जब वेणुगोपाल राव की पारी से कांप गए थे इंग्लैंड के खिलाड़ी, 501 रन का लक्ष्य भी पड़ गया छोटा

आंध्र प्रदेश के पूर्व कप्तान और भारत के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज वेणुगोपाल राव ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया, उनका करियर तो ज्यादा बड़ा नहीं रहा लेकिन उनकी एक पारी आज भी इंग्लैंड के कई खिलाड़ियों को याद है

News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 8:58 AM IST
जब वेणुगोपाल राव की पारी से कांप गए थे इंग्लैंड के खिलाड़ी, 501 रन का लक्ष्य भी पड़ गया छोटा
जब वेणुगोपाल राव की पारी से कांप गए थे इंग्लैंड के खिलाड़ी
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Updated: July 31, 2019, 8:58 AM IST
16 वनडे, 218 रन, महज 24.22 का औसत और स्ट्राइक रेट सिर्फ 60.05. ये आंकड़े हैं वेणुगोपाल राव के जिन्होंने मंगलावर को इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया. वेणुगोपाल राव भले ही टीम इंडिया के लिए ज्यादा कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए, लेकिन राव ने अपने करियर में एक ऐसी पारी जरूर खेली थी जिसने सिर्फ भारतीय चयनकर्ताओं की नहीं बल्कि इंग्लैंड की टीम को भी चौंका दिया था. साल 2004 में वेणुगोपाल राव ने साउथ जोन के लिए खेलते हुए दिलीप ट्रॉफी में शानदार दोहरा शतक जड़ा था. ये डबल सेंचुरी उन्होंने इंग्लैंड ए के खिलाफ लगाई थी.

501 रनों का विशाल लक्ष्य हुआ बौना
मुकाबला गुड़गांव के मैदान पर हो रहा था और इंग्लैंड ए ने साउथ जोन को 501 रनों का विशाल लक्ष्य दिया. जिसे वेणुगोपाल राव की नाबाद 228 रनों की पारी ने बौना साबित कर दिया. वेणुगोपाल राव ने इस मुकाबले में 7 घंटे 47 मिनट तक बल्लेबाजी की. वेणुगोपाल ने श्रीधरन श्रीराम और सुब्रह्मण्यम बद्रीनाथ के साथ मिलकर दो डबल सेंचुरी की पार्टनरशिप की. श्रीराम के साथ उन्होंने 226 और फिर बद्रीनाथ के साथ राव ने 212 रनों की अजेय साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई.

वेणुगोपाल राव


वेणुगोपाल की इस पारी ने उन्हें भारतीय सेलेक्टर्स की नजरों में ला खड़ा किया और अगले ही साल उन्होंने टीम इंडिया के लिए डेब्यू भी किया. वेणुगोपाल ने दांबुला में श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू किया, उनके साथ रैना ने भी इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा. रैना इस मैच में शून्य पर आउट हुए वहीं वेणुगोपाल ने 38 रन बनाए. हालांकि बाद में रैना काफी आगे निकल गए और वेणुगोपाल का करियर महज 16 वनडे मैचों में ही सिमट गया.

गरीबी में बीता बचपन
वेणुगोपाल राव का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ. उनके पिता महज 7 हजार रु. महीना कमाते थे. वेणुगोपाल के 4 और भाई थे. हालांकि इसके बावजूद वेणुगोपाल राव ने महज 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया. वेणुगोपाल राव सचिन को अपना आइडल मानते थे. वेणुगोपाल ने भारत की अंडर 19 टीम में जगह बनाई और साल 2000 में टीम इंडिया वर्ल्ड चैंपियन बनी. इस टीम में मोहम्मद कैफ और युवराज सिंह उनके साथी थे.
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वेणुगोपाल राव


वेणुगोपाल राव ने फर्स्ट क्लास मैचों में 7 हजार से ज्यादा रन बनाए थे. वहीं लिस्ट ए क्रिकेट में उनके नाम 4000 से ज्यादा रन थे. वेणुगोपाल ने इंडियन प्रीमियर लीग में भी 65 मैच खेले. वो डेक्कन चार्जर्स, दिल्ली डेयरडेविल्स और सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा रहे. वो साल 2009 में खिताब जीतने वाली डेक्कन चार्जर्स टीम का हिस्सा थे. राव ने आईपीएल में 3 अर्धशतक लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 117 रहा.

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First published: July 31, 2019, 8:14 AM IST
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