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सचिन ने सही समय पर लिया संन्यास: गिलक्रिस्ट

दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट ने कहा है कि विश्व के महानतम बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर ने संन्यास लेने में देर नहीं की है और भारतीय टीम में उन्होंने रनों की अपेक्षा कहीं ज्यादा योगदान दिया है।

दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट ने कहा है कि विश्व के महानतम बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर ने संन्यास लेने में देर नहीं की है और भारतीय टीम में उन्होंने रनों की अपेक्षा कहीं ज्यादा योगदान दिया है।

दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट ने कहा है कि विश्व के महानतम बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर ने संन्यास ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली। दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट ने कहा है कि विश्व के महानतम बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर ने संन्यास लेने में देर नहीं की है और भारतीय टीम में उन्होंने रनों की अपेक्षा कहीं ज्यादा योगदान दिया है। गिलक्रिस्ट ने सचिन के अपने घरेलू मैदान पर 200वें टेस्ट के बाद क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले की भी सराहना की।

    पाकिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने हाल ही में कहा था कि सचिन ने संन्यास लेने में देर कर दी।
    गौरतलब हो कि तेंदुलकर वेस्टइंडीज के साथ वर्तमान टेस्ट श्रृंखला के अंतर्गत मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में गुरुवार से शुरू हो हो रहे श्रृंखला के आखिरी मैच के साथ ही क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। यह सचिन का 200वां टेस्ट मैच होगा।

    राष्ट्रीय राजधानी स्थित ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग में एक प्रचार अभियान में हिस्सा लेने आए गिलक्रिस्ट ने मंगलवार को कहा कि सचिन ने भारतीय टीम को जो योगदान दिया है, वह उनके द्वारा बनाए गए रनों की अपेक्षा कहीं बढ़कर है।

    गिलक्रिस्ट ने कहा कि रिकी पोंटिंग ने सिर्फ टीम का हिस्सा रहते हुए भी युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभव और सीखी हुई चीजों को बताकर ऑस्ट्रेलियाई टीम को अपने करियर के आखिरी दौर में काफी योगदान दिया। सचिन की सोच भी यही थी।

    गिलक्रिस्ट ने कहा कि क्रिकेट के प्रति उनकी कटिबद्धता और पेशेवर रवैये का टीम पर काफी प्रभाव पड़ा होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि विराट कोहली, रोहित शर्मा और शिखर धवन जैसे खिलाड़ी इस बात के साक्ष्य हैं। विश्वकप- 2011 के बाद सचिन के संन्यास ले लेने वाले प्रश्न पर गिलक्रिस्ट ने कहा कि मुझे लगता है कि अपने 200वें टेस्ट मैच के साथ संन्यास लेने का उनका फैसला एकदम सही है। मैं कहना चाहूंगा कि उनका (सचिन) संन्यास लेने का फैसला बिल्कुल सही समय पर आया है।

    पाकिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर इमरान खान ने कहा था कि सचिन को विश्वकप-2011 जीतने के बाद संन्यास ले लेना चाहिए था। सचिन की शानदार पारियों को उनके साथ मैदान में रहते हुए देखने वाले गिलक्रिस्ट हालांकि उनके अंतिम टेस्ट में वानखेड़े में उन्हें नहीं देख सकेंगे।

    सचिन के करियर को याद करते हुए गिलक्रिस्ट मजाक करने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि सचिन के साथ खेलते हुए मेरे लिए सबसे यादगार पल वे थे, जब सचिन 2003 के विश्वकप के फाइनल मुकाबले में हमारे खिलाफ सस्ते में आउट हो गए थे।

    गिलक्रिस्ट अगले ही पल गंभीर होते हुए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 1999 में भ्रमण करने वाली भारतीय टीम के साथ खेली गई श्रृंखला की यादों को ताजा करते हैं। गिलक्रिस्ट ने कहा कि मुझे 1999 में 26 दिसंबर को मेलबर्न स्टेडियम में हुआ टेस्ट मैच याद है। बादल छाए हुए थे, हल्की बूंदा-बांदी हो रही थी और ठंड हवाएं चल रही थीं। गेंद काफी स्पिन ले रही थी। ब्रेट ली का यह पदार्पण टेस्ट था। वह (ली) काफी उत्साहित था और 150 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से अच्छी गेंदबाजी कर रहा था।

    गिलक्रिस्ट ने आगे कहा कि हमने भारत पर शिकंजा कस दिया था, जैसा कि उस सीरीज में हमारा दबदबा कायम ही था। लेकिन सचिन डटे हुए थे और लगातार बेहतरीन शॉट लगा रहे थे। यह तकनीकी दृष्टि से उनकी सबसे बेहतरीन पारी नहीं थी, लेकिन उन्हें तब देखकर मुझे उनकी श्रेष्ठता का अहसास हुआ था।


    Tags: Adam gilchrist, Cricket, New Delhi, Sachin tendulkar

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