सचिन तेंदुलकर को दो बार किया आउट, टीम इंडिया को 4 बार हराया, अब टमाटर बेचता है ये गेंदबाज

सचिन तेंदुलकर को दो बार किया आउट, टीम इंडिया को 4 बार हराया, अब टमाटर बेचता है ये गेंदबाज
कहानी ऐसे गेंदबाज की जो आज टमाटर बेचता है

एक ऐसा क्रिकेटर जिसकी लाइन-लेंथ के आगे सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) जैसा बल्लेबाज खुलकर नहीं खेल पाता था, वो आज टमाटर की खेती करता है

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नई दिल्ली. क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे क्रिकेटर हुए हैं जो मैदान पर अपने गजब के प्रदर्शन से टीम को जीत दिलाते थे, उनके सामने अच्छे-अच्छे खिलाड़ी पानी भरते थे लेकिन जब वो खिलाड़ी रिटायर होते हैं तो उन्हें हर कोई भूल जाता है. यहां तक कि उन्हें परिवार चलाने के लिए क्रिकेट से इतर कुछ अलग काम करने पड़ते हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसे ही गेंदबाज ही कहानी जिसकी लाइन-लेंथ के आगे सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) जैसा बल्लेबाज भी खुलकर नहीं खेल पाता था. उसने सचिन को दो बार आउट किया, यही नहीं उसने अपनी टीम को भारत के खिलाफ चार बार जीत दिलाई, लेकिन आज वो गेंदबाज टमाटर बेचता है.

एडो ब्रांडेस की कहानी
हम बात कर रहे हैं जिम्बाब्वे के पूर्व तेज गेंदबाज एडो ब्रांडेस (Eddo Brandes) की, जिन्होंने अपने देश के लिए 10 टेस्ट मैच और 59 वनडे मैच खेले. ब्रांडेस का इंटरनेशनल करियर ज्यादा लंबा नहीं चला और उन्होंने 96 विकेट अपने नाम किये. लेकिन इतने कम समय में ही उनकी छवि एक अच्छे गेंदबाज की थी. खासकर भारत के खिलाफ वो काफी किफायती गेंदबाजी करते थे. ब्रांडेस ने सचिन को दो बार आउट किया था और इस गेंदबाज के प्लेइंग इलेवन में रहते हुए जिम्बाब्वे जैसी कमजोर टीम ने भारत के खिलाफ चार जीत दर्ज की. एडो ब्रांडेस ने साउथ अफ्रीका में खेली गई वनडे सीरीज में भारत को जीत से महरूम कर दिया था. इस मैच में ब्रांडेस ने 9.5 ओवर में 41 रन देकर 5 विकेट लिये थे.

ब्रांडेस बने किसान
ब्रांडेस  (Eddo Brandes) ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच 1999 में श्रीलंका के खिलाफ खेला और उसके बाद वो कभी क्रिकेट के मैदान में नहीं लौटे. यही नहीं ब्रांडेस ने जिम्बाब्वे भी छोड़ दिया और वो ऑस्ट्रेलिया में बस गए. ऑस्ट्रेलिया पहुंचकर वो 6 सालों तक एक क्रिकेट टीम के कोच रहे. सनशाइन क्रिकेट टीम के कोच रहते हुए उन्होंने अपनी टीम को पहली बार ब्रिसबेन क्रिकेट प्रतियोगिता जिताई. इसके बाद ब्रांडेस ने कोचिंग भी छोड़ दी.



कोचिंग छोड़ने के बाद ब्रांडेस (Eddo Brandes) ने खेती शुरू की. ब्रांडेस ने सनशाइन कोस्ट में टमाटर की खेती की और इसमें ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर इयान हीली ने उनकी मदद की. हीली ने ब्रिसबेन में ब्रांडेस के कई लोगों से संपर्क स्थापित कराया. आज ब्रांडेस एक हफ्ते में 100 टन टमाटर उगाते हैं और उसे बेचकर मुनाफा कमाते हैं. ब्रांडेस कई लोगों को अपने साथ कॉन्ट्रैक्ट पर भी रखते हैं. बता दें जिम्बाब्वे में भी ब्रांडेस और उनका परिवार मुर्गी फार्म चलाता था.

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