Home /News /sports /

we are still awaiting the kohinoor diamond sunil gavaskar asks english commentator alan wilkins during ipl match

IPL 2022: ब्रिटिश कमेंटेटर से बोले सुनील गावस्कर,'अपनी सरकार से कहो हमारा कोहिनूर वापस दें'

IPL 2022: सुनील गावस्कर ने ब्रिटिश सरकार से कोहिनूर हीरा वापस मांगा है! (pc: sunil gavaskar instagram)

IPL 2022: सुनील गावस्कर ने ब्रिटिश सरकार से कोहिनूर हीरा वापस मांगा है! (pc: sunil gavaskar instagram)

Sunil Gavaskar Kohinoor Comment Goes Viral On Social Media: सोशल मीडिया पर सुनील गावस्कर का एक कमेंट वायरल हो गया है. आईपीएल के एक मुकाबले के दौरान गावस्कर ने साथी कमेंटेटर एलेन विल्किन्स से कोहिनूर की मांग कर दी. विल्किन्स ब्रिटिश कमेंटेटर हैं.

अधिक पढ़ें ...

नई दिल्ली. भारत के महान बैटर महान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) अपने मजाकिया शब्दों के साथ क्रिकेट के गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं. आईपीएल में एक मुकाबले के दौरान गावस्कर ने अपने ही अंदाज में साथी ब्रिटिश कमेंटेटर एलन विलिंक्स से ‘कोहिनूर’ हीरा वापस मांग लिया. राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स (RR vs LSG) के बीच मैच में ब्रेक के दौरान गावस्कर और विल्किंस कमेंट्री कर रहे थे. वहीं, स्क्रीन पर मरीन ड्राइव का खूबसूरत नजारा दिख रहा था.

विल्किंस ने गावस्कर से मरीन ड्राइव की प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन करने का अनुरोध किया़. मरीन ड्राइव की तुलना रानी के हार से करते हुए गावस्कर ने विल्किंस से कहा, “हम अभी भी कोहिनूर हीरे की प्रतीक्षा कर रहे हैं.” गावस्कर की टिप्पणी पर विल्किंस और साथी कमेंटेरर हंसने लगे. गावस्कर की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.

कोहिनूर हीरे का इतिहास
भारत का गौरव कहे जाने वाले कोहिनूर की बात करें तो ये इस समय ब्रिटेन की महारानी के ताज की शोभा बढ़ा रहा है. कोहिनूर को अकबर से लेकर शाहजहां तक ने पहना है. इसके बाद कोहिनूर को ईरान के लुटेरे भी ले गए. जब यह वापस आया तो अंग्रेज ले गए. कोहिनूर सबसे पहले 12वीं शताब्दी में काकतीय साम्राज्य के पास था. जहां वारंगल के एक मंदिर में कोहिनूर हिंदू देवता की आंख के तौर पर मंदिर की शोभा बढ़ा रहा था.

मलिक काफूर ने सबसे पहले कोहिनूर को लूटा
अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति मालिक काफूर ने 1310 में इसे मंदिर से लूटकर और खिलजी को भेंट किया था. इसके बाद इसने दिल्ली सल्तनत के विभिन्न राज्यों की शोभा बढ़ाई. बाबर ने 1526 में इब्राहिम लोधी से दिल्ली की सत्ता छीनने के साथ ही इसे भी छीन लिया. बाबर के बाद हुमायूं ने इसे ‘बाबर हीरे’ का नाम दिया. तब से कोहिनूर मुगल सल्तनत के पास बना रहा.

Brian Lara 400 Not Out: जब लारा ने मारा तो अंग्रेज गेंदबाज कह उठे त्राहिमाम, जानिए पूरा किस्सा

ईरानी आक्रमणकारी नादिर शाह ने भी हीरे को लूटा
मुगल सल्तनत के आखिरी दिनों में इसे ईरानी आक्रमणकारी नादिर शाह ने लूट लिया. इस हीरे को अफगानिस्तान का शासक अमहद शाह दुर्रानी भी अपने साथ ले गया. इसके बाद उसके उत्तराधिकारी शुजा शाह दुर्रानी ने अफगानिस्तान से भागकर लाहौर आने के बाद शरण मांगी और कोहिनूर को महाराजा रणजीत सिंह को भेंट कर दिया.

हार्दिक पंड्या ने हार की दिलचस्प वजह बताई, कहा-हैदराबाद के गेंदबाज अलग-अलग लंबाई के हैं

कहा जाता है कि महाराजा रणजीत सिंह से छल करके अंग्रेज इसे इंग्लैंड ले गए. कुछ लोगों का कहना है कि महाराजा रणजीत सिंह की मौत के बाद उनके 13 वर्षीय वारिस दिलीप सिंह ने कोहिनूर को अंग्रेजों को भेंट कर दिया और फिर इसे महारानी विक्टोरिया के ताज में जड़वा दिया गया और तब ये अंग्रेजों के पास है. भारत सरकार अक्सर ब्रिटेन से कोहिनूर हीरा वापस देने की मांग करती है.

Tags: IPL 2022, Rajasthan Royals, Sunil gavaskar

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर