Home /News /sports /

युजवेंद्र चहल का खुलासा, झूले से बांधकर परिवार करता था 'पिटाई'

युजवेंद्र चहल का खुलासा, झूले से बांधकर परिवार करता था 'पिटाई'

टिकटॉक वीडियो के दौरान पिता के साथ युजवेंद्र चहल

टिकटॉक वीडियो के दौरान पिता के साथ युजवेंद्र चहल

युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) ने बताया कि लॉकडाउन के समय को वो ज्‍यादा से ज्‍यादा सोकर काट रहे हैं

    नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण क्रिकेट टूर्नामेंट, सीरीज सब कुछ रद्द या स्‍थगित कर दिया गया है. जिस वजह से खिलाड़ी घरों में कैद हैं और इस दौरान क्रिकेटर्स तरह तरह के वीडियो बनाकर फैंस का भरपूर मनोरंजन कर रहे हैं. खासकर युजवेंद्र चहल (Yuvzendra Chahal), जो इन दिनों टिकटॉक पर छाए हुए हैं. चहल ने जतिन सपरु के साथ बातचीत में लॉकडाउन के दौरान अपनी स्थिति और अपनी जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं के बारे में खुलासा किया. इस बातचीत ने चहल ने यह भी बताया कि कैसे बचपन में उन्‍हें झूले से बांधकर पीटा जाता था.

    इनकम टैक्‍स इंस्‍पेक्‍टर का पद मिला था
    युजवेंद्र ने अपने करियर से जुड़ा एक खुलासा करते हुए कहा कि उन्‍हें 2018 में इनकम टैक्‍स इंस्‍पेक्‍टर की जॉब का ऑफर मिला था, मगर उन्‍हें लगता था कि उन्‍हें देखकर किसी को विश्‍वास नहीं होगा कि वो इंस्‍पेक्‍टर हैं. लॉकडाउन के दौरान घर में कैद युजवेंद्र ने अपने रूटीन को भी बताया कि कैसे वो घर में दिन काट रहे हैं. चहल ने बताया कि वो 6 बजे के करीब ही हो जाते हैं और फिर चार बजे के करीब उठते हैं, ताकि आधे से ज्‍यादा दिन निकल जाए. इसके बाद वह अपने कुत्‍ते के साथ खेलते हैं, फिर मम्‍मी के पास जाकर रसोई में बैठ जाते हैं और थोड़ी ही देर में शाम हो जाती है और उनका सोने का समय हो जाता है. उन्‍होंने कहा कि लॉकडाउन खत्‍म होने के बाद वह घर नही आएंगे, क्‍योंकि इन 21 दिनों से उनका 3 साल का कोटा पूरा हो गया है.




    झूले से बांधकर पीटता था परिवार
    अपने बचपन की यादों को शेयर करते हुए उन्‍होंने कहा कि पहले बाहर जाकर खेलना और देरी से सोकर उठने के कारण उन्‍हें डांट पड़ती थी. पिटाई को याद करते हुए उन्‍होंने बताया कि उन्‍हें झूले से बांधकर छोड़ दिया जाता था. जब मम्‍मी पापा बाहर जाते थे तो उनकी बहन उनसे कहती थी कि उनके हाथ बांध देते हैंं, जिसे उन्‍हें खोलना है, मगर हाथ बंधने के बाद उन्‍हें ट्रिक्‍स समझ आती थी और उन्‍हें झूले से ही बंधा हुआ छोड़ दिया जाता था. शाम को मम्‍मी पापा लौटते थे तो झूले से बंधे हुए देखकर उन्‍हें भी लगता था कि उनके बेटे ने ही कोई गलती की है, फिर वो लोग पीटते थे.
    पिता की पिटाई को याद करते हुए चहल ने बताया कि पढ़ाई के समय कई बार वो पहाड़ा भूल जाते थे तो उनके कान पर एक चांटा पड़ता था, जिसके बाद उन्‍हें जितना भी याद था, वो भी भूल जाते थे.

    पूर्व ट्रेनर का खुलासा, वेट ट्रेनिंग के लिए कभी पागल नहीं थे सचिन और धोनी

    नींद में ही चल बसा भारत का यह दिग्‍गज क्रिकेटर, मैदान पर गुजारे 20 साल

    Tags: Coronavirus, Cricket, Sports news, Yuzvendra Chahal

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर