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आई-लीग की जगह आईएसएल का देश का शीर्ष लीग बनना तय

भाषा
Updated: October 14, 2019, 10:58 PM IST
आई-लीग की जगह आईएसएल का देश का शीर्ष लीग बनना तय
इंडियन सुपर लीग.

आईएसएल (ISL) का आगामी सत्र 20 अक्टूबर से शुरू हो रहा है ऐसे में यह लीग के लिए खुशखबरी है.

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नई दिल्ली: भारतीय फुटबॉल (Indian Football) की घरेलू संरचना में सुधार के लिए एशियाई फुटबॉल परिसंघ (Asian Football Confedration) ने जो प्रस्ताव पेश किया है उसमें आई-लीग (I League) की जगह इंडियन सुपर लीग (Indian Super League) को शीर्ष घरेलू लीग बनाना शामिल है. इसका खाका सोमवार को कुआलालंपुर में एएफसी मुख्यालय में आईएसएल और आईलीग के अधिकारियों के साथ एएफसी और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (All India Football Fedration) की बैठक में तैयार हुआ. इस बैठक में आईएसएल के आयोजक एफएसडीएल के अधिकारी भी मौजूद थे.

आईएसएल का आगामी सत्र 20 अक्टूबर से शुरू हो रहा है ऐसे में यह लीग के लिए खुशखबरी है. अब तक देश का शीर्ष लीग रहा आई लीग अब दूसरे स्तर का लीग होगा. आईएसएल में हालांकि 2023-24 के सत्र तक प्रमोशन और रेलीगेशन नहीं होगा. 2024-25 के सत्र से प्रदर्शन के आधार पर प्रमोशन और रेलीगेशन होगा लेकिन दो समानांतर लीग का आयोजन नहीं होगा.

इसके मुताबिक आईएसएल की विजेता टीम को एएफसी चैम्पियंस लीग के प्लेऑफ में खेलने का मौका मिलेगा जबकि आई-लीग की विजेता टीम एएफसी कप में भाग लेगी. एएफसी ने इसके साथ ही 2020-21 सत्र में आई-लीग की दो टीमों को आईएसएल में शामिल करने की सिफारिश की है. ऐसे कयास लगाए जा रहे कि मोहन बागान और ईस्ट बंगाल की टीमें आईएसएल से जुड़ सकती है लेकिन कोलकाता की दोनों बड़ी टीमों के साथ लीग की सहमति नहीं बन पायी क्योंकि दोनों टीमें 15 करोड़ रुपये की भागीदारी फीस में छूट चाहती है.

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इंडियन सुपर लीग.


इसका फैसला फीफा/एएफसी की 2017 की रिपोर्ट की सिफारिशों पर विचार कर एक ‘पैकेज’ के तहत हुआ है. एएफसी के महासचिव दातो विंडसर जान ने कहा, ‘हर किसी को भारतीय फुटबॉल को आगे ले जाने के लिए अच्छा करना होगा और भारतीय फुटबॉल के विकास में सर्वश्रेष्ठ फैसला करना होगा. एएफसी देश को एक शीर्ष लीग की तरफ ले जाने में अपनी अहम भूमिका निभाएगा.’

उन्होंने कहा, ‘इस ‘पैकेज’ में हर चीज को काफी सोच विचार कर तैयार किया गया. इसका मकसद सिर्फ भारतीय फुटबॉल को बढ़ावा देना है. हमने एआईएफएफ से कह दिया है कि लीग के 10-12 टीमें काफी नहीं है. यह बड़ा होना चाहिए.’

अब प्रस्ताव को मंजूरी के लिए एएफसी की कार्यकारी समिति और एआईएफएफ की कार्यकारी समिति के सामने पेश किया जाएगा. आईलीग की टीमों मोहन बागान, मिनर्वा पंजाब एफसी और चेन्नई सिटी एफसी ने एएफसी के प्रस्ताव का स्वागत किया है.
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First published: October 14, 2019, 10:53 PM IST
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