जब मैदान पर कप्तान और अंपायर में हुई तू-तू, मैं-मैं के कारण खेल नहीं हुआ, सरकारों के दखल से सुलझा विवाद

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच 1987 के फैसलाबाद टेस्ट में अंपायर शकूर राणा और इंग्लिश कप्तान माइक गैटिंग के बीच मैदान पर झगड़ा हो गया था. (सांकेतिक तस्वीर-AFP)

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच 1987 के फैसलाबाद टेस्ट में अंपायर शकूर राणा और इंग्लिश कप्तान माइक गैटिंग के बीच मैदान पर झगड़ा हो गया था. (सांकेतिक तस्वीर-AFP)

क्रिकेट को जैंटलमेंस गेम कहा जाता है. लेकिन 1987 में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच फैसलाबाद टेस्ट में ऐसा वाकया हुआ था, जिससे इस खेल की साख का नुकसान हुआ. दरअसल, तब इंग्लिश कप्तान माइक गैटिंग और पाकिस्तानी अंपायर शकूर राणा मैदान पर एक-दूसरे से झगड़ पड़े थे. इसी वजह से टेस्ट मैच में एक दिन का खेल नहीं हो पाया था.

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नई दिल्ली. वैसे तो क्रिकेट को जैंटलमेंस गेम कहा जाता है. लेकिन कई बार मैदान पर ऐसे वाकये हुए हैं, जिससे इस खेल की साख को गहरा नुकसान हुआ है. ऐसी ही एक घटना आज से 34 साल पहले हुई थी, जिसमें अंपायर और कप्तान के बीच मैदान पर तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि एक दिन का पूरा खेल ही बर्बाद हो गया और सरकारों की दखल के बाद इस विवाद को सुलझाया जा सका. लेकिन विवाद की खटास लंबे वक्त तक बनी रही और दो देशों के बीच सीरीज में न्यूट्रल अंपायर के इस्तेमाल की आवाज भी इस विवाद के बाद और बुलंद हुई.

ये घटना दिसंबर 1987 की है. तब माइक गैटिंग की अगुवाई में इंग्लैंड की क्रिकेट टीम पाकिस्तान दौरे पर गई थी. मेहमान टीम पहला टेस्ट हार चुकी थी. दूसरा टेस्ट 7 दिसंबर से फैसलाबाद में खेला जाना था. मेहमान टीम पहले टेस्ट में हुई खराब अंपायरिंग को लेकर पहले से ही नाराज थी और ये गुस्सा फैसलाबाद टेस्ट के दूसरे दिन का खेल खत्म होने से ठीक पहले खुलकर सामना आ गया. दरअसल, इस मैच में इंग्लैंड मजबूत स्थिति में था. उसके पहली पारी में 292 रन के जवाब में पाकिस्तान की टीम 106 रन पर 5 विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी.

इंग्लिश कप्तान माइक गैटिंग ने एडी हेमिंग्स को गेंद थमाई और उन्होंने एक्स्ट्रा कवर के फील्डर को हटाया. फील्डिंग में इस बदलाव की जानकारी उन्होंने नॉन-स्ट्राइकर छोर पर खड़े सलीम मलिक को भी दी. गैटिंग ने मलिक को बताया कि वो डेविड कपल को लॉन्ग लेग से हटा रहे हैं. जैसे ही हेमिंग्स गेंद फेंकने के लिए आगे बढ़े, गैटिंग ने हाथ उठाकर केपल से रूकने को कहा. तकनीकी तौर पर वो सही थे. उन्होंने बल्लेबाज को पहले ही इसके बारे में बता दिया था. ऐसे में बल्लेबाज का ध्यान भटकने का सवाल भी नहीं खड़ा होता है.

