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विकेटकीपिंग स्पेशलिस्ट जॉब है, खासकर टेस्ट क्रिकेट में: ऋद्धिमान साहा

ऋद्धिमान साहा बोले, मैं अपना काम करने में विश्वास करता हूं (Rishabh Pant, Wriddhiman Saha/ Instagram)
ऋद्धिमान साहा बोले, मैं अपना काम करने में विश्वास करता हूं (Rishabh Pant, Wriddhiman Saha/ Instagram)

ऋषभ पंत के साथ तुलना पर साहा कहा, ''मैं इस तरह की तुलना 2018 से सुनता आ रहा हूं. मैं अपना काम करने में विश्वास करता हूं और मैं ऋषभ पंत की बल्लेबाजी को लेकर चिंतित नहीं हूं. इसकी वजह से मैं अपना खेल नहीं बदलना चाहता. यह टीम मैनेजमेंट का फैसला है कि स्टम्प्स के पीछे कौन खड़ा होगा.''

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 6:11 PM IST
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नई दिल्ली. भारत के अनुभवी विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) ने 2010 में नागपुर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था. इन 10 सालों में साहा ने महज 38 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें 3 शतक और 5 अर्धशतक उनके नाम दर्ज हैं. कई सालों से वह भारत के सबसे लंबे फॉर्मेट में नंबर 1 विकेटकीपर हैं, लेकिन कहीं न कहीं उनकी बल्लेबाजी ने ग्ल्व्स के साथ उनकी क्षमताओं को पूरा नहीं किया है. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज (India vs Australia) में भारत ने 2-1 से जीत हासिल की है. एडिलेड में खेले गए डे-नाइट टेस्ट के बाद साहा को प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप कर दिया गया. साहा ने एडिलेड टेस्ट की दो पारियों में 9 और 4 रन का पारी खेली थी. इस मैच में भारतीय टीम दूसरी पारी में महज 36 रन पर ऑल आउट हो गई थी. इसके बाद सीरीज के अगले तीन मैचों के लिए इस सीनियर खिलाड़ी की बजाय युवा ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को तवज्जो दी गई.

हाल ही में ऋद्धिमान साहा ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में ऋषभ पंत के साथ तुलना पर कहा, ''मैं इस तरह की तुलना 2018 से सुनता आ रहा हूं. मैं अपना काम करने में विश्वास करता हूं और मैं ऋषभ पंत की बल्लेबाजी को लेकर चिंतित नहीं हूं. इसकी वजह से मैं अपना खेल नहीं बदलना चाहता. यह टीम मैनेजमेंट का फैसला है कि स्टम्प्स के पीछे कौन खड़ा होगा.''

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36 वर्षीय इस विकेटकीपर-बल्लेबाज का कहना है कि उन्हें एडिलेड में मिचेल स्टार्क के खिलाफ पहली पारी में अपने शॉट सेलेक्शन का पछतावा है. उन्होंने कहा, ''यह ऑफ साइड से कहीं दूर था और मैंने गलत फैसला लिया, लेकिन दूसरी पारी में मिडविकेट के बीच से फ्लिक कुछ ऐसा है, जो मैं हमेशा खेलता हूं. यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि वहां फील्डर था. वह हमारे लिए एक खराब दिन था.''
एडम गिलक्रिस्ट और महेंद्र सिंह धोनी के बाद के दौर में, जिन्होंने विकेटकीपरों को ऑलराउंडर के रूप में परिभाषित किया. साहा उन कुछ खिलाड़ियों में से एक हैं, जो एक विशेषज्ञ कीपर की श्रेणी में आते हैं. साहा ने कहा, ''ऐसी परिस्थितियां होती हैं जब एक चूक एक मैच के परिणाम को बदल सकती है. विकेटकीपिंग एक स्पेशलिस्ट जॉब है, खासकर टेस्ट क्रिकेट में. मैं हर उस कैच को पकड़ने का दावा नहीं कर रहा हूं जो मेरे सामने आता है, लेकिन यह एक विशेषज्ञ की पोजिशन है और ऐसा ही रहना चाहिए.''

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उन्होंने आगे ऋषभ पंत के कैच छोड़ने पर हुई आलोचना पर कहा, ''देखिए, अब पंत विकेटकीपिंग कर रहे हैं. मुझे यकीन है कि वह इस पर काम करेंगे और साथ बेहतर होने की कोशिश भी करेंगे. टीम मैनेजमेंट को उनमें विश्वास रखना होगा और मुझे यकीन है कि वे जानते हैं कि क्या प्राथमिकता है- उसकी बल्लेबाजी या कीपिंग.''

भारतीय क्रिकेट टीम की तरह ही ऋद्धिमान साहा भी उम्मीद छोड़ने में विश्वास नहीं रखते हैं. उन्होंने कहा, ''मैं चेन्नई में इंग्लैंड का सामना करने पर मिलने वाले हर मौके का भरपूर फायदा उठाउंगा.''
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