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धोनी का पसंदीदा खिलाड़ी होने की वजह से वर्ल्ड कप 2011 का फाइनल खेले रैना: युवराज

इरफान पठान, सुरेश रैना, अमित मिश्रा, मोहम्‍मद कैफ हर किसी ने चयनकर्ताओं पर सवाल उठाए

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साल 2011 वर्ल्ड कप पर भारत ने कब्जा किया था और इस टूर्नामेंट में भारत के सबसे बड़े हीरो युवराज सिंह (Yuvraj Singh) थे, ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. साल 2011 का वर्ल्ड कप...एमएस धोनी (MS Dhoni) ने श्रीलंका के तेज गेंदबाज नुवान कुलासेकरा की गेंद पर छक्का लगाया और भारत ने 28 साल बाद वर्ल्ड चैंपियन (ICC World Cup 2011) बनने का गौरव हासिल किया. फाइनल मैच में एमएस धोनी ने जबर्दस्त पारी खेल भारत को खिताबी जीत दिलाई थी. वहीं युवराज सिंह इस टूर्नामेंट के हीरो चुने गए. इस ऐतिहासिक लम्हे को 9 साल बीत चुके हैं और अब युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने धोनी और सुरेश रैना (Suresh Raina) पर बड़ा बयान दिया है. युवराज सिंह ने खुलासा किया है कि वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में सुरेश रैना को धोनी की वजह से प्लेइंग इलेवन में जगह मिली थी.

    युवराज सिंह का बड़ा खुलासा
    युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स तक से खास बातचीत में कहा कि किसी भी कप्तान का अपना मनपसंद खिलाड़ी होना आम बात है और जब बात महेंद्र सिंह धोनी की आती है तो वह सुरेश रैना थे जिसे इस पूर्व भारतीय कप्तान का समर्थन हासिल था. युवराज ने खुलासा किया कि किस तरह 2011 विश्व कप के दौरान धोनी को चयन को लेकर सिरदर्द का सामना करना पड़ा जब उन्हें प्लेइंग इलेवन के लिए उनमें, यूसुफ पठान में और सुरेश रैना में से किसी दो को चुनना था,

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    युवराज (Yuvraj Singh) ने ‘स्पोर्ट्स तक’ से कहा, 'सुरेश रैना को तब काफी समर्थन हासिल था क्योंकि धोनी उसका समर्थन करते थे. सभी कप्तानों के पसंदीदा खिलाड़ी होते हैं और मुझे लगता है कि उस समय माही ने रैना का काफी समर्थन किया.' आखिर में प्लेइंग इलेवन में युवराज और रैना ने जगह बनाई और यूसुफ पठान को बाहर रखा गया. युवराज सिंह ने कहा, 'उस समय यूसुफ पठान भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा था और मैं भी अच्छा कर रहा था और विकेट भी हासिल कर रहा था. रैना उस समय अच्छी लय में नहीं था.' युवराज ने कहा, 'उस समय हमारे पास बायें हाथ का स्पिनर नहीं था और मैं विकेट हासिल कर रहा था इसलिए उनके पास कोई और विकल्प नहीं था.'

    रैना के आंकड़े यूसुफ पठान से अच्छे
    वैसे युवराज जो भी दावे कर रहे हों लेकिन सुरेश रैना का वर्ल्ड कप 2011 में प्रदर्शन यूसुफ पठान से अच्छा था. रैना ने 4 मैचों की 3 पारियों में 74 की औसत से 74 रन बनाए थे और उनका स्ट्राइक रेट 98.66 था. वहीं यूसुफ पठान ने 6 पारियों में सिर्फ 14.80 की औसत से 74 रन ही जोड़े. इसके अलावा रैना को पठान से ज्यादा अनुभव था और शायद इसीलिए धोनी ने खिताबी मुकाबले में रैना के अनुभव पर दांव खेला.

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    Tags: Icc world cup 2011, Ms dhoni, Sports news, Suresh raina, Yuvraj singh

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