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Ishan Kishan Exclusive: ईशान किशन की दहाड़- मौका आने दीजिए, अब छक्के से पूरा करूंगा डबल सेंचुरी..

ईशान किशन ने कुछ दिन पहले ही बांग्लादेश के खिलाफ वनडे मैच में दोहरा शतक जमाया था. (PTI)

ईशान किशन ने कुछ दिन पहले ही बांग्लादेश के खिलाफ वनडे मैच में दोहरा शतक जमाया था. (PTI)

ISHAN Kishan Exclusive: साल 2022 के आखिर में बांग्लादेश दौरे पर आखिरी वनडे में दोहरा शतक लगाने के बाद ईशान किशन अब नए स ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक बनाकर साल 2022 का अपने लिए खास बना चुके ईशान किशन 2023 में नई शुरुआत के लिए तैयार हैं. हाल ही में झारखंड के इस विकेटकीपर बल्लेबाज़ के साथ हमने ख़ास बात-चीत की. ईशान किशन ने कुछ दिन पहले ही बांग्लादेश दौरे पर आखिरी वनडे मैच में दोहरा शतक जमाकर उस एलीट क्लब में जगह बनाई थी, जिसमें सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, रोहित शर्मा जैसे दिग्गज शामिल हैं.

  • सचिन तेंदलुकर, वीरेंद्र सहवाग, रोहित शर्मा और उसके बाद ईशान किशन… आप जब इस एलीट फेहरिश्त में अपना नाम भी पाते हैं तो कैसा लगता है?

    बहुत खुशी होती है जब सब लोग ऐसे मुझे बताते भी हैं कि इन महान खिलड़ियों के बाद आपका नाम है, बहुत खुशी होती है. यह भी लगता है कि मुझे और ज्यादा अच्छा करना है ताकि मैं और भी बड़ा नाम बना सकूं. जितना सचिन पाजी, वीरू पाजी, रोहित भाई. इन लोगों ने जो किया है टीम इंडिया के लिए, वह मैं भी कर सकूं और उतने मैच जिता सकूं इंडियन टीम को. इसलिए ऐसा होता है कि खुशी होती है कुछ पलो के लिये लेकिन लगता है कि अभी काम पर लगना है.
  • वक्त हो गया है उस डबल हंड्रेड को. लेकिन अब जब हाइलाइट्स देखते हैं या उस पारी को रिकॉल करते हैं, तो क्या आप खुद को पिंच करते हैं कि क्या वाकई मैंने डबल हंड्रेड कर लिया.
  • मुझे खुद से यह उम्मीद तो थी कि मैं जरूर कर लूंगा क्योंकि जो आक्रामक बल्लेबाज होते हैं वो जब एक बार जम जाते हैं तो काफी शॉट्स खेलना पसंद करते हैं. स्पेशली जब आपका अच्छा दिन होता है तो कोई भी आक्रामक बल्लेबाज गेम में चेंज ला सकता है… लेकिन अब जब मैं उस पारी को देखता हूं तो मुझे दिखता है कि में 35वें ओवर में आउट हुआ, 15 ओवर और बचे थे तो मुझे काफी बुरा लगता है कि काश मैंने वो 15 ओवर भी खेला होता.

  • लेकिन इसमें अफसोस करने की क्या बात है. आपका जो स्टाइल है वो वीरू का स्टाइल हुआ करता था. एक वक्त था कि वीरू से पहले किसी ने इंडिया के लिए ट्रिपल हंड्रेड नहीं किया था, फिर उन्होंने दो ट्रिपल हंड्रेड किया… क्या आपको लगता है कि भाई चलो आज नहीं हुआ तो किसी औऱ दिन हो जाएगा.
  • एकदम ऐसा ही लगता है. जब भी मैं उनके वीडियो देखता तो मुझे वीरू पाजी की बैटिंग बहुत पसंद आती है. जैसे वो मारते थे क्योंकि उस टाइम पर जब पकिस्तान के साथ मैच होता था तो इतने फास्ट बॉलर्स होते थे और उनके खिलाफ उनके (वीरू) बाउंड्रीज़ देखकर मजा आता था. अगर मुझे मौका मिला और अगर मैं वैसी परिस्थिति में वापस आया तो इस बार तो छक्के के साथ नहीं कर पाया. लेकिन अगली बार जरूर छक्के के साथ अपना दो सौ पूरा करुंगा..

  • आप प्लेइंग 11 में रेगुलर नहीं खेल रहे है. अचानक टीम इंडिया बांग्लादेश से सीरीज हारती है, रोहित को चोट लगती है और आपको मौका मिलता है. आपने उस मौके को भुनाया और जैसा लोग बोलते हैं मौके पर चौका लगाना… पर आपने तो मौके पर डबल हंड्रेड लगा डाला?
  • बहुत सी चीज़ें दिमाग में आती है, हां बांग्लादेश से हम खेल रहे थे. लेकिन क्रिकेट की यही खास बात है कि कोई भी टीम छोटी नहीं होती और कोई भी टीम बहुत बड़ी नही होती है. वो उस दिन पर जो भी अच्छा प्लान करता है, जो भी अच्छा क्रिकेट खेलता है वही जीतता है. मेरी यही कोशिश थी कि जब मुझे मौका मिला तो मैंने सोचा मैं खुद को साबित करूं और फिर जब क्रीज पर सेट हो गया तो मैंने सोचा की इस पारी को बड़े स्कोर में बदल दूं. जिससे टीम को भी हेल्प हो जाए और मैं अपना गेम खेल सकूं. मैं जब किसी मैच में क्रीज़ पर जाते ही आउट हो जाता हूं तो मुझे उतना बुरा नहीं लगता लेकिन जब मैं सेट होकर बड़ी पारी नहीं खेल पाता तो मुझे काफी बुरा लगता है. तो ये मेरा प्लान था कि अगर सेट हो जाउं तो मैं अपना विकेट आसानी से नहीं दूंगा और एक बड़ा स्कोर बनाउंगा.

  • ईशान कुछ साल पहले मुंबई इंडियंस की एक डॉक्यूमेंट्री आई थी. बड़ी दिलचस्प थी. उसमें आप फीचर कर रहे थे. महेला जयवर्धने आपके साथ बात कर रहे थे. मैंने ये डॉक्यूमेंट्री दो-तीन साल पहले देखी थी. तभी से ईशान किशन की एक बात मेरे जेहन में बसी हुई है जहां पर वो अपनी कमजोरियों के बारे में बात कर रहा है. एक यंग खिलाड़ी ओपन प्लेटफॉर्म में अपनी कमजोरी के बारे में बात कर रहा है. अमूमन लोग अपनी कमजोरी का खुलासा दुनिया के सामने करने से कतराते हैं. लेकिन आप ऐसा नहीं सोचते. इसके बारे में बताएं.
  • मेरी सोच साफ है कि अगर किसी को मेरी कमजोरी पता चल जाये तो मैं अपने आप को बचाने के लिए ना देखूं, बल्कि मैं उल्टा कोशिश करता हूं कि अगर कोई जानता है कि मुझे बल्लेबाजी में कहीं दिक्कत होती है तो वो जो अगली बार मुझे मिले तो उसको गलत साबित कर सकूं. मान लीजिये अगर मेरा कट शॉट वीक है तो मैंने इस पर कोच से बात भी की है और ये टीवी पर भी दिखाया गया है तो अब अगर अगली बार मुझे वो गेंद मिले तो मैं उसे मारने के लिए जाउंगा, तो उसे लगेगा कि अरे यार इसने तो इस गेंद की प्रैक्टिस की है क्योंकि इस लेवल पर आप बहुत देर तक वीक नहीं रह सकते. अब खेल के इतने वीडियो देखे जाते हैं कि सबको सबकुछ पता है.. आपकी स्ट्रेंथ क्या है आपकी वीकनेस क्या है. और जब आप इंटरनेशनल लेवल पर खेलते हो तो आपको आपके वीकनेस पर भी बहुत ज्यादा काम करना पड़ता है.

    Tags: Ishan kishan

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