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सचिन और गांगुली का विकेट लेने वाला गेंदबाज अचानक टीम से बाहर, अब बना पायलट!

सचिन और गांगुली का शिकार करने वाला गेंदबाज बना पायलट!

सचिन और गांगुली का शिकार करने वाला गेंदबाज बना पायलट!

Cricket Story: अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी और अच्छी बल्लेबाजी के लिए मशहूर खिलाड़ी अचानक पायलट क्यों बन गया? पढ़िए ये रिपोर्ट

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    नई दिल्ली. कई क्रिकेट खिलाड़ी हैं जो रिटायरमेंट के बाद अपने खेल के साथ ही जुड़े रहते हैं. कुछ कमेंट्री करते हैं तो कुछ क्रिकेट एक्सपर्ट बन जाते हैं. वहीं कई खिलाड़ी टीम का भविष्य तैयार करने के लिए कोच बन जाते हैं लेकिन कुछ ऐसे खिलाड़ी भी हैं जिनका अब इस खेल से कोई रिश्ता नहीं रहा. ऐसे ही क्रिकेटर हैं जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर ट्रेविंस फ्रेंड (Travis Friend) , जो कि अपनी तेज गेंदबाजी और मिडिल ऑर्डर में अच्छी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे लेकिन अब वो पायलट बन चुके हैं.

    ट्रेविस फ्रेंड की कहानी
    जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर ट्रेविन जॉन फ्रेंड (Travis Friend) का जन्म 7 जनवरी, 1981 में मिडलैंड्स में हुआ था. फ्रेंड ने 30 सितंबर 2000 को न्यूजीलैंड के खिलाफ डेब्यू किया था. वहीं उनका टेस्ट डेब्यू भारत के खिलाफ हरारे में 15 जून 2001 को हुआ. फ्रेंड ने 13 टेस्ट मैचों में 25 विकेट लिये और साथ ही 29.80 की औसत से 447 रन बनाए. टेस्ट में उनके बल्ले से तीन अर्धशतक भी निकले. फ्रेंड ने 51 वनडे मैच भी खेले, जिसमें उन्होंने 37 विकेट और 16.11 की औसत से 548 रन बनाए. वनडे में भी उनके बल्ले से तीन अर्धशतक निकले.

    बड़ी बात ये है कि ट्रेविस फ्रेंड (Travis Friend) पहले लेग स्पिनर थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने तेज गेंदबाज बनने का फैसला किया. फ्रेंड की रफ्तार कमाल की थी और वो 140 किमी. प्रति घंटे से तेज गेंद फेंकते थे. बहुत छोटी सी उम्र में भी वो जिम्बाब्वे की टीम में आ गए थे. लेकिन न्यूजीलैंड और भारत के खिलाफ सीरीज में लगातार गेंदबाजी की वजह से उनकी कमर में चोट लग गई. हालांकि उन्होंने जबर्दस्त वापसी की और बांग्लादेश के खिलाफ 2001 में उन्होंने महज 31 रन देकर 5 विकेट चटकाए.

    भारत के खिलाफ शानदार प्रदर्शन
    ट्रेविस फ्रेंड (Travis Friend) ने भारत के खिलाफ भी अच्छा प्रदर्शन किया है. खासकर शारजाह में उन्होंने 2000 में कोका-कोला कप के दौरान भारत के खिलाफ दो मैचों में 7 विकेट चटकाए थे. फ्रेंड ने भारत के सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, युवराज सिंह जैसे दिग्गज बल्लेबाजों के विकेट लिए थे.

    ट्रेविस फ्रेंड का करियर 2004 में खत्म
    ट्रेविस फ्रेंड (Travis Friend) का करियर भी जिम्बाब्वे के कई दिग्गजों की तरह 2004 में खत्म हुआ था. उन्होंने जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति का विरोध किया था जिन्होंने टीम में कोटा सिस्टम लागू कर दिया था. एंडी फ्लावर, हीथ स्ट्रीक के साथ ट्रेविस फ्रेंड ने भी जिम्बाब्वे की टीम छोड़ दी थी. इसके बाद ट्रेविस फ्रेंड साल 2005 में इंग्लिश काउंटी क्लब डर्बीशर के लिए खेले, जहां उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा. इसके बाद वो छोटी-छोटी टीमों के साथ क्रिकेट खेले लेकिन फिर उन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया. ट्रेविस फ्रेंड एक कमर्शियल पायलट बन गए और इसके बाद फ्लाईबी और कतर एयरवेज जैसी एयरलाइंस का विमान उड़ाने लगे.

    ट्रेविस फ्रेंड को 2004 में जिम्बाब्वे की टीम से बर्खास्त कर दिया गया था


    ट्रेविस फ्रेंड (Travis Friend) साल 2001 में ही प्राइवेट पायलट सर्टिफिकेट हासिल कर चुके थे. साल 2006 में उन्होंने कमर्शियल पायलट बनने का सोचा. फ्रेंड ने एक साल तक इसकी ट्रेनिंग की और साल 2007 में उन्हें यूके फ्लाइंग लाइसेंस मिल गया. बता दें ट्रेविस फ्रेंड के दादा भी पायलट थे और उन्होंने ही उन्हें पायलट बनन के लिए प्रेरित किया. ट्रेविस फ्रेंड फिलहाल मिडिल ईस्ट में रहते हैं और साल में तीन बार जिम्बाब्वे जाते हैं. फ्रेंड सभी खिलाड़ियों को यही सलाह देते हैं कि क्रिकेटर बनने के अलावा उनके पास कुछ ना कुछ ऐसा होना चाहिए कि वो रिटायरमेंट के बाद परिवार चला पाएं.

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