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B'day: कौन था सौरव गांगुली का पहला प्यार, पढ़ें- 15 दिलचस्प बातें

B'day: कौन था सौरव गांगुली का पहला प्यार, पढ़ें- 15 दिलचस्प बातें

Photo: News18.com

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टीम इंडिया को नई पहचान दिलाने वाले 'बाबू मोशाय' का आज जन्‍मदिन है. गांगुली की गिनती उन खिलाड़ियों में होती है, जिसने बतौर कप्‍तान टीम इंडिया को वैसी मजबूती दी, जो कोई नहीं दे पाया.

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    टीम इंडिया को नई शक्‍ल और पहचान दिलाने वाले 'बाबू मोशाय' यानी सौरव गांगुली का शुक्रवार (8 जुलाई) को जन्‍मदिन है. भारतीय क्रिकेट में गांगुली की गिनती उन खिलाड़ियों में होती है, जिसने बतौर कप्‍तान टीम इंडिया को वैसी मजबूती दी, जो कोई नहीं दे पाया.

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    यह गांगुली की काबिलियत और जिद्द थी कि कभी शांत और नम्र समझी जाने वाली भारतीय टीम मैदान में शेरों की तरह दहाड़ने लगी. एक नजर, गांगुली की जिंदगी से जुड़े दिलचस्‍प तथ्‍यों पर.

    1. सौरव गांगुली को 'महाराज' यानी 'प्रिंस' उपनाम उनके मां-बाप ने दिया था. शायद वे जानते थे कि उनका बेटा अगुवाई करने के लिए ही जन्‍म लिया हो. बाद में ज्‍योफ्री बॉयकॉट ने सौरव को 'द प्रिंस ऑफ कोलकाता' नाम दिया.
    2. सौरव के पिता चंडीदास गांगुली का प्रिंटिग का कारोबार रहा है. कभी यह एशिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी थी. इस तरह कोलकाता के धनाढ्य परिवारों में गांगुली का परिवार शामिल रहा है. सौरव का पूरा परिवार दक्षिणी कोलकाता के बेहला में रहता है. उनके परिवार में 30 से भी ज्‍यादा सदस्‍य है, जो मौजूदा दौर में संयुक्‍त परिवार का मिसाल है.
    3. सौरव दाईं हाथ से लिखते हैं और गेंदबाजी भी दाईं हाथ से करते हैं. हालांकि, वह बाईं हाथ से बल्‍लेबाजी करते रहे हैं. इसके पीछे दिलचस्‍प किस्‍सा है. दरअसल, सौरव के भाई स्‍नेहाशीष बाएं हाथ के बल्‍लेबाज थे. ऐसे में भाई का क्रिकेट किट उपयोग करने के लिए वे भी बाएं हाथ से बल्‍लेबाजी करने लगे.
    4. सौरव फुटबॉल के बड़े फैन रहे हैं. वास्‍तव में फुटबॉल उनका पहला प्‍यार था. एक बार स्‍कूल की 10 दिनों की छुट्टी में उनके पिता ने सौरव को क्रिकेट एकेडमी में दाखिला दिला दिया और इस तरह क्रिकेट को नया सितारा मिला.
    5. यह किस्‍मत कहिए या फिर बदकिस्‍मती, सौरव को भी रणजी टीम में अपने भाई स्‍नेहाशीष की जगह खेलने का मौका मिला था.
    6. सौरव को पहली बार 1992 में भारतीय टीम में शामिल किया गया, लेकिन वे तुरंत ही टीम से निकाल दिए गए. वजह यह थी कि उनका व्‍यवहार कुछ लोगों को रास नहीं आया और उन्‍होंने टीम मैनेजमेंट से शिकायत कर दी.
    7. हालांकि, सौरव ने हिम्‍मत नहीं हारी और लगातार मैदान पर पसीना बहाते रहे. 1996 में लॉड्स में अपने ही पहले ही मैच में सौरव ने शतक जड़ दिया. सौरव को यह मौका भी भी नवजोत सिंह सिद्धू की वजह से मिला था, जिनकी उस समय तत्‍कालीन कप्‍तान अजहरुद्दीन से अनबन हो गई थी और उन्‍होंने खेलने से इनकार किया था.
    8. सौरव हर मंगलवार को उपवास रखते हैं.
    9. सौरव के नाम पर कोलकाता में एक अपार्टमेंट भी है. इसका नाम 'सौरव हाउसिंग कॉम्‍पलैकस' है.
    10. सचिन के नक्‍शेकदम पर चलते हुए सौरव ने भी रेस्‍टोरेंट के कारोबार में हाथ आजमाया है. कोलकाता के पार्क स्‍ट्रीट में 'द फूड पवेलियन' के नाम से उनका रेस्‍टोरेंट है.
    11. पश्चिम बंगाल के उत्‍तरी 24 परगना जिले में सौरव के नाम पर डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क है.
    12. 1996 में सौरव ऐसे पहले बैट्समेन बने जिन्‍होंने शुरुआती दोनों पारियों में शतक जमाया था.
    13. साल 2000 से 2005 के बीच सौरव की कप्‍तानी में भारत ने 21 टेस्‍ट मैचों में जीत हासिल की थी. गांगुली के पसंदीदा कप्तान वेस्‍टइंडीज के धाकड़ बल्‍लेबाज ब्रायन लारा हैं.
    14. साल 2003 में सौरव गांगुली टीम इंडिया को वर्ल्‍ड कप के फाइनल तक ले गए, लेकिन वहां ऑस्ट्रेलिया के हाथों शिकस्‍त का सामना करना पड़ा.
    15. सौरव गांगुली ने शादी बचपन की दोस्त डोना रॉय से की, लेकिन उनके लव अफेयर के चर्चे बॉलीवुड एक्ट्रेस नगमा के खूब हुई.

    Tags: Saurav ganguly

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