जब बीमर की बौछार के बीच गुस्से से सुनील गावस्कर बोले, 'मैं यहां मरना नहीं, घर जाकर बेटे को देखना चाहता हूं'

सुनील गावस्कर अपने बेटे रोहन को ढाई महीने बाद देख पाए थे.
सुनील गावस्कर अपने बेटे रोहन को ढाई महीने बाद देख पाए थे.

अपने बेटे के जन्म के वक्त गावस्कर (Sunil Gavaskar) वेस्टइंडीज के दौरे पर थे. 1976 में भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज खेली जा रही थी, जब रोहन गावस्कर का जन्म हुआ था. पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंशुमन गायकवाड़ (Anshuman Gaikwad) ने सुनील गावस्कर के इस किस्से के बारे में बताया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 22, 2020, 1:29 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) का पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. विराट कोहली और उनकी बॉलीवुड अभिनेत्री पत्नी अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) जनवरी 2021 में अपने पहले बच्चे के स्वागत के लिए तैयार हैं. अपने पहले बच्चे के जन्म के पर वह अपनी पत्नी और परिवार के साथ रहना चाहते हैं. ऐसे में उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से पितृत्व अवकाश लिया है. वह ऑस्ट्रेलिया दौरे (India vs Australia) पर एडिलेड में पहला टेस्ट मैच खेलने के बाद भारत वापस लौट जाएंगे. विराट कोहली के पितृत्व अवकाश लेने पर क्रिकेट दिग्ग्जों और फैन्स में मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. कुछ इसे सही फैसला बता रहे हैं और सपोर्ट कर रहे हैं तो वहीं कुछ इसे गलत भी बता रहे हैं. लेकिन ऐसे कई क्रिकेटर हुए हैं, जो अपने बच्चे के जन्म पर अपने परिवार के साथ नहीं रह पाए थे. ऐसे खिलाड़ियों की फेहरिस्त लंबी हैं. इन्हीं में से एक नाम सुनील गावस्कर का भी है.

हाल ही में कपिल देव (Kapil Dev) ने बताया कि सुनील गावस्कर कई महीनों तक अपने बेटे को नहीं देख पाए थे. अपने बेटे के जन्म के वक्त गावस्कर (Sunil Gavaskar) वेस्टइंडीज के दौरे पर थे. 1976 में भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज खेली जा रही थी, जब रोहन गावस्कर का जन्म हुआ था. पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंशुमन गायकवाड़ (Anshuman Gaikwad) ने सुनील गावस्कर के इस किस्से के बारे में बताया है कि किस तरह अपने बेटे से नहीं मिल पाने के कारण वह परेशान हो रहे थे.

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अंशुमन गायकवाड़ ने बताया कि गावस्कर अपने बेटे को देखने के लिए भारत आना चाहते थे, क्योंकि भारत की अगली सीरीज दो सप्ताह के बाद वेस्टइंडीज में थी, लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें इजाजत नहीं दी. बीसीसीआई ने गावस्कर से बाकी टीम के साथ वेस्टइंडीज जाने के लिए कहा.
उन्होंने बताया कि गावस्कर अपने बेटे रोहन (Rohan Gavaskar) को ढाई महीने के बाद देख पाए थे. इसका गुस्सा और अवसाद वेस्टइंडीज दौरे पर और भी बढ़ गया था. वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के बाउंसर्स और बीमरों ने पांच भारतीयों को अस्पताल पहुंचा दिया था. गावस्कर के ओपनिंग पार्टनर अंशुनमान गायकवाड़ ने डेली गार्डियन में लिखे कॉलम में लिखा कि गावस्कर के बाउंसर्स और बीमरों की शिकायत अंपायर से करने पर मजाक उड़ाना याद आता है.

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उन्होंने बताया, ''गावस्कर की शिकायत पर अंपायर ने कहा था कि हम शॉर्ट बॉल खेलने के आदी नहीं हैं, इस पर पूर्व बल्लेबाज और भी गुस्सा हो गए थे. मैं उनसे शांत रहने की अपील कर रहा था, क्योंकि मैंने पहली बार उन्हें गुस्से में देखा था.'' गायकवाड़ ने बताया कि गावस्कर ने मुझसे कहा था, ''मैं यहां मरना नहीं चाहता. मैं घर जाना चाहता हूं और अपने बेटे को देखना चाहता हूं.''
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