15 नवंबर को सचिन तेंदुलकर ने किया था डेब्यू, इसी दिन कह दिया था क्रिकेट को अलविदा

आज ही के दिन सचिन तेंदुलकर ने किया था डेब्यू और 15 नवंबर को खेला था आखिरी मैच

आज ही के दिन 'क्रिकेट के भगवान' ने अपने सफर का पहला कदम आगे बढ़ाया था. सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkr) 30 साल पहले 15 नवंबर 1989 में पहली बार क्रीज पर उतरे थे.

  • Share this:
    नई दिल्ली. दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों के दिल में 15 नवंबर का दिन हमेशा यादगार रहता है. आखिर हो भी क्‍यों ना, आज ही के दिन 'क्रिकेट के भगवान' ने अपने सफर का पहला कदम आगे बढ़ाया था. सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkr) 30 साल पहले 15 नवंबर 1989 में पहली बार क्रीज पर उतरे थे और वह भी किसी और टीम के खिलाफ नहीं, बल्कि चिर प्रतिद्ंवद्वी पाकिस्‍तान के खिलाफ उन्‍होंने अपने करियर का आगाज किया था. इतना ही नहीं सचिन तेंदुलकर ने 15 नवंबर के दिन ही अपना आखिरी मैच भी खेला था.

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सचिन तेंदुलकर की दो फोटो शेयर की है. पहली फोटो 1989 की, जब उन्‍होंने डेब्‍यू किया और दूसरी फोटो 2013 की है, जब वह आखिरी बार मैदान पर उतरे. यह एक संयोग ही था कि तेंदुलकर ने 15 नवंबर को आखिरी बार मैदान छोड़ा था. 14 से 16 नवंबर तक वेस्‍टइंडीज के खिलाफ वानखेड़े में उतरे सचिन ने दूसरे दिन 74 रन बनाकर क्रिकेट को अलविदा कह दिया था.

    धोनी को रिप्लेस कर सकता है यह क्रिकेटर? MSK प्रसाद ने बताया टी20 और ODI का मजबूत दावेदार

    मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के महान बल्लेबाजों में से एक हैं. टेस्ट और वन-डे, क्रिकेट के दोनों ही फॉर्मेट में सर्वाधिक रन सचिन के नाम हैं. जब तेंदुलकर मनोज प्रभाकर की जगह कराची में बल्लेबाजी करने आए थे तब वे महज 16 साल के थे. हालांकि, उस मैच में वो अच्छा प्रभाव नहीं डाल सके थे, लेकिन उसी मैच में पाकिस्तान के वकार यूनुस ने खेल की पहली पारी में तेंदुलकर, प्रभाकर, संजय मांजरेकर और कपिल देव जैसे खिलाड़ियों के विकेट झटक कर एक यादगार लम्हा बना दिया था.



    सचिन पहले टेस्ट में खास प्रदर्शन नहीं कर पाए, लेकिन अगले मैच में उन्होंने 59 रन की अर्धशतकीय पारी खेली. उस मैच में वो किसी युवा खिलाड़ी की तरह नहीं बल्कि एक अनुभवी बल्लेबाज की तरह खेले. आखिरी टेस्ट में भी उन्होंने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से एक और अर्धशतक पूरा किया. ऐसी छोटी उम्र में उन्होंने जो दृढ़ संकल्प दिखाया, उससे चयनकर्ता प्रभावित हुए. इसी प्रदर्शन ने उन्हें मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी वाली भारतीय टीम में जगह दिला दी.

    जब युवराज सिंह ने सचिन तेंदुलकर के साथ बैठने से किया था इनकार, ऑलराउंडर ने सुनाया किस्सा

    उनका करियर काफी मुश्किल दौर से भी गुजरा, लेकिन उन्होंने 2012 में एक बार फिर शीर्ष क्रम हासिल कर लिया. यह एक ऐसा साल भी था, जब उन्होंने वनडे मैचों में 200 रन का बैरियर तोड़ दिया था. जिसके बाद सीमित ओवरों के क्रिकेट में ऐसा करने वाले वे पहले खिलाड़ी बन गए. सचिन तेंदुलकर ने 200 टेस्ट में 53.79 की औसत से 15921 और 463 वनडे में 44.83 की औसत से 18426 रन बनाए हैं.  उनके नाम टेस्ट में 51 जबकि एकदिवसीय में 49 शतक है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.