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हॉट स्पॉट विवाद: पीटरसन का आरोपों से इंकार

पीटरसन ने सिलिकॉन टेप के इस्तेमाल की बात को सरासर गलत करार दिया है। पीटरसन ने ट्विटर पर लिखा, मेरा नाम हॉट स्पॉट विवाद में घसीटा जा रहा है।

पीटरसन ने सिलिकॉन टेप के इस्तेमाल की बात को सरासर गलत करार दिया है। पीटरसन ने ट्विटर पर लिखा, मेरा नाम हॉट स्पॉट विवाद में घसीटा जा रहा है।

पीटरसन ने सिलिकॉन टेप के इस्तेमाल की बात को सरासर गलत करार दिया है। पीटरसन ने ट्विटर पर लिखा, मेरा नाम हॉट स्पॉट विवाद में घसीटा जा रहा है।

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    नई दिल्ली। क्रिकेट में अंपयार डिसीजन रिव्यू सिस्टम और इसमें इस्तेमाल होने वाली तकनीक इस समय सबसे बड़ा विवाद बनी हुई हैं। एशेज में ताजा मामला सामने आया हॉट स्पॉट तकनीक को लेकर। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने दावा किया है कि इंग्लैंड के बल्लेबाज केविन पीटरसन ने हॉट स्पॉट को धोखा देने के लिए बल्ले पर सिलिकॉन टेप का इस्तेमाल किया।

    इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच मौजूदा एशेज का हर टेस्ट नया विवाद लेकर आता है। मैच के पहले विवाद, मैच के दौरान विवाद और मैच खत्म होने के बाद भी विवाद। और इस विवाद की जड़ में अंपायर डिसिजन रिव्यू सिस्टम। ताजा विवाद है एशेज के तीसरे टेस्ट के आखिरी दिन पीटरसन के विकेट पर।

    ओल्ड ट्रेफर्ड टेस्ट के आखिरी दिन इंग्लैंड के बल्लेबाज केविन पीटरसन के विकेट ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज पीटर सिडल की इस गेंद पर पीटरनस बीट हुए और गेंद विकेटकीपर हेडिन ने लपक ली। हालांकि सिडल की अपील में ज्यादा दम नहीं था, लेकिन अंपायर हिल ने पीटरसन को आउट दे दिया। नाखुश पीटरसन ने रिव्यू मांगा और अपील तीसरे अंपायर के पास पहुंच गई। रिप्ले में हॉट स्पॉट तकनीक के जरिए बल्ले पर गेंद का कोई निशान नहीं दिखा। हालांकि स्निकोमीटर में बल्ले से गेंद लगने की आवाज नजर आ रही थी, लेकिन ये तकनीक डीआएरस में शामिल नहीं था। ऐसे में तीसरे अंपायर ने फील्ड अंपायर के फैसले को सही ठहरा दिया। इसके बाद नाराज पीटरसन फील्ड छोड़कर चले गए। यही से नया विवाद खड़ा हुआ।

    ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने आरोप लगाया कि पीटरसन ने सिलिकॉन टेप का इस्तेमाल किया। आरोप लगा कि सिलिकॉन टेप से हॉट स्पॉट तकनीक अपना काम नहीं कर सकी। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में ये भी कहा गया कि आईसीसी इसकी जांच कर रही है। इसके लिए दुबई से आईसीसी का एक दल चौथे टेस्ट के मैदान रिवरसाइड ग्राउंड पहुंच चुकी है।

    लेकिन यूडीआरएस का लगातार बचाव कर रही आईसीसी ने इस खबर का खंडन करने में जरा भी देरी नहीं की। आईसीसी के चीफ एक्जक्यूटिव डेव रिचर्ड्सन ने कहा ऐसी मीडिया रिपोर्ट पूरी तरह गलत हैं। आईसीसी अंपयार और टीमों के साथ डीआरएस के लिए सबसे बेहतर तकनीक इस्तेमाल करने पर बात कर रही हैं। इस मामले में किसी खिलाड़ी का कोई लेना-देना नहीं हैं।

    आरोपों से गुस्साए केविन पीटरसन ने भी अपनी नाराजगी का इजहार किया है। पीटरसन ने सिलिकॉन टेप के इस्तेमाल की बात को सरासर गलत करार दिया है। पीटरसन ने ट्विटर पर लिखा, मेरा नाम हॉट स्पॉट विवाद में घसीटा जा रहा है। ये दिल को चोट पहुंचाने वाला झूठ है। मैं आउट होने से कभी नहीं डरता। अगर गेंद बल्ले का किनारा लेती तो मैं पवेलियन लौट जाता।

    इस मामले में इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। ईसीबी ने आरोप लगाने वाले ऑस्ट्रेलिया के चैनल 9 से स्पष्टीकरण देने और माफी मांगने को कहा है। इस बारे में ऑस्ट्रेलिया कप्तान माइकल क्लार्क ने पीटरसन के बारे में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया, लेकिन अपनी टीम के किसी बल्लेबाज के सिलिकॉन टेप इस्तेमाल करने की बात से इंकार किया।

    ताजा विवाद ने एक बार फिर यूडीआरएस के भविष्य पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बात को एक बार फिर बल मिलने लगा है कि जब तक सही तकनीक नहीं आ जाती, तब तक आउट देने का फैसला मैदानी अंपायरों पर ही छोड़ दिया जाए। बहरहाल एशेज में दो टेस्ट अभी और बाकी हैं और लगता नहीं है कि यूडीआरएस विवाद का ये जिन्न इतनी जल्दी बोतल में बंद होगा।

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