ICC ने बदले नियम, अब महिला वनडे में सुपर ओवर से निकलेगा टाई मैचों का रिजल्ट

महिला वनडे क्रिकेट में 5 ओवर के शुरुआती बल्लेबाजी पावरप्ले को  भी हटा दिया गया है. (File Photo)

महिला वनडे क्रिकेट में 5 ओवर के शुरुआती बल्लेबाजी पावरप्ले को भी हटा दिया गया है. (File Photo)

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) बोर्ड और समिति की गुरुवार को हुई वर्चुअल मीटिंग कॉन्फ्रेंस में कई फैसले लिए गए. भारतीय दिग्गज गेंदबाज अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली आईसीसी क्रिकेट समिति ने महिला क्रिकेट के कुछ नियम भी बदल दिए.

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दुबई. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने महिला क्रिकेट में दो बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी है. महिला के वनडे क्रिकेट में 5 ओवर के शुरुआती बल्लेबाजी पावरप्ले को हटा दिया गया है. इसके अलावा सभी टाई होने वाले मैचों का फैसला अब सुपर ओवर से किया जाएगा. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) बोर्ड और समिति की गुरुवार को हुई वर्चुअल मीटिंग कॉन्फ्रेंस में कई फैसले लिए गए. भारतीय दिग्गज गेंदबाज अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली आईसीसी क्रिकेट समिति ने महिला क्रिकेट के कुछ नियम भी बदल दिए.

इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया है कि टेस्ट और वनडे का दर्जा सभी पूर्ण सदस्य महिला टीमों को दिया जाएगा. यह भी सहमति बनी है कि अगले साल बर्मिंघम में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के सभी मैचों को महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय का दर्जा मिलेगा. मेल जोन्स (क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया) और कैथरीन कैंपबेल (न्यूजीलैंड क्रिकेट) को आईसीसी महिला समिति में पूर्ण सदस्य प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया है.

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बोर्ड ने पहले ICC महिला अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप-2021 को भी स्थगित करने के लिए सहमति जताई. यह टूर्नामेंट बांग्लादेश में इस साल के अंत में होना था लेकिन कोरोना वायरस के चलते इसे स्थगित करने का फैसला किया गया है. बोर्ड ने कहा कि इस घातक वायरस के कारण खेलों पर प्रभाव पड़ा जिससे टीमें इस साल के अंत में एक वैश्विक टूर्नामेंट के लिए सही तरह से तैयारी नहीं कर पाएंगी. अब यह टूर्नामेंट जनवरी 2023 में आयोजित किया जाएगा.
इसी तरह टीमों को ICC महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप-2022 की तैयारियों के लिए वैश्विक क्वालिफायर को भी स्थगित कर दिया जाएगा और अब इसका आयोजन दिसंबर-2021 में होगा. भारत और इंग्लैंड सीरीज के दौरान अंपायर्स कॉल पर सवाल खड़े हुए थे और डीआरएस के इस नियम पर दोबारा विचार करने की मांग उठी लेकिन आईसीसी ने इस पर चर्चा के बाद इसे बरकरार रखने का फैसला किया.
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