आईसीसी के बैन के बाद इस बड़े क्रिकेटर ने किया संन्यास का ऐलान, इस मामले में कोहली से भी आगे

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Updated: September 3, 2019, 8:31 PM IST
आईसीसी के बैन के बाद इस बड़े क्रिकेटर ने किया संन्यास का ऐलान, इस मामले में कोहली से भी आगे
हैमिल्टन मसाकाद्जा जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के कप्तान भी हैं. (फाइल फोटो)

हैमिल्टन मसाकाद्जा (Hamilton Masakadza) ने संन्यास का ऐलान कर सभी को चौंका दिया है. जिम्बाब्वे (Zimbabwe) का ये दिग्गज खिलाड़ी बांग्लादेश में होने वाली त्रिकोणीय टी-20 सीरीज के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलता नहीं दिखेगा.

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हरारे. आईसीसी (ICC) के जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड (Zimbabwe Cricket Board) पर प्रतिबंध लगाने के बाद टीम के खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का सिलसिला जारी है. अब टीम के कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज हैमिल्टन मसाकाद्जा (Hamilton Masakadza) ने संन्यास का ऐलान कर सभी को चौंका दिया है. उन्होंने बांग्लादेश में त्रिकोणीय टी-20 सीरीज के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा की है. जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने अपने ट्विटर हैंडल पर इसका ऐलान किया है.

देश के क्रिकेट बोर्ड के कामकाज में सरकार के अत्यधिक दखल के बाद आईसीसी ने जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड को निलंबित कर दिया था. आईसीसी (ICC) जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड (Zimbabwe Cricket Board) के चुनाव न कराने को लेकर भी काफी खफा था. 9 अगस्त 1983 को हरारे में पैदा हुए हैमिल्टन मसाकाद्जा (Hamilton Masakadza) की गिनती जिम्बाब्वे के दिग्गज क्रिकेटरों में की जाती है. 36 साल के मसाकाद्जा 18 साल के करियर में कई बड़े रिकॉर्ड बना चुके हैं.

हैमिल्टन मसाकाद्जा (Hamilton Masakadza) ने 17 साल की उम्र में टेस्ट शतक जड़ दिया था. उन्होंने 2001 में वेस्टइंडीज के खिलाफ हरारे में 119 रन बनाए थे. इतनी कम उम्र में टेस्ट शतक लगाने वाले वे जिम्बाब्वे के पहले और दुनिया के चौथे खिलाड़ी हैं. डेब्यू टेस्ट में शतक लगाने के बाद वह कुछ मैच खेलने के बाद दोबारा जिम्बाब्वे की टीम में खेलते नहीं दिखे. दरअसल हैमिल्टन को पढ़ाई पूरी करनी थी जिसके लिए तीन साल तक उन्होंने क्रिकेट से ब्रेक ले लिया और यूनिवर्सिटी ऑफ फ्री स्टेट में ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने लगे. हालांकि जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें इस शर्त पर पढ़ाई के लिए भेजा कि जब भी टीम को उनकी जरूरत पड़ेगी वह तुरंत आ जाएंगे. तीन साल बाद हैमिल्टन जब वापस लौटे तो उनकी फाॅर्म खो चुकी थी, ऐसे में चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम में न रखने का निर्णय लिया.

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हैमिल्टन मसाकाद्जा ने जिम्बाब्वे के लिए 5 वनडे शतक लगाए हैं. (फाइल फोटो)


10 साल लग गए दूसरा शतक लगाने में
साल 2002 में अपना आखिरी टेस्ट खेलने के बाद हैमिल्टन मसाकाद्जा (Hamilton Masakadza) को तीन साल बाद राष्ट्रीय टीम में चुना गया. 2005 में बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में टेस्ट खेलने का मौका मिला, लेकिन खास सफल नहीं रहे. डेब्यू टेस्ट में शतक लगाने के बाद उन्हें दूसरा शतक लगाने में दस साल का वक्त लगा. 2011 में बांग्लादेश के खिलाफ मैच में उन्होंने 104 रन की पारी खेली. मसाकाद्जा ने 38 टेस्ट में 30.04 की औसत से 2223 रन बनाए हैं. इनमें 5 शतक और 8 अर्धशतक शामिल हैं. उनका सर्वाधिक स्कोर 158 रन हैं. इसके अलावा हैमिल्टन ने 62 टी-20 मैच खेलकर 25.48 की औसत से 1529 रन बनाए हैं.



विराट कोहली से इस मामले में हैं आगे
36 साल के हैमिल्टन मसाकाद्जा ने 209 वनडे में 27.73  की औसत से 5658 रन बनाए हैं. उनके नाम 5 शतक और 34 अर्धशतक हैं. वनडे में उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 178 रन हैं. वनडे में एक रिकाॅर्ड ऐसा है जिसमें उनका नाम विराट कोहली से भी ऊपर आता है. ये रिकाॅर्ड पांच मैचों की द्विपक्षीय सीरीज में सबसे अधिक रन बनाने का है. इस मामले में पाकिस्तान के फखर जमां 515 रन बनाकर सबसे आगे हैं. दूसरे नंबर पर हैमिल्टन मसाकाद्जा हैं जिनके नाम 467 रन हैं. इसके बाद विराट कोहली का नाम आता है जिन्होंने 453 रन बनाए हैं.

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First published: September 3, 2019, 6:54 PM IST
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