तिहरा शतक चूकने वाले वीवीएस लक्ष्मण से सहवाग ने किया था वादा-वो करेंगे 300 का आंकड़ा पार

वीरेंद्र सहवाग टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय बल्लेबाज हैं. (PC-वीरेंद्र सहवाग इंस्टाग्राम)

वीरेंद्र सहवाग टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय बल्लेबाज हैं. (PC-वीरेंद्र सहवाग इंस्टाग्राम)

वीरेंद्र सहवाग(Virender Sehwag) भारत के लिए टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं. उनसे पहले वीवीएस लक्ष्मण(VVS Laxman) 2001 के कोलकाता टेस्ट में इस आंकड़े के करीब पहुंचे थे, लेकिन वो 281 रन पर आउट हो गए थे. हाल ही में एक क्रिकेट शो पर लक्ष्मण ने सहवाग के पहले तिहरे शतक से जुड़ा दिलचस्प किस्सा साझा किया कि कैसे वीरू ने उनसे 2001 में ही वादा किया था कि वो टेस्ट में तिहरा शतक लगाएंगे.

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नई दिल्ली. पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की गिनती दुनिया के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में की जाती है. उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों ही फॉर्मेट में ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी की. उनका स्ट्राइक रेट इसकी गवाही देता है. सहवाग का टेस्ट में स्ट्राइक रेट 82.23, वनडे में 104 और टी20 में 145 से ज्यादा का रहा. दुनिया के बड़े-बड़े गेंदबाज उनसे खौफ खाते थे. एक बार वीरू का बल्ला चल जाता तो फिर उन्हें रोकना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं रहा. साथी खिलाड़ी भी उनकी इस खूबी के कायल हैं. लंबे वक्त तक टीम इंडिया में सहवाग के साथी रहे वीवीएस लक्ष्मण ने उनके पहले तिहरे शतक से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है कि कैसे 2001 में ही सहवाग ने उनसे ये वादा किया था कि वो भारत के लिए टेस्ट में पहला तिहरा शतक लगाएंगे.

लक्ष्मण ने स्टार स्पोर्ट्स के शो 'इंडिया ग्रेटेस्ट विन्स' में सहवाग के पहले तिहरे शतक से जुड़ी कहानी बताई. लक्ष्मण ने बताया कि 2001 में ऑस्ट्रेलिया भारत दौरे पर आया था. हमने टेस्ट सीरीज में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. मैंने कोलकाता में 281 रन की पारी खेली थी. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच वनडे की सीरीज हुई थी. पहला मुकाबला बेंगलोर में था. इस मैच के दौरान सहवाग का हाथ फ्रैक्चर हो गया था, लेकिन रिपोर्ट नहीं आने के कारण वो टीम के साथ टूर कर रहे थे. हम सभी होटल में खाना खा रहे थे. तभी सहवाग मेरे पास आए और उन्होंने कहा कि लक्ष्मण भाई आप चूक गए. आपके पास तिहरा शतक लगाने वाला पहला भारतीय बनने का मौका था. मैं ऐसा करूंगा.

सहवाग को अपनी क्षमताओं पर विश्वास था: लक्ष्मणलक्ष्मण ने आगे बताया कि मैं सहवाग की बात सुनकर हैरान रह गया था क्योंकि वो तब टेस्ट टीम में नहीं थे. मेरे दिमाग में आया कि कैसे 2001 में कोई मुझसे कह सकता था कि वो टेस्ट में भारत की ओर से तिहरा शतक लगाने वाला पहला बल्लेबाज बनेगा, जबकि वो टेस्ट टीम में शामिल ही नहीं था. इससे पता चलता है कि सहवाग को अपनी क्षमताओं पर कितना यकीन था.यह भी पढ़ें: लॉर्ड्स में भारत को 54 साल बाद मिली थी पहली जीत, जानिये कौन था जीत का हीरो?सहवाग ने टेस्ट डेब्यू पर शतक लगाया था2001 में ही सहवाग ने दक्षिण अफ्रीका दौरे पर टेस्ट डेब्यू किया और पहले ही टेस्ट में उन्होंने शतक ठोक दिया. इसके तीन साल बाद पाकिस्तान दौरे पर वो लम्हा आया जिसका जिक्र सहवाग ने लक्ष्मण से किया था. उन्होंने 29 मार्च 2004 को पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान टेस्ट में पहला तिहरा शतक ठोका और ऐसा करने वाले पहले भारतीय भी बने. सहवाग ने इस मैच में छक्के से अपना तिहरा शतक पूरा किया था. इससे जुड़ा एक किस्सा लक्ष्मण ने बताया कि तब दूसरे छोर पर सचिन खड़े थे और वो तिहरे शतक को लेकर सहवाग से ज्यादा नर्वस थे.

सहवाग ने चार साल के भीतर दो तिहरे शतक लगाए
अजीब संयोग है कि इस पारी के ठीक चार साल बाद उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में अपना दूसरा तिहरा शतक लगाया. उन्होंने 28 मार्च को ट्रिपल सेंचुरी पूरी की थी और अगले ही दिन यानी 29 मार्च को वो 319 रन बनाकर आउट हुए थे. ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रैडमैन टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज थे. उनके बाद वीरेंदर सहवाग, ब्रायन लारा और क्रिस गेल टेस्ट मैच में दो तिहरे शतक लगा चुके हैं.

भारत की ओर से तिहरा शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज करूण नायर हैं. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ये उपलब्धि हासिल की थी. सहवाग वनडे में भी सचिन के बाद दोहरा शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय हैं.

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