• Home
  • »
  • News
  • »
  • sports
  • »
  • 'मैं क्या, सचिन और गांगुली भी ग्रेग चैपल से डरते थे'

'मैं क्या, सचिन और गांगुली भी ग्रेग चैपल से डरते थे'

जहीर ने एक टेलीविजन कार्यक्रम में कहा कि उस दौरान वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए क्योंकि अन्य कई वरिष्ठ खिलाड़ियों की तरह वह भी इस बात को लेकर निश्चित नहीं थे कि चैपल उन्हें टीम में चाहते हैं या नहीं।

जहीर ने एक टेलीविजन कार्यक्रम में कहा कि उस दौरान वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए क्योंकि अन्य कई वरिष्ठ खिलाड़ियों की तरह वह भी इस बात को लेकर निश्चित नहीं थे कि चैपल उन्हें टीम में चाहते हैं या नहीं।

जहीर ने एक टेलीविजन कार्यक्रम में कहा कि उस दौरान वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए क्योंकि अन्य कई वरिष्ठ खिलाड़ियों की तरह वह भी इस बात को लेकर निश्चित नहीं थे कि चैपल उन्हें टीम में चाहते हैं या नहीं।

  • Share this:
    नई दिल्ली। भारतीय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज जहीर खान का कहना है कि ऑस्ट्रेलियाई कोच ग्रेग चैपल का कार्यकाल उनके जीवन का सबसे निराशाजनक दौर था। जहीर ने एक टेलीविजन कार्यक्रम में कहा कि उस दौरान वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए क्योंकि अन्य कई वरिष्ठ खिलाड़ियों की तरह वह भी इस बात को लेकर निश्चित नहीं थे कि चैपल उन्हें टीम में चाहते हैं या नहीं।

    उन्होंने कहा कि मेरे साथ ऐसे व्यवहार होता था जैसे कि मैंने कोई गुनाह किया हो। संकेत साफ था कि हम आपको टीम में नहीं देखना चाहते हैं। मुझे ऐसा महसूस कराया जाता था कि मेरा रवैया ठीक नहीं है और मैं भारतीय टीम के आगे बढ़ने की राह में रोड़ा हूं। श्रीलंका दौरे के बाद मुझे टीम से बाहर कर दिया गया जबकि मेरा प्रदर्शन खराब नहीं था। जहीर ने कहा कि मैं भाग्यशाली था कि मुझे दक्षिण अफ्रीका में एफ्रो-एशिया कम में एशिया एकादश की तरफ से खेलने का मौका मिला। मैंने नौ विकेट लिए और अगली टेस्ट श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहा। उस दौरान में मुझे हर कदम पर संघर्ष करना पड़ा। जब आप अपनों से ही लड़ते हैं तो जीतना मुश्किल होता है।

    ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान चैपल ने मई 2005 में भारतीय टीम का कोच पद संभाला था। लेकिन सचिन तेंदुलकर और सौरभ गांगुली जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ मतभेद के कारण उनका कार्यकाल बेहद विवादास्पद रहा था। साल 2007 के विश्वकप में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद चैपल के अनुबंध का नवीकरण नहीं किया गया था।

    जहीर ने दक्षिण अफ्रीकी कोच गैरी कर्स्टन की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में टीम ने नयी ऊंचाइयां हासिल की। उन्होंने कहा कि कर्स्टन ने हर खिलाड़ी को प्रदर्शन करने का पूरा मौका दिया। वह भारतीय टीम की संस्कृति और कामकाज से बखूबी वाकिफ थे। उन्होंने खिलाड़ियों पर रौब झाड़ने के बजाए उनसे नजदीकी बढ़ाई। वह सही मायनों में हमारे दोस्त थे कोच नहीं।

    बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने कहा कि चैपल के कार्यकाल में एक ही बात सही हुई और वह थी टीम में युवाओं को शामिल करना। लेकिन युवाओं को जगह देने के लिए अनुभवी खिलाड़ियों को हटाना एकमात्र रास्ता नहीं था। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी का आना अच्छा संकेत है, लेकिन किसी अनुभवी क्रिकेटर की कीमत पर ऐसा नहीं होना चाहिए जो अच्छा प्रदर्शन कर रहा हो।

    जहीर वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला के लिए विश्राम दिया गया था, लेकिन चोट के कारण वह टेस्ट श्रृंखला से भी बाहर हो गए हैं। वह हाल में संपन्न विश्वकप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 21 विकेट लेकर सर्वाधिक विकेट लेने के मामले में पाकिस्तान के शाहिद आफरीदी के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहे थे।

    जहीर ने विश्वकप के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए पारी की शुरुआत में लगातार तीन ओवर मेडन फेंके थे। वर्ष 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्वकप फाइनल में जहीर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे।

    उन्होंने कहा कि तब मैं अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में नया था। लेकिन इस बार मैं जानता था कि भावनाओं पर कैसे काबू करना है। मैं अपने आप से कह रहा था कि मुझे केवल अपनी गेंदबाजी पर ध्यान देना है और मैं इसमें सफल रहा।

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज