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ICC के नॉकआउट मैचों में क्यों फेल होती है टीम इंडिया? दीप दासगुप्ता ने बताया राज

भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है (PIC: AP)

टूर्नामेंट के निर्णायक चरणों में भारत के 'चोकर्स' साबित होने के ताजा उदाहरण पाकिस्तान के खिलाफ 2017 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल और न्यूजीलैंड के खिलाफ 2019 आईसीसी वनडे विश्व कप फाइनल हैं. दीप दासगुप्ता को लगता है कि भारत को ये दोनों मैच जीतने चाहिए थे.

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    नई दिल्ली. पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) की कप्तानी में आईसीसी इवेंट्स (ICC Tournament) में शानदार प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया के लिए ऐसे टूर्नामेंट में नॉकआउट मैच जीतना मुश्किल रहा है. वास्तव में, भारतीय टीम ने 2013 के बाद से एक भी आईसीसी नॉकआउट मैच नहीं जीता है. ऐसे में कई दिग्गज अब भारतीय टीम को 'चोकर्स' का टैग देने में नहीं कतरा रहे हैं. अब विराट कोहली (Virat Kohli) एंड कंपनी न्यूजीलैंड के खिलाफ आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (WTC) खेलना है. ऐसे में पूर्व भारतीय क्रिकेटर दीप दासगुप्ता (Deep Dasgupta) ने बताया कि ऐसी कौन सी वजह हैं, जो टीम इंडिया को इस महत्वपूर्ण चरण में 'चोकर्स' बनने पर मजबूर कर देती हैं.

    दीप दासगुप्ता ने स्पोर्ट टुडे से बातचीत में कहा कि तथ्य यह है कि भारत ने पिछले 7 साल से अधिक समय से कोई आईसीसी नॉकआउट गेम नहीं जीता है. शायद इसकी वजह टीम का जरूरत से ज्यादा सोचना है. एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ''चोकर टिप्पणी के बारे में सोचें तो तथ्य यह है कि भारत ने 2013 के बाद से आईसीसी के किसी भी इवेंट में नॉकआउट मैच नहीं जीता है. दोबारा, इसके अलावा कोई विशेष कारण नहीं है कि टीम शायद बहुत अधिक दबाव लेनी और सिर्फ यह सोचती है कि आईसीसी का बड़ा टूर्नामेंट है.''

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    टूर्नामेंट के निर्णायक चरणों में भारत के 'चोकर्स' साबित होने के ताजा उदाहरण पाकिस्तान के खिलाफ 2017 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल और न्यूजीलैंड के खिलाफ 2019 आईसीसी वनडे विश्व कप फाइनल हैं. दीप दासगुप्ता को लगता है कि भारत को ये दोनों मैच जीतने चाहिए थे.

    टीम इंडिया को 'चोकर' नहीं कह सकते
    उन्होंने कहा, ''इसके अलावा, न्यूजीलैंड के खेल के बारे में सोचें तो मुझे लगता है कि भारत को जीतना चाहए था. 2027 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ वह नो बॉल, उसमें नहीं जाते हैं. हमने उस नो बॉल के बारे में काफी बात की है. फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ वानखेड़े मैच (2016 टी-20 वर्ल्ड कप) में टॉस ने अहम भूमिका निभाई. 180 (192) खराब स्कोर नहीं था, लेकिन ओस अहम कारक रहा और बड़ी भूमिका निभाई.'' हालांकि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि भारत ने आईसीसी नॉकआउट में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है. दासगुप्ता की राय नहीं है कि टीम को 'चोकर' कहा जाना चाहिए.

    'जिम्मेदारी विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे भारत के बड़े नामों पर होगी'
    उन्होंने कहा, ''हर गेम के पीछे एक कारण होता है. हमें व्यक्तिगत रूप से उन पर गौर करने की जरूरत है. मैं इंडिया को चोकर्स नहीं कहूंगा. टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल भारत का अगला बड़ा आईसीसी टूर्नामेंट है. ऐसे में दासगुप्ता को लगता है कि यह जिम्मेदारी विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे भारत के बड़े नामों पर होगी कि वे इस मौके को न गंवाएं और पहली टेस्ट चैंपियनशिप ट्रॉफी को घर लाने के लिए प्रयास करें.''

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    दीप दासगुप्ता ने कहा, ''आप आंकड़ों से इनकार नहीं कर सकते. आदर्श रूप से, आप चाहते हैं कि आपके सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज और सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज आईसीसी में नॉकआउट खेलों में प्रदर्शन करें. ऐसा कोई स्पष्ट कारण नहीं है कि वे क्यों नहीं हैं? मुझे यह भी लगता है कि यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में उन्हें नहीं सोचना चाहिए.'' उन्होंने आगे कहा, ''कई बार, जब ये आंकड़े सामने आती हैं तो आप आंकड़ों को गलत साबित करने की कोशिश करके खुद पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं. मुझे आशा है कि वे इसके बारे में नहीं सोच रहे हैं. मुझे उम्मीद है कि उन्हें इस बात की जानकारी होगी. मुझे यकीन नहीं है कि वे इसके बारे में सोच रहे हैं, मैंने उनसे इस बारे में बात नहीं की है. लेकिन हां, तथ्य यह है कि उन्होंने इन नॉकआउट खेलों में बहुत अधिक रन नहीं बनाए हैं.''
    Published by:Mridula Bhardwaj
    First published: