वर्ल्ड कप : अगर सुपर ओवर के बाद बाउंड्रीज भी बराबर होतीं तो क्या होता?

सुपर ओवर टाई रहने पर इंग्लैंड को ज्यादा बाउंड्री लगाने के आधार पर विजेता घोषित कर दिया गया था. लेकिन अगर दोनों की बाउंड्री भी बराबर होतीं तो क्या होता?

News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 10:48 AM IST
वर्ल्ड कप : अगर सुपर ओवर के बाद बाउंड्रीज भी बराबर होतीं तो क्या होता?
वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ इंग्लैंड की टीम
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Updated: July 18, 2019, 10:48 AM IST
वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में सुपर ओवर का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि भला इतने बड़े टूर्नामेंट में विजेता का फैसला बाउंड्रीज से कैसे हो सकता है. इतना ही नहीं ओवर थ्रो पर जिस तरह अंपायर ने 6 रन दे दिए इसको लेकर भी आलोचनाओं का दौर लगातार जारी है. सुपर ओवर टाई रहने पर इंग्लैंड को ज्यादा बाउंड्री लगाने के आधार पर विजेता घोषित कर दिया गया था. लेकिन अगर दोनों की बाउंड्री भी बराबर होतीं तो क्या होता?

सुपर ओवर का ये नियम बड़ा भी उलझा हुआ है. आइए हम आपको सिलसिलेवार तरीके से इसे समझाते हैं...
1. स्कोर बराबर होने पर मैच टाई माना जाता है और दोनों टीमों को बराबार-बराबर प्वाइंट बांट दिए जाते हैं. ऐसा लीग मैचों में होता है.
2. इस बार आईसीसी ने फाइनल मैच टाई होने पर सुपर ओवर का नियम लगाया

3. सुपर ओवर भी टाई होने पर ये फैसला किया गया था कि जो टीम ज्यादा बाउंड्री लगाएगी उसे विजेता घोषित कर दिया जाएगा. इसी के तहत इंग्लैंड की टीम चैंपियन बनी.

ओवर थ्रो पर 6 रन दिए जाने से हुआ विवाद


बाउंड्री भी बराबर होने पर क्या होता?
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अब सवाल उठता है कि अगर इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के फाइनल मैच में सुपर ओवर में बाउंड्री भी बराबर होतीं तो क्या होता?
1. ऐसे हालात में सुपर ओवर में छह अलग-अलग गेंदों पर बनाए गए रन की तुलना की जाती
2. मान लीजिए, छठी गेंद पर इंग्लैंड ने 6 रन बनाए होते और न्यूजीलैंड ने 5 तो इंग्लैंड को विजेता माना जाता
3. अगर दोनों ही टीमों ने छठी गेंद पर एक समान रन बनाए होते तो पांचवीं गेंद पर बने रन देखे जाते.
4. इस गेंद पर जिस टीम ने ज्यादा रन बनाए होते, उसे विजेता घोषित किया जाता.
5. जिस गेंद पर भी ये टाई खत्म हो जाता वहां विजेता टीम का ऐलान कर दिया जाता.

सचिन ने उठाए थे सवाल
महान बल्लेबाज और भारत के पूर्व खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर भी आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप में विजेता चुनने के फैसले से सहमत नहीं हैं. उन्होंने वर्ल्ड कप फाइनल पर सवाल खड़े करते हुए बाउंड्री के आधार पर विजेता चुनने के फैसले को गलत बताया. सचिन ने कहा, ''मुझे लगता है कि दोनों टीमों की बाउंड्री पर विचार करने की जगह एक और सुपरओवर से विजेता का फैसला होना चाहिए था. सचिन ने आगे कहा, हर मैच अहम है. जिस तरह से फुटबॉल में जब टीमें एक्स्ट्रा टाइम में जाती है तो पिछला खेल कुछ मायने नहीं रखता''.

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First published: July 18, 2019, 10:29 AM IST
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