ब्राजील और अर्जेंटीना कोपा अमेरिका में​ खिताब के प्रबल दावेदार, जानें क्यों

ब्राजील को अर्जेंटीना से कड़ी चुनौती मिलेगी (Lionel Messi, Neymar/Instagram)

ब्राजील को अर्जेंटीना से कड़ी चुनौती मिलेगी (Lionel Messi, Neymar/Instagram)

ब्राजील के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कोपा अमेरिका फुटबॉल टूर्नामेंट खेलने के लिए तैयार हो गए हैं, जिससे उसकी टीम अपने खिताब का बचाव करने की प्रबल दावेदार बन गई है.

  • Share this:

साओ पाउलो. ब्राजील के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कोपा अमेरिका फुटबॉल टूर्नामेंट खेलने के लिए तैयार हो गए हैं, जिससे उसकी टीम अपने खिताब का बचाव करने की प्रबल दावेदार बन गई है. ब्राजील को अर्जेंटीना से कड़ी चुनौती मिलेगी, जिसकी टीम 1993 के बाद किसी बड़े टूर्नामेंट को जीतने की कोशिश करेगी. अर्जेंटीना को हालांकि अपनी घरेलू सरजमीं पर खेलने का मौका नहीं मिलेगा.

अर्जेंटीना और कोलंबिया पहले कोपा अमेरिका के संयुक्त मेजबान थे, लेकिन बाद में विभिन्न कारणों से उन्हें मेजबानी से हटा दिया गया और ब्राजील को इसके आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई. इससे लियोनल मेसी और उनकी टीम को कुछ फायदा भी मिल सकता है, क्योंकि उन पर स्वदेश में खेलने का दबाव नहीं रहेगा.

कोपा अमेरिका रविवार को शुरू होगा, जिसका पहला मैच मौजूदा चैंपियन ब्राजील और वेनेजुएला के बीच ब्राजीलिया में खेला जाएगा. फाइनल 10 जुलाई को रियो डि जेनेरियो के मरकाना स्टेडियम में होगा. कोविड-19 के कारण दर्शकों को कोपा अमेरिका के मैचों में स्टेडियम में आने की अनुमति नहीं है. इस महामारी के कारण यह टूर्नामेंट एक साल बाद आयोजित किया जा रहा है.

ब्राजील के खिलाड़ी पहले अपने देश को मेजबानी सौंपने के फैसले से खुश नहीं थे, ले​किन अब वे अपनी राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं. ब्राजील अभी दक्षिण अमेरिकी विश्व कप क्वालीफायर्स में छह मैचों में छह जीत के साथ शीर्ष पर बना हुआ है. वह अर्जेंटीना से छह अंक आगे हैं और ऐसे में नेमार जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी में कोच टिटे न सिर्फ खिताब बचाने के लिए प्रयास करेंगे बल्कि कतर में 2022 में होने वाले विश्व कप के लिए भी तैयारियां करना चाहेंगे.
अर्जेंटीना कोपा अमेरिका 2019 में तीसरे स्थान पर रहा था लेकिन लियोनेल स्कालोनी के कोच बनने के बाद टीम ने काफी सुधार किया है. अर्जेंटीना की टीम अब पूरी तरह से मेस्सी पर ही निर्भर नहीं है और उसके पास अन्य मैच विजेता खिलाड़ी भी हैं.

कोलंबिया की दावेदारी को भी कम करके नहीं आंका जा सकता है, जिसने कोच रेनाल्डो रूइडा के आने के बाद लगातार सुधार किया है. उरुग्वे लुई सुआरेज और एडिसन कवानी जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद संघर्ष कर रहा है. उरूग्वे ने विश्व कप क्वॉलिफाइंग के पिछले तीनों मैचों में जीत दर्ज नहीं की है.

कोपा अमेरिका 2019 का उपविजेता पेरू भी विश्व कप क्वालीफाईंग में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया है. उसे उम्मीद है कि पिछले सप्ताह इक्वाडोर पर 2-1 की जीत से उसकी टीम लय हासिल कर लेगी. चिली के कोच मार्टिन लासार्ते ने कोपा अमेरिका में कम अनुभवी टीम उतारने का फैसला किया है.



टूर्नामेंट में पांच-पांच टीमों के दो ग्रुप बनाए गए हैं. ग्रुप ए में अर्जेंटीना, बोलिविया, उरुग्वे, चिली और पराग्वे जबकि ग्रुप बी में ब्राजील, कोलंबिया, वेनेजुएला, इक्वाडोर और पेरू शामिल हैं. प्रत्एक ग्रुप से चोटी की चार टीमें नॉकआउट दौर में पहुंचेंगी. क्वार्टर फाइनल दो और तीन जुलाई को जबकि सेमीफाइनल पांच और छह जुलाई को खेले जाएंगे.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज