Home /News /sports /

पैसे के लिए नहीं, जुनून की हद तक क्रिकेट को चाहने के कारण इस खेल से जुड़े हैं दीपक हुडा

पैसे के लिए नहीं, जुनून की हद तक क्रिकेट को चाहने के कारण इस खेल से जुड़े हैं दीपक हुडा

ऑलराउंडर दीपक हुडा को वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के लिए भारत की वनडे टीम में शामिल किया गया है. (Instagram)

ऑलराउंडर दीपक हुडा को वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के लिए भारत की वनडे टीम में शामिल किया गया है. (Instagram)

भारत अब मध्यक्रम में बल्लेबाजी ऑलराउंडर की तलाश में है और ऐसे में इस 26 साल के ऑलराउंडर दीपक हुडा (Deepak Hooda) को अगले महीने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता है. दीपक के लिए पिछले 12 महीने उतार-चढ़ाव वाले रहे लेकिन उन्होंने अपने करियर के बुरे दौर से उबरने के लिए गजब की मानसिक मजबूती दिखाई.

अधिक पढ़ें ...

नई दिल्ली. ऑलराउंडर दीपक हुडा (Deepak Hooda) को वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के लिए भारतीय वनडे टीम में शामिल किया गया है. इस बल्लेबाजी ऑलराउंडर को 2017 में भारत की टी20 टीम में चुना गया था लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला था. भारत के पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान (Irfan Pathan) दीपक हुडा के क्रिकेट के प्रति जुनून की तुलना ‘कैंडी स्टोर’ में खड़े बच्चे से करते हैं, जो केवल क्रिकेट के मैदान पर खेल का भरपूर आनंद लेना चाहता है.

दीपक हुडा के लिए साला 2021 अहम रहा. कप्तान क्रुणाल पंड्या के साथ झड़प के बाद उन्होंने बड़ौदा की टीम छोड़ दी थी लेकिन उन्हें जिस भी टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिला. उसमें उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन किया. अब उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए पहली बार भारतीय वनडे टीम में शामिल किया गया है.

इसे भी देखें, सस्पेंशन से टीम इंडिया तक, जानें दीपक हुडा की कैसे 12 महीने में बदल गई किस्मत

भारत अब मध्यक्रम में बल्लेबाजी ऑलराउंडर की तलाश में है और ऐसे में इस 26 वर्षीय दीपक को अगले महीने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता है. दीपक के लिए पिछले 12 महीने उतार-चढ़ाव वाले रहे लेकिन उन्होंने अपने करियर के बुरे दौर से उबरने के लिए गजब की मानसिक मजबूती दिखाई.

क्रुणाल पंड्या के साथ बहस के बाद बड़ौदा टीम के होटल से बाहर निकलने के 6 महीने बाद दीपक हुडा 2021-22 सत्र से पहले एक पेशेवर के तौर पर राजस्थान से जुड़े. अमूमन छोटी टीमों से जुड़ने वाले बाहरी खिलाड़ी को मैच शुल्क के अलावा अतिरिक्त भुगतान भी किया जाता है लेकिन हुडा के लिए पैसा महत्वपूर्ण नहीं था और इसलिए उन्होंने कभी राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) के अधिकारियों से इस बारे में बात नहीं की.

दीपक खेल के मैदान पर लौटने के लिए बेताब थे और राजस्थान को भी उनके जैसे अच्छे खिलाड़ी की जरूरत थी. ऐसे में यह दोनों पक्षों के लिए यह फायदे की बात थी. आरसीए के सचिव महेंदर शर्मा ने कहा, ‘वह केवल खेलना चाहते थे. उन्होंने कभी पैसे की बात नहीं की जैसा कि पेशेवर खिलाड़ी अमूमन करते हैं. हम जानते थे कि वह किन परिस्थितियों से गुजरे हैं. यह दोनों पक्षों के लिए फायदे का सौदा था. हमें उनके जैसे बल्लेबाजी ऑलराउंडर की जरूरत थी जो स्थानीय खिलाड़ियों का भी मार्गदर्शन कर सके.’

उन्होंने कहा, ‘हमें खुशी है कि उन्होंने हमारी टीम की तरफ से अच्छा प्रदर्शन किया जिससे उन्हें भारतीय टीम में चुना गया.’ दीपक हुडा सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में दूसरे स्थान पर थे. यह राजस्थान की तरफ से उनका पहला टूर्नामेंट था जिसके बाद विजय हजारे ट्रॉफी के लिए उन्हें कप्तान बनाया गया जहां उन्होंने कर्नाटक के खिलाफ शतक जमाया.

दीपक के लिए मार्गदर्शक रहे इरफान पठान ने कहा. ‘यह सच्ची कहानी है. बहुत सी टीमें उन्हें चाहती थीं. उन्हें पैसे की परवाह नहीं थी. वह सिर्फ मैदान पर उतरकर खेलना चाहता था और वह इसी तरह का इंसान है. जब क्रिकेट खेलने की बात आती है तो वह कैंडी स्टोर में खड़े एक बच्चे की तरह है. वह क्रिकेट को बेइंतहा चाहता है. वह अन्य फायदों की परवाह नहीं करता. आरसीए के पदाधिकारी भी हैरान थे कि उन्होंने पैसे की बात ही नहीं की. वह व्यावसायिक मसलों पर बात नहीं करते.’

Tags: Cricket news, IND vs WI, India vs west indies, Indian cricket, Irfan pathan, Krunal pandya

विज्ञापन
विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर