Home /News /sports /

सहवाग ने सभी कप्तानों को याद किया, धोनी को भूले

सहवाग ने सभी कप्तानों को याद किया, धोनी को भूले

क्रिकेट को अलविदा कह चुके वीरेंद्र सहवाग ने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले के साथ चैंपियन बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर में उनके मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया।

क्रिकेट को अलविदा कह चुके वीरेंद्र सहवाग ने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले के साथ चैंपियन बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर में उनके मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया।

क्रिकेट को अलविदा कह चुके वीरेंद्र सहवाग ने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले के साथ चैंपियन बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर में उनके मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया।

    नई दिल्ली। क्रिकेट को अलविदा कह चुके वीरेंद्र सहवाग ने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले के साथ चैंपियन बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में उनके मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया। सहवाग ने हालांकि महेंद्र सिंह धोनी का नाम नहीं लिया जिनकी कप्तानी में उन्होंने करीब छह साल तक भारत के लिए खेला।

    बीसीसीआई ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चौथे और आखिरी टेस्ट की शुरूआत से पहले सहवाग को सम्मानित किया। बोर्ड सचिव अनुराग ठाकुर ने उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें चमचमाती ट्राफी भेंट की। सहवाग के साथ उनकी मां कृष्णा सहवाग, पत्नी आरती और बेटे आर्यवीर तथा वेदांत मौजूद थे।

    सहवाग ने अपने विदाई भाषण में बीसीसीआई, डीडीसीए, अपने पहले कोच ए एन शर्मा और दिल्ली अंडर 19 टीम में उन्हें चुनने वाले सतीश शर्मा को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मैं अपने पिता को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने मुझे क्रिकेट खेलने की अनुमति दी। मैं अपने सारे कोचों खासकर ए एन शर्मा को धन्यवाद दूंगा जिन्होंने मुझे ऐसा क्रिकेटर बनाया।

    हाल ही में क्रिकेट को अलविदा कहने वाले वीरेंद्र सहवाग ने अपने पहले टेस्ट शतक को सबसे यादगार पल बताया लेकिन कहा कि अपने शानदार कैरियर में दो बार तिहरा शतक जड़ने के बावजूद 400 रन तक नहीं पहुंच पाने का उन्हें मलाल है।

    सहवाग ने कहा कि मेरा सबसे यादगार पल मेरा पहला टेस्ट शतक है क्योंकि जब मैने खेलना शुरू किया तब सभी कहते थे कि सहवाग वनडे क्रिकेट का बल्लेबाज है लेकिन मैने सोचा कि यदि मैने चार दिन के रणजी मैचों में इतने रन बनाए हैं तो मुझे टेस्ट खेलने का मौका भी मिलना चाहिए।

    उन्होंने बीसीसीआई द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में कहा कि जब मुझे मौका मिला तो मैं काफी रोमांचित था। यही वजह है कि मैने जब टेस्ट क्रिकेट में पहला शतक जमाया तो वह मेरे लिए सबसे यादगार पल बन गया। यह पूछने पर कि वह करियर में और क्या हासिल कर सकते थे, सहवाग ने कहा कि शायद मैं 400 रन बनाकर ब्रायन लारा का रिकॉर्ड तोड़ सकता था। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि मैं 400 रन बना सकता था लेकिन मैं 319 रन बनाकर आउट हो गया।

    Tags: Mahendra Singh Dhoni, Saurav ganguly, Virendra Sehwag

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर