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IND vs SL: सौरभ कुमार की भारतीय टेस्ट टीम में एंट्री, जानिए कैसे नेट बॉलर से टीम इंडिया तक का सफर तय किया

IND vs SL: सौरभ कुमार की भारतीय टेस्ट टीम में एंट्री, जानिए कैसे नेट बॉलर से टीम इंडिया तक का सफर तय किया

IND vs SL Test Series: श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए एक बाएं हाथ के स्पिनर सौरभ कुमार को भी भारतीय टेस्ट में जगह मिली है. (Saurabh Kumar Instagram)

IND vs SL Test Series: श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए एक बाएं हाथ के स्पिनर सौरभ कुमार को भी भारतीय टेस्ट में जगह मिली है. (Saurabh Kumar Instagram)

IND vs SL Test Series: वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के बाद भारत को घरेलू सीरीज के लिए श्रीलंका की मेजबानी करनी है. दोनों देशों के बीच होने वाले टेस्ट सीरीज के लिए बीसीसीआई ने भारत की 18 सदस्यीय टेस्ट टीम का ऐलान किया है. इसमें बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज सौरभ कुमार को भी जगह दी गई है. वो उत्तर प्रदेश की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं. वो भारतीय टीम के नेट बॉलर भी रह चुके हैं. आइए जानते हैं उन्होंने कैसे नेट बॉलर से टेस्ट टीम तक का सफर तय किया.

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नई दिल्ली. श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट की घरेलू सीरीज (IND vs SL Test Series) के लिए बीसीसीआई ने शनिवार को 18 सदस्यीय भारतीय टीम का ऐलान कर दिया. रोहित शर्मा (Rohit Sharma) अब वनडे और टी20 के बाद टेस्ट में भी टीम इंडिया के कप्तान होंगे. सेलेक्टर्स ने पहली बार टेस्ट टीम में सौरभ कुमार (Saurabh Kumar) को जगह दी है. सौरभ लगातार टीम इंडिया के दरवाजे पर दस्तक दे रहे थे. उन्हें हाल ही में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गई टेस्ट टीम में स्टैंडबाय खिलाड़ी के रूप में शामिल किया गया था. इससे पहले, उन्हें भारत और इंग्लैंड (India vs England) के बीच पिछले साल फरवरी में हुई घरेलू टेस्ट सीरीज के 2 मुकाबलों के लिए नेट बॉलर के तौर पर चुना गया था. तब उन्हें घरेलू क्रिकेट में शानदार गेंदबाजी के कारण ही यह मौका दिया गया था.

सौरभ कुमार उत्तर प्रदेश की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं. वो बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करने के साथ ही अच्छी बल्लेबाजी भी कर लेते हैं. उन्होंने नेट गेंदबाज से टीम इंडिया तक का सफर तय किया है. सौरभ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत के रहने वाले हैं. उनका परिवार मेरठ में रहता है. सौरभ के पिता आकाशवाणी में काम करते थे, जो अब रिटायर हो चुके हैं. उनके क्रिकेटर बनने के पीछे सबसे बड़ा हाथ पिता का ही है. वो शुरू से ही यह चाहते थे कि सौरभ क्रिकेटर ही बने.

सौरभ बागपत से रोज दिल्ली ट्रेनिंग के लिए जाते थे

इसके लिए सौरभ और उनके पिता दोनों ने लंबा संघर्ष किया. वो रोज बागपत से प्रैक्टिस करने के लिए ट्रेन से दिल्ली जाते थे. इस दौरान वो सिर्फ यही शुक्र मनाते थे कि कोई रास्ते में ट्रेन की चेन ना खींच दें. क्योंकि उन्हें दिल्ली पहुंचने में ढाई घंटे लगते थे. ऐसे में चेन पुलिंग के कारण उनका सफर और लंबा हो जाता था और इस वजह से वो ट्रेनिंग के लिए देरी से पहुंचते थे. वो हफ्ते में 3 दिन ट्रेनिंग के लिए दिल्ली जाते थे.

सौरभ ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, “हमें दिल्ली पहुंचने में ढाई घंटे लगते थे. सप्ताह में तीन बार मैं सुनीता शर्मा की एकेडमी में ट्रेनिंग के लिए जाता था. मेरे पिता यह सुनिश्चित करने के लिए ओवर-टाइम करते थे कि वह मेरे साथ दिल्ली आएं.”

बिशन सिंह बेदी ने सौरभ को तराशा

उन पर एक बार बाएं हाथ के दिग्गज स्पिनर रहे बिशन सिंह बेदी की नजर पड़ी. वो सौरभ की गेंदबाजी से काफी प्रभावित नजर आए और फिर इस गेंदबाज को खुद ट्रेनिंग देनी शुरू की. बिशन सिंह बेदी का साथ मिलते ही एक गेंदबाज के रूप में सौरभ में काफी सुधार हुआ और उनके क्रिकेट सफर की असल शुरुआत यहीं से हुई. वह जूनियर क्रिकेट में उत्तर प्रदेश के लिए खेले. लेकिन रणजी ट्रॉफी टीम में शामिल होना कठिन था. क्योंकि टीम में बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर की जगह नहीं थी. इसलिए उन्होंने अपने गृह राज्य उत्तरप्रदेश वापस आने से पहले 2014-15 का घरेलू सीजन सर्विसेस की तरफ से खेला.

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सौरभ फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 2 शतक ठोक चुके

उन्होंने 2015-16 में उत्तर प्रदेश के लिए अपने पहले ही मुकाबले गुजरात के खिलाफ 10 विकेट झटके. इसके बाद से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. वो अच्छी बल्लेबाजी भी कर लेते हैं. इसका सबूत है फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके बल्लेबाजी के आंकड़े. वो दो शतक और 8 अर्धशतक जड़ चुके हैं. सौरभ कुमार ने 2019-20 रणजी सीजन में 21.09 के औसत से कुल 44 विकेट हासिल किए थे.

इससे पहले, 2018-19 में 51 विकेट झटकने में सफल रहे थे. इसमें से 19 विकेट दिलीप ट्रॉफी में लिए थे. इसके बाद उन्हें पिछले साल दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गई इंडिया-ए टीम में जगह मिली और फिर टेस्ट सीरीज के लिए वो स्टैंड बाय खिलाड़ी के तौर पर भी टीम इंडिया से जुड़े.

सौरभ ने 196 विकेट झटके हैं

सौरभ ने अबतक 46 फर्स्ट क्लास मैच में 1572 रन बनाने के साथ-साथ 196 विकेट झटके हैं. इस दौरान उन्होंने पारी में 16 बार पांच विकेट और 6 बार मैच में 10 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं.

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सौरभ पारंपरिक स्पिन गेंदबाज हैं

वो पारंपरिक स्पिन गेंदबाज हैं और फ्लाइट, डिप और टर्न के जरिए बल्लेबाजों को परेशान करने की कोशिश करते हैं. उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में भी इसी बात पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि मैं ये ‘कैरम-वैरम’ बॉल नहीं डालता. मुझे यह कभी पसंद नहीं आया. मैं बल्लेबाज को अपने जाल में फंसाने के लिए हवा में गेंद को फ्लाइट देता हूं.

अब देखना होगा कि रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और आर अश्विन जैसे स्पिन गेंदबाजों के बीच सौरभ को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मौका मिलता है या नहीं.

Tags: Cricket news, India Vs Sri lanka, Rohit sharma, Team india

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