जब कोच से माफी मांगने सुबह 3.30 उनके घर पहुंचे ऋषभ पंत, जानें पूरा मामला

ऋषभ पंत फिलहाल इंग्लैंड दौरे की तैयारियों में जुटे हुए हैं  (PIC: AFP)

ऋषभ पंत फिलहाल इंग्लैंड दौरे की तैयारियों में जुटे हुए हैं (PIC: AFP)

ऋषभ पंत(Rishabh Pant) के बचपन के कोच तारक सिन्हा (Tarak Sinha) ने उन्हें मानसिक रूप से बेहद मजबूत बताया है. तारक सिन्हा ने पंत के करियर को तराशने में अहम भूमिका निभाई है.

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नई दिल्ली. साल 2017 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत तीनों फार्मेट में टीम इंडिया में अपना स्थान पक्का कर चुके हैं. 23 वर्षीय पंत इन दिनों इंग्लैंड दौरे की तैयारियों में व्यस्त हैं. पंत के करियर को संवारने में उनके बचपन के कोच तारक सिन्हा का अहम योगदान रहा है. दिल्ली में सोनेट क्लब चलाने वाले तारक ने शिखर धवन, आशीष नेहरा, आकाश चोपड़ा जैसे खिलाड़ियों को तराशने में अहम भूमिका निभाई है.

कोच तारक सिन्हा ने Cricketnext.com से बातचीत में बताया कि पंत शुरू से मेहनती खिलाड़ी रहे हैं. तारक सिन्हा ने एक वाकये का जिक्र करते हुए बताया, "दक्षिण दिल्‍ली में स्थित मेरे क्‍लब सोनेट के लिए खेलते वक्‍त एक बार मैं पंत से नेट सेशन के दौरान नाराज हो गया था. इसके बाद पंत पूरी रात सो नहीं पाया और सुबह साढ़े तीन बजे मेरे घर पहुंच गया. मैं वैशाली में रहता था जो एनसीआर में है. पंत के घर से वहां पहुंचने की दूरी करीब एक घंटे की थी."

जब तारक सिन्हा ने पंत से पूछा इतनी रात को क्यों आए हो पंत ने कहा, "मैंने आपको इतना नाराज पहले कभी नहीं देखा. मैं आपसे माफी मांगना चाहता हूं. यह मेरे लिए दिल को छूने वाली और परेशान करने वाली घटना थी क्‍योंकि वो आधी रात को इतनी दूर मेरे घर आया था. यहां तक कि मेरा परिवार मुझसे नाराज था क्‍योंकि मैं इस बच्‍चे पर काफी कठोर था."

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पंत मानसिक रूप से बेहद मजबूत



तारक सिन्हा से जब बीते 6 महीने में पंत के खेल में आए बदलाव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पंत हमेशा से मानसिक रूप से मजबूत रहे हैं. वो क्रिकेट खेलने के लिए दिल्ली से रूड़की आए और हमेशा से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनना चाहते थे. उनके चेहरे पर मजबूत इरादा साफ नजर आता है. क्रिकेट आपकी इच्छाशक्ति का खेल है. भले ही आपमें कौशल की कमी हो या कुछ तकनीकी खामी हो, अगर आपके पास दृढ़ इच्छाशक्ति है, तो आप अधिकांश चुनौतियों से पार पा सकते हैं. मुझे हमेशा लगता था कि अगर पंत को मौका दिया गया तो वो खुद को साबित कर देंगे.

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