फील्ड सेटिंग को लेकर हुई थी विवाद की शुरुआत
इंग्लिश कप्तान की सफाई के बाद भी स्क्वेयर लेग पर खड़े पाकिस्तानी अंपायर शकूर राणा संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने चिल्लाकर खेल रोकने को कहा. हालांकि, तब तक हेमिंग्स गेंद फेंक चुके थे, जिसे डेड बॉल करार दिया गया. गैटिंग को भी खेल रोकने की बात समझ नहीं आई. उन्होंने अंपायर राणा से पूछा कि आपने क्यों खेल रोका है? इस पर उन्होंने गैटिंग से कहा कि तुम गेंद फेंकने के दौरान फील्डर को इशारा कर रहे थे और ये बेईमानी है, चीटिंग है. गैटिंग ने उन्हें समझाया कि वो सिर्फ फील्डर को अपनी पोजीशन पर ही रूकने का इशारा कर रहे थे. ताकि गेंदबाज बॉलिंग कर सके. इसके बाद शकूर राणा स्क्वेयर लेग की तरफ चल दिए. लेकिन जाते-जाते उन्होंने ऐसी बात बोल दी, जिससे खेल का रुख ही बदल गया. राणा ने तब कहा था- यू आर चीट.

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अंपायर राणा ने गैटिंग को 'चीट' कहा था



इसके बाद गैटिंग सीधा अंपायर राणा की तरफ दौड़ पड़े. वो जिस तेजी से अंपायर तक पहुंचे थे, उससे तो यही नजर आ रहा था कि कहीं दोनों के बीच मैदान पर ही हाथापाई न शुरू हो जाए. हालांकि, ऐसा नहीं हुआ. लेकिन दोनों के बीच जमकर बहस हुई. दुनिया ने ऐसी तस्वीर देखी, जो शायद खेल की संस्कृति से मेल नहीं खाती थी. राणा ने बाद में बताया कि जब उन्होंने गैटिंग से कहा कि तुम नियम के खिलाफ काम कर रहे हो, तो उन्होंने मुझे गाली दी,जोकि जैंटलमेंस गेम के खेल के खिलाफ था.

अंपायर शकूर राणा लिखित माफी के लिए अड़े थे

उस समय तो जैसे-तैसे विवाद खत्म कराया गया. लेकिन खटास खत्म नहीं हुई. पाकिस्तानी अंपायर राणा ने आगे इस टेस्ट में अंपायरिंग से इंकार कर दिया. अगले दिन जब इंग्लैंड टीम फील्डिंग के लिए उतरी तो मैदान में अंपायर नहीं थे, पाकिस्तानी बल्लेबाज भी नहीं उतरे थे. स्टेडियम में सिर्फ दो हजार दर्शक और दंगा रोधी पुलिस तैनात थी. राणा लिखित माफी के बिना मैदान पर उतरने को तैयार नहीं थे. काफी देर इंतज़ार करने के बाद इंग्लैंड टीम पवेलियन लौट गई. अगले 6 घंटे तक मेहमान टीम मैदान में ही रही. पूरे दिन कोई खेल नहीं हो पाया.

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सरकारों की दखल के बाद विवाद खत्म हुआ

विवाद इतना बढ़ा कि दोनों देशों की सरकारों को दखल देना पड़ा. इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के पदाधिकारी पाकिस्तान पहुंचे. काफी मान-मनौव्वल के बाद गैटिंग माफी मांगने को तैयार हुए. अगले दिन सुबह 10 बजे, जोकि टेस्ट का चौथा दिन था, गैटिंग ने राणा को अपना लिखित माफीनामा सौंपा. हालांकि, वो इससे काफी नाराज थे कि उन्हें बिना गलती के माफी मांगनी पड़ रही है. बाद में राणा ने एक इंटरव्यू में इस विवाद को लेकर कहा था कि पाकिस्तान में इस तरह की बेइज्जती पर तो जान ले ली जाती है. गैटिंग की किस्मत अच्छी थी कि मैंने उन्हें नहीं पीटा.

क्रिस ब्रॉड मैन ऑफ द मैच थे

फैसलाबाद टेस्ट का एक दिन बर्बाद होने के कारण मुकाबला ड्रॉ रहा. इंग्लैंड ने पहली पारी में क्रिस बॉड के 116 रन के बदौलत 292 रन बनाए थे. जवाब में पाकिस्तान की पहली पारी 191 रन पर सिमट गई थी. इंग्लैंड ने दूसरी पारी 6 विकेट के नुकसान पर 137 रन पर घोषित की. पाकिस्तान को चौथी पारी में जीतने के लिए 239 रन बनाने थे. लेकिन मेजबान टीम ने एक विकेट के नुकसान पर 51 रन बनाए और मुकाबला ड्रॉ हो गया. ब्रॉड को मैन ऑफ द मैच चुना गया था.

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