जैक्सन सिंह: कभी हुए थे रिजेक्ट, अब फीफा वर्ल्डकप में दाग़ा पहला गोल

News18Hindi
Updated: October 10, 2017, 5:28 PM IST
जैक्सन सिंह: कभी हुए थे रिजेक्ट, अब फीफा वर्ल्डकप में दाग़ा पहला गोल
ये हैं जैक्सन सिंह: पहले हुए रिजेक्ट, अब फीफा वर्ल्डकप में दाग़ा पहला गोल
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Updated: October 10, 2017, 5:28 PM IST
फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप के दौरान भारत को अपने दूसरे मुकाबले में एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा. सोमवार को हुए इस मुकाबले में कोलंबिया ने भारत को 2-1 से हराया. भारत भले ही हारा लेकिन टीम ने एक बार फिर ग़ज़ब का जज़्बा दिखाया. पहले हाफ में भारत ने शानदार डिफेंड किया और न सिर्फ कोलंबिया को गोल करने से रोका बल्कि ख़ुद पर हावी भी नहीं होने दिया.

जैक्सन के नाम ये रिकॉर्ड
ये मुकाबला भारत के फुटबॉलर जैक्सन सिंह के लिए बेहद ख़ास रहा. जैक्सन ने कोलंबिया के खिलाफ गोल दाग़कर शानदार रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. जैक्सन किसी भी स्तर के फीफा वर्ल्ड कप में गोल करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए. भारत की मेज़बानी में जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेला गया ये मैच रोमांचक रहा.

जैक्सन ने मेहमान टीम के खिलाफ 82वें मिनट में गोल दागकर 1-1 से बराबरी कर ली. इसके बाद कोलंबिया टीम दबाव में आ गई. भारत की हार ज़रूर हुई लेकिन मणिपुर के इस स्टार खिलाड़ी से सभी आने वाले मैचों में उम्मीदें हैं.

सिलेक्शन के दौरान रिजेक्ट हुए थे जैक्सन
जैक्सन की टीम में सिलेक्शन की कहानी दिलचस्प है. दो साल पहले नेशनल टीम के सिलेक्टर्स खिलाड़ियों को ढूढ़ने चंडीगढ़ फुटबॉल एकेडमी पहुंचे थे. वहां जैक्सन भी ट्रायल देने के लिए मौजूद थे. लेकिन पूर्व चीफ कोच निकोलाई एडम को लगा कि उनकी लंबाई 6 फीट उनकी उम्र (14 साल) के हिसाब से कुछ ज़्यादा है. लेकिन जैक्सन ने हार नहीं मानी. उन्हें यकीन था कि एक दिन वो टीम इंडिया का हिस्सा ज़रूर बनेंगे.



फिर ऐसे हुआ टीम में सिलेक्शन
16 साल के जैक्सन पंजाब की मिनर्वा एकेडमी से जुड़ गए लेकिन अब भी वर्ल्ड कप खेलना का सपना मुश्किल ही लग रहा था. हालांकि पिछले साल अप्रैल में जैक्सन को एक और मौका मिला जब मिनर्वा को अंडर-17 फ्रेंडली मैच खेलने के लिए गोवा बुलाया गया.

मैच में अंडर-17 फुटबॉल के हेड कोच लुईस नॉर्टन डे माटोस, जैक्सन से बेहद प्रभावित हुए. पुर्तगाल के रहने वाले इस कोच ने बिना वक्‍त ज़ाया किए मिनर्वा के चार खिलाड़ियों को नेशनल टीम में शामिल कर लिया. जैक्सन के अलावा नोंग्डाबा नाओरेम, मोहम्मद शाहजहान और अनवर अली को टीम में जगह मिली.

पिता ने दी शुरुआती ट्रेनिंग
जैक्सन के पिता देबेन ख़ुद खिलाड़ी थे. मणिपुर के कई क्लब्‍स के लिए उन्होंने फुटबॉल खेला था. उन्होंने ही जैक्सन और भारतीय अंडर-17 टीम के कप्तान अमरजीत सिंह कियाम को शुरुआती ट्रेनिंग दी. बाद में जैक्सन को चंडीगढ़ फुटबॉल एकेडमी भेजा गया और यहां उन्होंने फुटबॉल की बारीकियां सीखीं. कुछ समय तक चंडीगड़ एकेडमी के लिए खेला और फिर मिनर्वा फुटबॉल क्लब में शामिल हो गए.



लेकिन सफर नहीं था आसान
मणिपुर के जन्मे 6 फीट 2 इंच के जैक्सन के लिए यहां तक का सफर आसान नहीं था. उनके पिता को 2015 में लकवा मार गया और उन्हें मणिपुर पुलिस की नौकरी छोड़नी पड़ी. परिवार का खर्च मां के ऊपर आ गया. मां रोज़ 25 किलोमीटर दूर इम्फाल के ख्वैरामबंद बाज़ार में जाकर सब्ज़ी बेचती और घर का खर्च चलातीं.

साथ ही बेटों को खेल के लिए प्रोत्साहित करती रहतीं क्योंकि वो भी बॉस्केटबॉल प्लेयर रही थीं और खेल की अहमियत समझतीं थीं. जैक्सन के बड़े भाई जोनिचंद सिंह कोलकाता प्रीमियर लीग में पीयरलेस क्लब के लिए खेलते हैं.

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First published: October 10, 2017
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