सड़क पर पड़े पैसे उठाकर गर्लफ्रेंड को डेट पर ले जाता था यह दिग्गज, 18 साल बाद की शादी

सड़क पर पड़े पैसे उठाकर गर्लफ्रेंड को डेट पर ले जाता था यह दिग्गज, 18 साल बाद की शादी
अपनी पत्नी के सोफिया के साथ फुटबॉलर लुइस सुआरेज

सुआरेज (Luis Saurez) अपने करियर में कई बार विवादों में फंसे हैं लेकिन हर उनकी पत्नी सोफिया ने मदद की है

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 10, 2020, 12:25 PM IST
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नई दिल्ली. कहा जाता है कि हर कामयाब पुरुष के पीछे के महिला का हाथ होता है. यह बात बार्सिलोना (Barcelona) के स्टार फुटबॉलर लुइस सुआरेज (Luis Suarez) की कहानी पर सटीक बैठती. सुआरेज को उनके पत्नी में 15 साल की उम्र में यह एहसास दिलाया था कि वह फुटबॉल के लिए बने हैं. उन्हीं की बदौलत आज सुआरेज दुनिया के सबसे कामयाब फुटबॉलर्स में शुमार हैं और फैंस के दिलों पर राज करते हैं.

पिता के कराण गलत राह पर चले गए थे सुआरेज
छह साल की उम्र में लुइस सुआरेज ने फुटबॉल खेलना पसंद किया जब वह अपने घरेलू शह सालटो को छोड़कर मोतेविडो आ गए. यहां सुआरेज की मां ने उन्हें यूरेटा क्लब से जोड़ा. सुआरेज ने पहले ही मैच में हैट्रिक लगाकर अपने क्लब 2-0 से पिछड़ रहे मैच में जीत दिला दी. इसी दौरान उनके पिता ने परिवार को छोड़ दिया और आर्थिक तंगी के कारण सुआरेज को फुटबॉल भी छोड़ना पड़ा. इन हालातों में सुआरेज गलत राह मुड़ गए और दारू के नशे में रहने लगे. 15 साल की उम्र में इन सब चीजों से जूझते हुए उनकी मुलाकाच सोफिया से हुई. 13 साल की सोफिया दो देखते ही सुआरेज को उनसे प्यार हो गया. उन्होंने कहा, '15 साल की उम्र में मुझे गर्लफेंड मिली जिसने मेरे दिमाग से सारे सवाल खत्म कर दिए. मुझे इस दौरान एहसास हुआ कि मेरे लिए फुटबॉल क्या है.'

सड़क से पैसे उठाकर गर्लफ्रेंड को ले जाते थे डेट पर
इसके बाद सुआरेज के लिए केवल फुटबॉल और सोफिया ही अहमियत रखते थे. वह सोफिया के लिए सड़कर पर पड़े पैसे उठाते थे औऱ उन्हें ट्रीट दिया करते थे. हालांकि एक बार फिर उनका दिल टूट गया जब सोफिया अपने परिवार के साथ बार्सिलोना चली गई. सुआरेज ने इसके बाद दिन मेहनत की लिवरपूल में शामिल हुए जिससे वह सोफिया के करीब आ सकते थे.



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 सुआरेज इस दौरान कई विवादों में फंसे लेकिन सोफिया ने उनका साथ नहीं छोड़ा. जब सुआऱेज पर विरोधी खिलाड़ी को काटने के कारण 10 मैचों का बैन लगा तब भी वह उनके साथ रही. उन्होंने सुआरेज को संभाला और फिर से मैदान पर भेजने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद उन्होंने कभी पलटकर नहीं देखा. आज वह दुनिया के सबसे कामयाब क्लब में शामिल बार्सिलोना का हिस्सा हैं और उसकी रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं. एक समय पर मेसी, नेमार और सुआरेज की तिकड़ी को तोड़ना विरोधियों के लिए असंभव हो जाता था.
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