WTC Final: टीम इंडिया ने टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत इंग्लैंड से की थी, अब फाइनल भी यहीं खेलेगी

विराट कोहली की नजर पहली आईसीसी ट्रॉफी पर होगी. (Instagram/Virat Kohli)

टीम इंडिया (Team India) वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल (WTC Final) खेलने को तैयार है. यह मुकाबला 18 से 22 जून तक भारत और न्यूजीलैंड के बीच साउथैम्पटन में होना है. विराट कोहली अपनी कप्तानी में पहली आईसीसी ट्रॉफी जीतना चाहेंगे.

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    साउथैम्पटन. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए टीम इंडिया ने 15 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है. फाइनल मुकाबले के 15 दिन पहले टीम इंग्लैंड आ गई थी. हालांकि 10 दिन तक उसे आइसोलेशन में रहना पड़ा था. इस बीच टीम ने इंट्रा स्क्वॉयड के मुकाबले भी खेले. दूसरी ओर न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड से दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली. उसने सीरीज पर 1-0 से कब्जा किया. फाइनल मैच 18 से 22 जून तक साउथैम्पटन में होना है. हालांकि फाइनल मैच के दौरान बारिश की आशंका जताई जा रही है.

    आईसीसी की ओर से 2019 में पहली बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का आयोजन शुरू किया गया. इसे टेस्ट का वर्ल्ड कप भी कहा जाता है. अब इसका फाइनल होने जा रहा है. बहुत कम लोगों को यह जानकारी होगी कि टीम इंडिया ने अपना पहला टेस्ट इंग्लैंड में ही खेला था. 25 जून 1932 को भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स पर यह मुकाबला खेला गया था. हालांकि टीम को इस मुकाबले में 158 रन से हार मिली थी.

    पहली जीत के लिए 20 साल तक इंतजार करना पड़ा

    टीम इंडिया ने भले ही 1932 में पहले टेस्ट खेल लिया था, लेकिन उसे पहली जीत के लिए 20 साल तक इंतजार करना पड़ा. जून 1952 में मद्रास (अब चेन्नई) में खेले गए मुकाबले में टीम ने इंग्लैंड को पारी और 8 रन से हराकर पहली जीत दर्ज की. इससे पहले खेले गए 24 टेस्ट में से उसे 12 में हार मिली थी जबकि 12 मैच ड्रॉ रहे थे. टीम को जब पहली जीत मिली थी, तब विजय हजारे टीम के कप्तान थे.

    न्यूजीलैंड ने भारत से पहले टेस्ट खेलना शुरू किया

    न्यूजीलैंड भले ही छोटा देश है, लेकिन उसने भारत से पहले क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था. न्यूजीलैंड ने पहला टेस्ट घर में 10 जनवरी 1930 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला था. हालांकि मैच में उसे 8 विकेट से हार मिली थी. टीम को पहली टेस्ट जीत के लिए 26 साल तक इंतजार करना पड़ा. मार्च 1956 में टीम ने ऑकलैंड में खेले गए टेस्ट में विंडीज को 190 रन से हराया. इससे पहले खेले 44 टेस्ट में से 22 में उसे हार मिली थी जबकि 22 टेस्ट ड्रॉ रहे थे.

    इंग्लैंड में दोनों टीम का रिकॉर्ड खराब

    भारत और न्यूजीलैंड पहली बार न्यूट्रल वेन्यू पर टेस्ट खेलने जा रहे हैं. दोनों टीमों के इंग्लैंड में टेस्ट के रिकॉर्ड को देखें तो यह बेहद खराब है. टीम इंडिया ने इंग्लैंड में अब तक 62 टेस्ट खेले हैं. सिर्फ 7 में हमें जीत मिली है. 34 हारे हैं, जबकि 21 ड्रॉ रहे हैं. दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम 56 में से सिर्फ 6 टेस्ट जीत सकी है. 30 में उसे हार मिली है जबकि 20 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं.

    WTC में न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड घर में टीम इंडिया से अच्छा

    वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सभी टीम को तीन सीरीज घर पर जबकि तीन सीरीज घर के बाहर खेलनी थी. लेकिन कोरोना के कारण कई सीरीज को स्थगित करना पड़ा था. इस दौरान न्यूजीलैंड की टीम घर में सभी मैच जीतने वाली इकलौती टीम रही. टीम ने सभी 6 मैच जीते. दूसरी ओर टीम इंडिया ने 9 में से 8 मैच में जीत दर्ज की जबकि एक में उसे हार मिली. ऑस्ट्रेलिया की टीम ने 9 में से 6 मैच जीते, दो में हार मिली.

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    कोहली ने बतौर कप्तान 36 टेस्ट जीते हैं

    विराट कोहली ने टेस्ट में बतौर कप्तान 60 मैच खेले हैं. 36 में जीत मिली है, जबकि 14 मुकाबलों में हार मिली. दूसरी ओर न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने 36 मैच में कप्तानी की है और 21 मैच जीते हैं. 8 में हार मिली थी. यानी दोनों का जीत का प्रतिशत रिकॉर्ड लगभग बराबर है. विराेधी टीम के मैदान पर बतौर कप्तान विराट कोहली ने 30 मैच में से 13 जीते हैं, 12 हारे हैं. वहीं विलियमसन ने 11 में से 3 जीते हैं जबकि 6 में हार मिली है. यानी विदेशी मैदान पर जीत के मामले में कोहली का रिकॉर्ड अच्छा है.

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