युवराज सिंह को टेस्ट में मिले कम मौके, अब छलका दर्द, बोले- 7 साल तक 12वां खिलाड़ी रहा

युवराज सिंह ने अपने टेस्ट करियर में 40 मैच खेले और कुल 1900 रन बनाए.(Instagram)

युवराज सिंह ने अपने टेस्ट करियर में 40 मैच खेले और कुल 1900 रन बनाए.(Instagram)

दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने 2000 में वनडे डेब्यू कर लिया था लेकिन टेस्ट टीम में जगह बनाने में करीब तीन साल का वक्त लगा. वह 2003 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला टेस्ट मैच मोहाली में अक्टूबर 2003 में खेले.

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नई दिल्ली. भारत के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने करीब 17 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला लेकिन उन्हें टेस्ट में कम मौके मिले. इस पर संन्यास के दो साल बाद उनका दर्द छलका है और उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी है. 2011 वर्ल्ड चैंपियन टीम के सदस्य रहे युवराज को 40 टेस्ट मैचों में ही खेलने का मौका मिला. उन्होंने कहा है कि वह सात साल तक टेस्ट टीम में 12वें खिलाड़ी के तौर पर बने रहे.

खेल पत्रिका 'विजडन इंडिया' ने युवराज की तस्वीर के साथ फैंस से सवाल किया कि वह उस खिलाड़ी का नाम बताएं, जो ज्यादा टेस्ट मैच नहीं खेल पाया. इस पर युवराज ने भी जवाब दिया. उन्होंने लिखा, 'शायद अगले जन्‍म में हो पाएगा, जब मैं सात साल तक 12वां खिलाड़ी ना बनूं.'

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39 साल के युवराज ने अपने करियर में 304 वनडे और 58 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले. उनके नाम वनडे में 8701 रन और 111 विकेट हैं जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 1177 रन के साथ-साथ 28 विकेट भी लिए.

yuvraj singh on test career
युवराज सिंह ने सोशल मीडिया पर जवाब दिया है. (Twitter)

युवराज ने 2000 में वनडे डेब्यू कर लिया था लेकिन टेस्ट टीम में जगह बनाने में करीब तीन साल का वक्त लगा. वह 2003 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला टेस्ट मैच मोहाली में अक्टूबर 2003 में खेले. उन्होंने 2012 में आखिरी टेस्ट खेला लेकिन नौ साल में केवल 40 टेस्ट मैचों में ही खेलने का मौका मिल पाया. उन्होंने टेस्ट करियर में 1900 रन बनाए और 9 विकेट झटके.

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