जब क्रिकेट नहीं खेलता था तब रात को सो नहीं पाता था: पठान

यूसुफ पठान ने आईपीएल के तीन खिताब जीते हैं.

यूसुफ पठान ने आईपीएल के तीन खिताब जीते हैं.

यूसुफ पठान ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया है. 20 साल के क्रिकेट करिअर में उन्होंने 79 इंटरनेशनल मुकाबले और 100 फर्स्ट क्लास के मुकाबले खेले. वे दो वर्ल्ड कप चैंपियन टीम का हिस्सा भी रहे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 27, 2021, 11:29 AM IST
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नई दिल्ली. यूसुफ पठान (Yusuf Pathan) ने शुक्रवार को क्रिकेट से संन्यास ले लिया. 20 साल के करिअर में उन्होंने 57 वनडे इंटरनेशनल और 22 टी20 के मुकाबले खेले. इसके अलावा उन्होंने 100 फर्स्ट क्लास के मुकाबले भी खेले. संन्यास के बीच उनके छोटे भाई इरफान पठान ने उनके साथ क्रिकेट करिअर, संन्यास और क्रिकेट के बाद वे क्या करेंगे, इस बारे में विस्तार से बात की है. इसका पूरा वीडियो उन्होंने सोशल साइट पर पोस्ट भी किया है. इस वीडियो को 26 हजार से ज्यादा लोगाें ने फेसबुक पर लाइक भी किया है. वीडियो में दोनों के बीच हुई बातचीत इस तरह है:

सबसे पहले यूसुफ वीडियो में यह कहते हुई सुनाई देते हैं कि मुझे आज भी वो दिन आज जब मैंने पहली बार मुल्क की जर्सी पहनी थी. उस दिन मैंने सिर्फ जर्सी नहीं पहनी. बल्कि मैंने परिवार का, दोस्ताें का, कोच का, पूरे देश का और अपनी उम्मीदों का भार कंधों का पहना था. बचपन से लेकर आज तक जब से मुझे याद है मेरी पूरी दुनिया सिर्फ क्रिकेट के आस-पास रही. मैंने इंटरनेशनल, आईपीएल और घरेलू मुकाबले खेले. लेकिन आज का दिन थोड़ा अलग है. आज वर्ल्ड कप या आईपीएल फाइनल नहीं है. लेकिन आज का दिन भी शायद उतना ही अहम है.

इस बीच इरफान ने पूछा- लाला (यूसुफ) आपको याद है आपने पहली बार कब बैट पकड़ा था. यूसुफ ने कहा- हां याद है, लेकिन उसे बैट नहीं कह सकते, उससे कपड़े धुले जाते थे. लोग उसे डोका बाेलते थे.

इरफान ने कहा- 2007 में टी20 वर्ल्ड के फाइनल में मुल्क के लिए पहली बार बल्ला पकड़ा था, क्या महससू किया? यूसुफ ने कहा, बहुत सी चीजें याद हैं. एक समय था जब हम डोके, फल की पेटी से खेलते थे, लेकिन मुल्क के लिए खेलना और फाइनल में बैट पकड़ना गर्व महसूस करने वाला था. टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद मुंबई में जीत का जश्न आज भी याद है. मुंबई की पूरी सड़क भरी थी. लोग छत से और फ्लैट से फूल बरसा रहे थे.
इरफान ने पूछा- सबसे मुश्किल लम्हा क्या रहा? यूसुफ बोले- ऐसा कभी नहीं लगा. फाइट करना अच्छा लगता था. लेकिन जब खेल नहीं रहा होता तब मुश्किल लगता था और रात को सो नहीं पाता था. इस बीच बातचीत में यूसुफ ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल की जीत को सबसे यादगार लम्हा बताया. दिलीप ट्रॉफी में 550 रन का रिकॉर्ड स्कोर और इसमें यूसुफ ने पहल पारी में शतक और दूसरी पारी में दोहरा शतक लगाया था. इसके अलावा उन्होंने आईपीएल में 37 गेंद पर शतक भी लगाया. दो बार कोलकाता और एक बार राजस्थान की ओर से आईपीएल चैंपियन बने. इरफान ने कहा कि राजस्थान की ओर से आपका आईपीएल का पहला सीजन जीतना मेरे लिए खास था. क्योंकि उस मैच में माता-पिता भी थे और आप मैन ऑफ द मैच भी बने थे.

इरफान ने अंत में पूछा- यूसुफ पठान, लाला, शेर के लिए आगे क्या? यूसुफ ने कहा- क्रिकेट ही खेलना है. लोगों का और आपका मनोरंजन करता रहूंगा. वीडियाे के अंत में एक बार फिर यूसुफ आते हैं और कहते हैं- आज का दिन अहम है. अब समय आ गया है जिंदगी की इस पारी को खत्म करने का. लेकिन मुझे कोई क्रिकेट से दूर नहीं कर सकता. भले ही जर्सी उतार दूं, लेकिन उम्मीद आज भी दिल में रहेगी. फैमिली, फैंस, टीम, देश ने हमेशा मेरा साथ दिया है. मेरी जिंदगी का हिस्सा बनने के लिए आपका शुक्रिया. मैं सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं और उम्मीद करता हूं कि आप आगे भी इसी तरह मेरी हौसला अफजाई करते रहेंगे.
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