क्रिकेट सीरीज से बड़े हैं ओलिंपिक और राष्ट्रमंडल खेल: वीरेंद्र सहवाग

वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने कहा कि भारत (India) में अन्य खिलाड़ियों को क्रिकेटरों की तुलना में बेहद कम ‘सुविधाएं’ मिलती हैं.

भाषा
Updated: August 29, 2019, 7:22 PM IST
क्रिकेट सीरीज से बड़े हैं ओलिंपिक और राष्ट्रमंडल खेल: वीरेंद्र सहवाग
वीरेंद्र सहवाग.
भाषा
Updated: August 29, 2019, 7:22 PM IST
भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने गुरुवार को कहा कि ओलिंपिक (Olympic)और राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) जैसी बहु खेल प्रतियोगिताएं क्रिकेट प्रतियोगिताओं से बड़ी हैं. एक किताब के विमोचन के दौरान सहवाग ने कहा कि अन्य खिलाड़ियों को क्रिकेटरों की तुलना में बेहद कम ‘सुविधाएं’ मिलती हैं. सहवाग ने ‘उम्मीद’ नाम की किताब लांच की जिसे एपिक चैनल और रूपा पब्लिकेशन ने तैयार कराया है.

सहवाग ने कहा, ‘मैं हमेशा से सोचता रहा हूं कि ओलिंपिक और राष्ट्रमंडल खेल क्रिकेट प्रतियोगिताओं से बड़े हैं. मैं हमेशा से सोचता था कि इन खिलाड़ियों का काफी अच्छी तरह ख्याल रखा जाता है, उन्हें अच्छा खाना और पोषक तत्वों के अलावा फिजियो और ट्रेनर मिलते हैं.’

वीरेंद्र सहवाग.


बाकी खिलाड़ियों को क्रिकेटरों की 10 प्रतिशत सुविधा भी नहीं

उन्होंने कहा, ‘लेकिन जब मैं उनसे मिला और उन्हें जानने का मौका मिला, मैंने महसूस किया कि जो भी सुविधाएं हमें (क्रिकेटरों को) मिलती है, इन खिलाड़ियों को उनका 10 या 20 प्रतिशत भी नहीं मिलता. इसके बावजूद वे पदक जीत रहे हैं. हमें जो मिल रहा है वह उससे कहीं अधिक के हकदार हैं क्योंकि वे भारत के लिए पदक जीत रहे हैं.’

भारत की ओर से 1999 से 2013 के बीच 104 टेस्ट और 251 एकदिवसीय मैच खेलने वाले सहवाग ने कहा कि क्रिकेटर अपने कोचों को उतना श्रेय नहीं देते जितना अन्य खिलाड़ी देते हैं. सहवाग ने कहा, 'क्रिकेटरों के जीवन में कोचों की बड़ी भूमिका होती है लेकिन हम उन्हें पर्याप्त श्रेय नहीं देते.’

कोच को भूल जाते हैं क्रिकेटर 
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उन्होंने कहा, ‘हम क्रिकेटर अपने कोच को उतना श्रेय नहीं देते जितना अन्य खिलाड़ी देते हैं. शायद ऐसा इसलिए है क्योंकि जब आप देश के लिए खेलना शुरू करते हो तो क्रिकेटर अपने कोच को भूल जाते हैं क्योंकि उन्हें उनसे मिलने और बात करने का अधिक मौका नहीं मिलता. लेकिन अन्य खेलों में उन्हें शुरू से अंत तक कोच की जरूरत होती है और कोच भी उनके साथ काफी समय बिताते हैं.’

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First published: August 29, 2019, 7:17 PM IST
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