2017 वर्ल्ड कप के फाइनल के बाद संन्यास लेना चाहती थी मिताली, जानिए क्यों टाला फैसला

मिताली राज भारत की वनडे कप्तान हैं

मिताली राज (Mithali Raj) भारत (India) की वनडे कप्तान हैं और टी20 फॉर्मेट से संन्यास ले चुकी हैं

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    नई दिल्ली. भारत की एक दिवसीय क्रिकेट कप्तान मिताली राज (Mithali Raj) ने कहा है कि उनका पूरा ध्यान अगले साल विश्व कप (ICC World Cup) जीतकर अपने करियर का सफलता के शिखर पर अंत करने पर लगा है . आईसीसी के अगले वर्ल्ड कप का आयोजन 2021 में होना है और मिताली लॉकडाउन के बीच भी और उससे पहले भी पूरी तरह उसपर ध्यान लगाकर अभ्यास करने में जुटी हुई हैं. मिताली के वर्ल्ड कप जीतना किसी भी चीज से ज्यादा अहम है.

    2017 में संन्यास लेना चाहती थी मिताली
    भारत दो बार विश्व कप जीतने के करीब पहुंचकर चूक गया. मिताली की कप्तानी में भारत 2017 विश्व कप फाइनल में पहुंचा लेकिन मेजबान इंग्लैंड से हार गया . इसके एक साल बाद वेस्टइंडीज में टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई . इस साल हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भी भारत ने टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाई लेकिन चार बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को मात नहीं दे पाई. हालंकि अब मिताली टी20 से संन्यास ले चुकी हैं.

    मिताली ने स्टार स्पोटर्स के एक तेलुगू कार्यक्रम में कहा ,‘2013 में जब भारत में विश्व कप हुआ था, हम सुपर सिक्स में भी नहीं पहुंचे थे. मुझे बहुत दुख हुआ था .’ उन्होंने कहा ,‘मैने सोचा 2017 विश्व कप में कोशिश करते हैं . मैने विश्व कप के लिये बहुत मेहनत की . बतौर खिलाड़ी, कप्तान काफी होमवर्क किया . जब हम फाइनल में पहुंचे तो मैने सोचा कि फाइनल जीतकर मैं संन्यास ले लूंगी .’

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    उन्होंने कहा ,‘इतने साल खेलकर मैने सब कुछ पाया सिवाय विश्व कप के . 2021 में मैं फिर कोशिश करूंगी . उम्मीद है कि सभी की शुभकामनाओं से इस बार हम जीत पायेंगे .’ सैतीस वर्ष की मिताली ने पिछले साल टी20 क्रिकेट को अलविदा कह दिया . उनका मानना है कि बीसीसीआई को पांच साल पहले महिला क्रिकेट को अपनी छत्रछाया में ले लेना चाहिये था .

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    उन्होंने कहा ,‘बीसीसीआई ने महिला क्रिकेट को 2006- 07 में अपनी छत्रछाया में लिया . यह पांच साल पहले हुआ होता तो और बेहतर रहता . उस समय कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे लेकिन पैसे के अभाव और खेल के मार्फत आर्थिक स्थिरता नहीं मिलने से उन्होंने दूसरा पेशा चुना.’

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