संन्यास के 16 साल बाद सकलैन मुश्ताक ने सचिन तेंदुलकर को लेकर किया चौंकाने वाला खुलासा

संन्यास के 16 साल बाद सकलैन मुश्ताक ने सचिन तेंदुलकर को लेकर किया चौंकाने वाला खुलासा
सचिन तेंदुलकर टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं.

टीम इंडिया (Team India) के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने साल 2014 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 15, 2020, 4:26 PM IST
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नई दिल्ली. साल 1999 में भारत और पाकिस्तान (India vs Pakistan) के बीच चेन्नई (Chennai) में खेला गया टेस्ट इतिहास के पन्नों में दर्ज है. एक रोमांचक मुकाबले के तौर पर. इस मैच में भारतीय टीम 271 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 81 रनों पर पांच विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने नयन मोंगिया के साथ मिलकर पारी को संभाला. मोंगिया 52 रन बनाकर आउट हो गए. तब भारत का स्कोर 218 रन था. सचिन शतक पूरा कर चुके थे और जब लग रहा था कि वो भारत को जीत दिलाकर ही लौटेंगे, पाकिस्तान के दिग्गज स्पिनर सकलैन मुश्ताक (Saqlain Mushtaq) ने उन्हें आउट कर दिया. इसी के साथ भारतीय टीम 258 रनों पर सिमट गई और 12 रनों से ये मैच गंवा बैठी. अब संन्यास लेने के 16 साल बाद मुश्ताक ने सचिन को लेकर एक खुलासा किया है.

मेरा नाम उनके नाम के साथ जुड़ा रहेगा
इंस्टाग्राम लाइव चैट पर स्पोटर्सस्टार से बातचीत में सकलैन मुश्ताक (Saqlain Mushtaq) ने इस मैच को याद करते हुए कहा कि उस दिन भगवान मेरे साथ थे. मैंने नहीं सोचा था कि मैं सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को आउट कर लूंगा, लेकिन जब भगवान योजना बनाता है तो फिर कोई उसे बदल नहीं सकता. मेरी आखिरी सांस तक ये बात मुझे गर्व महसूस कराती रहेगी कि उस दिन मैंने सचिन तेंदुलकर को आउट किया था. मेरा नाम उनके नाम के साथ जुड़ा रहेगा. मुश्ताक ने साल 2004 में संन्यास ले लिया था.

सचिन को दूसरा डालते हुए डर रहा था...



सकलैन मुश्ताक (Saqlain Mushtaq) ने बताया, वसीम अकरम को मुझ पर विश्वास था कि मैं टीम के लिए कुछ जादुई प्रदर्शन करूंगा. उनके इन शब्दों ने मुझे काफी मजबूती दी. मैंने कुछ बाउंड्री जरूर खाईं, लेकिन सचिन को आउट कर लिया. सचिन की आंखें बेहद तेज थीं और पिच पर वह सबकुछ पढ़ लेते थे. आप विश्वास नहीं करेंगे मैं उन्हें दूसरा डालते हुए डर रहा था. मुझे खौफ था कि वह इस गेंद पर चौका जड़ सकते हैं. ये उनकी ताकत थी.



पाकिस्तान के दिग्गज गेंदबाज ने कहा, भारत का दौरा करना हमेशा मजेदार रहता था. लोग बहुत मिलनसार थे. आप शॉपिंग करने निकलो या रेस्तरां में जाओ तो कोई आपसे पैसे नहीं लेता था. लोगों का इस तरह का स्वभाव था. मगर मैदान पर हम जानते थे कि हम हारना मंजूर नहीं कर सकते.

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