहवाग घरेलू क्रिकेट में भी मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज थे, लेकिन वह टॉप ऑर्डर पर आए और जल्द ही वहां पर जम गए. सहवाग ने शतक लगाकर टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था, लेकिन उन्होंने लॉर्ड्स में बेहतरीन पारी खेल सभी को प्रभावित किया. इसके बाद नॉटिंघम में शतक और फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ 147 रन की पारी खेली. वह तिहरा शतक लगाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज भी है. 2004 में मुल्तान में सहवाग ने यह ऐतिहासिक पारी खेली थी. मिडिल ऑर्डर पर सहवाग (Virender Sehwag) ने 10 मैचों में 37.9 की औसत से 379 रन बनाए. वही टॉप ऑर्डर पर 50.04 की औसत से 170 मैचों में 8207 रन बनाए.

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साैरव गांगुली के कहने पर वीरेंद्र सहवाग ओपनिंग पर आए थे


सिमोन कैटिच
सिमोन कैटिच (Simon Katich) ने 2001 में टेस्ट डेब्यू किया था. वह मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज थे, लेकिन खराब प्रदर्शन के चलते 2005 में उन्हें ड्रॉप कर दिया गया था.  वह 2007 में नेशनल अनुबंध भी गंवा चुके थे. इसके बाद उन्होंने  घरेलू टूर्नामेंट न्यू साउथ वेल्स की ओर से 1506 रन बनाते हुए माइकल बेवान का किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी तोड़ा. इसकी बदौलत वेस्टइंडीज दौरे के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम में उनकी वापसी  हुई. जहां उन्हें ओपनिंग करने के लिए कहा गया. इसके बाद तो उन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में 50 से अधिक की औसत से 2928 रन बनाए. वहीं मिडिल ऑर्डर पर उनका औसत 36 का ही था.

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सिमोन कैटिच मिडिल ऑर्डर पर खराब प्रदर्शन के कारण टीम से बाहर तक हो गए थे
रवि शास्‍त्री 
रवि शास्‍त्री (Ravi Shastri) ने नंबर 10 पर बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा था. लेकिन इसके बाद वह टीम में ऊपर आते गए. न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के तीसरे मैच की पहली पारी में वह सातवें नंबर पर आए. हालांकि दूसरी पारी में वह नंबर नौ चले गए थे. बल्लेबाजी से उनकी काबिलियत उस समय सबके सामने आई, जब उन्होंने मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ नंबर छह पर बल्लेबाजी करते हुए 134 गेंदों पर 33 रन बनाकर भारत को जीत दिलाई. दो टेस्ट बाद ही उन्होंने शतक जड़ा और फिर 1982 में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में पारी का आगाज किया. हालांकि वह उस समय तो सफल नहीं हो पाए, लेकिन बात में वह‌ भारत के स्टार सलामी बल्लेबाज बन गए. मिडिल ऑर्डर पर रवि शास्‍त्री का औसत 33.28  का था तो बतौर ओपनर 44.04 का रहा.

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रवि शास्‍त्री ने निचले क्रम पर बल्लेबाजी से किया था करियर का आगाज


सनथ जयसूर्या
श्रीलंका के सनथ जयसूर्या (Sanath Jayasuriya) के लिए शुरुआत में माना जाता था कि वे एक ऐसे गेंदबाज हैं, जो बल्लेबाजी भी कर सकते हैं. जयसूर्या ने पहली बार 1993 में भारत के खिलाफ श्रीलंकाई पारी का आगाज किया था और जल्द वनडे में वह श्रीलंका के स्टार सलामी बल्लेबाज बन गए. कप्तान अर्जुन रणतुंगा के कहने पर वह टेस्ट क्रिकेट में भी रोशन माहानामा के साथ ओपनिंग करने उतरे, लेकिन वह एक मैच में सिर्फ 9 और एक रन ही बना पाए.

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सनथ जयसूर्या ने 1997 में भारत के खिलाफ 340 रन की पारी खेली थी


श्रीलंकाई टीम से करीब साल भर बाहर रहने के बाद उन्होंने 1996 में वापसी कर और दमदार प्रदर्शन किया. जयसूर्या (Sanath Jayasuriya) ने 1997 में भारत के खिलाफ 340 रन की पारी खेली थी, जिसके दम पर श्रीलंका ने छह विकेट के नुकसान पर एक ही पारी में 952 रन बना दिए थे. जयसूर्या ने बतौर ओपनर 41.48 की औसत से अपना टेस्ट करियर खत्म किया.

तिलकरत्ने दिलशान 
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबा समय बिताने के बाद तिलकरत्ने दिलशान (Tillakaratne Dilshan) ने अपने 52वें टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रीलंकाई पारी का आगाज किया और पहली पारी में 72 गेंदों पर 92 रन बनाए. जबकि दूसरी पारी में शतक जड़ा.

श्रीलंकाई टीम के करीब साल भर बाहर रहने के बाद उन्होंने 1996 में वापसी कर और दमदार प्रदर्शन किया. जयसूर्या (Sanath Jayasuriya) ने 1997 में भारत के खिलाफ 340 रन की पारी खेली थी, जिसके दम पर श्रीलंका ने छह विकेट के नुकसान पर एक ही पारी में 952 रन बना दिए थे. जयसूर्या ने बतौर ओपनर 41.48 की औसत से अपना टेस्ट करियर खत्म किया.
तिलकरत्ने दिलशान का बतौर ओपनर औसत  42.54 का रहा


टॉप ऑर्डर पर उन्होंने उस साल छह शतक जड़े थे और 64.52 की  औसत से 1327 रन बनाए थे. उन्होंने 29 टेस्ट मैच में ओपनिंग की, जिसमें 2170 रन बनाए. मिडिल ऑर्डर पर उनके करियर का औसत 36 का रहा तो वहीं बतौर ओपनर औसत 42.54 का रहा.

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First published: October 2, 2019, 1:30 PM IST
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