मुफ्त लंच के लालच ने बदल थी यूसेन बोल्ट की जिंदगी, इस तरह बने दुनिया के सबसे तेज धावक

मुफ्त लंच के लालच ने बदल थी यूसेन बोल्ट की जिंदगी, इस तरह बने दुनिया के सबसे तेज धावक
ओलिंपिक 2016 में बोल्ट लगातार तीन ओलंपिक में 100 और 200 मीटर का खिताब जीतने वाले एकमात्र पुरुष धावक बने थे.

यूसेन बोल्ट (Usain Bolt) के नाम महज 9.58 सेकेंड में 100 मीटर दौड़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है

  • Share this:
नई दिल्ली. सिर्फ 9.58 सेकेंड में 100 मीटर, महज 19.19 सेकेंड में 200 मीटर, लगातार तीन ओलिंपिक में 100 और 200 मीटर रेस में गोल्ड मेडल, वर्ल्ड चैंपियनशिप में रिकॉर्ड 11 गोल्ड मेडल...वो इंसान नहीं, वो महामानव है. बात हो रही है दुनिया के सबसे तेज धावक उसेन बोल्ट (Usain Bolt) की, जो रेसिंग ट्रैक पर दौड़ते नहीं उड़ते हैं. यूसेन बोल्ट ने अपने करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं जिन्हें तोड़ना लगभग नामुमकिन है. वो दुनिया के सबसे महान एथलीट हैं, उनके जैसा धावक इतिहास में कभी पैदा नहीं हुआ. दिलचस्प बात ये है कि यूसेन बोल्ट कभी धावक बनना ही नहीं चाहते थे, वो तो क्रिकेट खेलना चाहते थे, जो कि उनका पहला प्यार था. लेकिन फिर कैसे यूसेन बोल्ट एक धावक बन गए? किस एक घटना ने यूसेन बोल्ट को धावक बनने पर मजबूर कर दिया. आइए आपको बताते हैं यूसेन बोल्ट की जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट.

अपनी क्लास में सबसे धीमा दौड़ते थे बोल्ट!
इस बात का यकीन कर पाना मुश्किल है लेकिन ये बात सच है कि जब यूसेन बोल्ट (Usain Bolt) छोटे थे तो वो अपनी क्लास में सबसे धीमे रनर माने जाते थे. बोल्ट को हारना नापसंद था इसलिए वो कभी किसी रेस में हिस्सा नहीं लेते थे. उन्होंने रेस नहीं क्रिकेट को चुना, जिसमें उन्हें बहुत मजा आता था और उसमें ज्यादा दौड़ना भी नहीं पड़ता था. यूसेन बोल्ट एक अव्वल दर्जे के गेंदबाज थे और उन्हें विकेट लेना बेहद पसंद था. वो अपने दोस्तों के साथ टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलते थे.

यूसेन बोल्ट की जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट
यूसेन बोल्ट (Usain Bolt) एक दिन अपने दोस्तों के साथ बैठे हुए थे. उनकी अपने दोस्त रिकार्डो गेडेस से सबसे तेज धावक पर बहस हो रही थी. ये पूरा वाकया वहां के स्थानीय पादरी रेवरेंड नजेंट देख रहे थे. बहस हो ही रही थी कि पादरी रेवरेंड उनके पास पहुंचे और कहा कि सबसे तेज धावक कौन है इसका फैसला एक रेस से ही कर लेना चाहिए. यूसेन बोल्ट इसके लिए तैयार नहीं थे, लेकिन पादरी नजेंट ने एक शर्त भी उसमें रख दी. उन्होंने कहा कि जो इस रेस को जीतेगा उसे मुफ्त में लंच मिलेगा. बस फिर क्या था बोल्ट इसके लिए तैयार हो गए. उनकी नजर पादरी के लंच पर थी. रेस हुई और बोल्ट ने रिकार्डो गेडेस को हराकर लंच जीत लिया. पादरी बोल्ट को दौड़ता देख हैरान रह गए क्योंकि रिकार्डो गेडेस वहां के सबसे अच्छे धावकों में से एक थे और बोल्ट ने उन्हें बड़ी आसानी से हरा दिया. पादरी नजेंट ने यूसेन बोल्ट को धावक बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा- अगर तुम रिकार्डो गेडेस को हरा सकते हो, तो तुम दुनिया में किसी को भी हरा सकते हो. बस इस दिन से यूसेन बोल्ट का ध्यान धावक बनने पर लग गया और एथेलेटिक्स की दुनिया को एक नया सितारा मिला.



यूसेन बोल्ट का जलवा
12 साल की उम्र में ही यूसेन बोल्ट (Usain Bolt) ने अपने स्कूल की रेस में हिस्सा लिया और वो 100 मीटर दौड़ में सबसे तेज धावक बन गए. बोल्ट ने 2001 में पहली वार्षिक उच्च विद्यालय प्रतियोगिताओं में पदक जीता और 200 मीटर स्पर्धा में 22.04 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया. इसके बाद पैन अमेरिकी जूनियर चैंपियनशिप में बोल्ट ने अपना जलवा दिखाया और महज 20.13 सेकेंट में 200 मीटर दौड़कर उन्होंने वर्ल्ड जूनियर रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. बोल्ट के इस प्रदर्शन ने मीडिया का ध्यान उनकी ओर खींचा और 200 मीटर, 400 मीटर में उनका प्रदर्शन देख उन्हें लोग जॉनसन का संभावित उत्तराधिकारी मानने लगे. 16 साल की उम्र में बोल्ट ने वो कारनामा कर दिखाया था जो जॉनसन 20 साल की उम्र तक भी नहीं कर सके थे. ये बात साफ तौर पर इस ओर इशारा कर रही थी कि एक महामानव का अवतरण हो चुका है.

2008 से शुरू हुआ बोल्ट का जलवा
पूरी दुनिया ने यूसेन बोल्ट (Usain Bolt) का जलवा 2008 बीजिंग ओलिंपिक्स में देखा. इस दिग्गज खिलाड़ी ने 100 मीटर, 200 मीटर, 4 × 100 मीटर रिले, तीनों ही मुकाबलो में स्वर्ण पदक हासिल किया. इसके बाद लंदन ओलिंपिक्स और रियो ओलिंपिक्स में भी बोल्ट ने ये कारनामा किया. साफ है मुफ्त लंच के लालच ने बोल्ट को क्रिकेट छुड़वाकर एथलीट बनाया और उसके बाद उन्होंने पूरी दुनिया पर एकछत्र राज किया.

सचिन के बारे में तो खूब सुना होगा, मगर उनके मास्‍टर की कहानी जानते हैं आप?

गौतम गंभीर: खुद पर नहीं था यकीन, फिर ठोके 310 रन और बदल गई जिंदगी!
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading