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IPL 2020: विराट कोहली की कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर क्यों नहीं बनी चैंपियन?

IPL 2020: विराट कोहली की कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर क्यों नहीं बनी चैंपियन?
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर क्यों नहीं जीत पाई आईपीएल?

विराट कोहली (Virat Kohli) को साल 2011 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कमान सौंपी गई थी, वो अबतक टीम को चैंपियन नहीं बना सके

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 2, 2020, 11:23 PM IST
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नई दिल्ली. विराट कोहली (Virat Kohli)...क्रिकेट के टॉप क्लास बल्लेबाजों में से एक. एक ऐसा बल्लेबाज जिसके लिए हर लक्ष्य छोटा है. जो अपने बलले के दम पर टीम को जीत दिला सकता है. लेकिन जब बात कप्तानी की आती है तो क्रिकेट एक्सपर्ट हों या फैंस, सभी विराट कोहली को उसपर खरा नहीं पाते हैं. विराट कोहली की कप्तानी पर सवाल उठाना लाजमी भी है. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) में विराट कोहली की कप्तानी का रिकॉर्ड देखकर तो ऐसा ही लगता है. विराट कोहली को साल 2011 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (Royal Challengers Bangalore) की कमान सौंपी गई थी लेकिन टीम अबतक चैंपियन नहीं बन पाई.

विराट कोहली का आईपीएल में कप्तानी रिकॉर्ड
विराट कोहली (Virat Kohli) अबतक 9 सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कप्तानी कर चुके हैं और इस दौरान टीम दो बार अंक तालिका में सबसे नीचे रही है. साल 2017 और 2019 में बैंगलोर की टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा. 2018 में बैंगलोर को छठा स्थान हासिल हुआ और 2014 में टीम 7वें नंबर पर रही. इन आंकड़ों को देखकर साफ है कि विराट कोहली की अगुवाई में बैंगलोर का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है. विराट कोहली ने 110 आईपीएल मैचों में टीम की कप्तानी की है और उनका जीत प्रतिशत 50 फीसदी से भी कम है. विराट कोहली ने महज 49 मैच जीते हैं और उनका जीत प्रतिशत सिर्फ 47.16 फीसदी है. मतलब विराट कोहली की कप्तानी में आरसीबी 50 फीसदी से ज्यादा मैच हारती है, जो कि एक कप्तान के लिए बेहद ही खराब है.

विराट कोहली 9 सीजन से बैंगलोर के कप्तान हैं

आखिर क्यों खराब है बतौर कप्तान विराट कोहली का प्रदर्शन?


अब सवाल ये है कि आखिर विराट कोहली (Virat Kohli)  की कप्तानी में बैंगलोर की टीम इतना खराब प्रदर्शन क्यों करती है? बैंगलोर की टीम में डिविलियर्स जैसे सुपरस्टार हैं, इसके बावजूद टीम अबतक आईपीएल क्यों नहीं जीत पाई? इसका एक ही जवाब नजर आता है- खराब गेंदबाजी. टी20 कहने को तो बल्लेबाजों का खेल है लेकिन क्रिकेट के इस छोटे फॉर्मेट में टीम की जीत और हार उसकी गेंदबाजी पर निर्भर करती है. आईपीएल की सबसे कामयाब टीम मुंबई इंडियंस हो या फिर धोनी की अगुवाई वाली चेन्नई सुपरकिंग्स, इन दोनों ही टीमों की खास बात है उनका जबर्दस्त संतुलन और अच्छी गेंदबाजी. एमएस धोनी के पास बेहद ही अनुभवी स्पिनर्स की फौज है वो हरभजन सिंह, रवींद्र जडेजा, मिचेल सैंटनर जैसे गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरते हैं और रोहित शर्मा के पास मलिंगा, बुमराह और मिचेल मैक्लेनेघन जैसी पेस बैटरी है. लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के पास ऐसे कोई गेंदबाज नहीं.

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के पास डेथ ओवर्स के गेंदबाज नहीं
रॉयल चैलेंजर्स की टीम हमेशा अपने बल्लेबाजों की वजह से सुर्खियों में रही है. टीम के पास विराट कोहली, क्रिस गेल, एबी डिविलियर्स जैसे धाकड़ बल्लेबाज रहे हैं लेकिन गेंदबाजी के मोर्चे पर उनके पास बेहद ही कमजोर खिलाड़ी हैं. युजवेंद्र चहल के अलावा उनके पास कोई ऐसा गेंदबाज नहीं जो उन्हें मैच जिता सके. बैंगलोर की गेंदबाजी वैसे इतनी भी कमजोर नहीं रही है लेकिन उसके गेंदबाज डेथ ओवर्स (अंतिम 5 ओवर) में सबसे ज्यादा रन लुटाते हैं और यही आखिरी 30 गेंदें उसकी हार तय करती हैं. खुद आरसीबी के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ये बात कह चुके हैं.

2020 में है विराट के पास अच्छे गेंदबाज
आईपीएल के 13वें सीजन के लिए विराट कोहली (Virat Kohli)  के पास अच्छे गेंदबाज हैं. उसने क्रिस मॉरिस, इसरु उडाना जैसे टी20 स्पेशलिस्ट अपनी टीम में शामिल किये हैं. टीम के पास डेल स्टेन जैसा तेज गेंदबाज भी है. इसके अलावा लेग स्पिनर एडम जंपा भी इस टीम को मजबूती देंगे. अगर टीम दो लेग स्पिनर और एक बाएं हाथ के स्पिनर के साथ मैदान पर उतरे तो बैंगलोर के पास जीत के अच्छे मौके बन सकते हैं. अब देखना ये है कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर आईपीएल 2020 में कैसा प्रदर्शन करती है.
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