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Sunday Special: सेक्स से लेकर खिलाड़ियों के करीब आने पर होगा बैन, जानिए कोरोना वायरस के बाद कैसे बदल जाएगा फुटबॉल!

Sunday Special: सेक्स से लेकर खिलाड़ियों के करीब आने पर होगा बैन, जानिए कोरोना वायरस के बाद कैसे बदल जाएगा फुटबॉल!

भारत में फंसे हैं कई विदेशी खिलाड़ी

भारत में फंसे हैं कई विदेशी खिलाड़ी

कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण फुटबॉल की प्रमुख लीग को स्थगित किया जा चुका है

    नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) ने पूरी दुनिया को लॉक कर दिया है. हर कोई इस वायरस के खौफ में घर पर बंद रहने को मजबूर है. अमेरिका (America) जैसे मजबूत देश भी इसके सामने घुटने टेक चुके हैं. अब तक पूरी दुनिया में लगभग 34 लाख इस संक्रमण से प्रभावित हैं वहीं लगभग ढाई लाख लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इस वायरस का कहर राजनीतिक श्रेत्र, व्यापार से लेकर खेल जगत पर हुआ है. अब तक कई बड़े खेल टूर्नामेंट और लीग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं जिनमें चार साल में एक बार होने वाले ओलिंपिक खेल (Olympic Games) भी शामिल हैं. वहीं फुटबॉल जगत में भी इस वायरस ने कहर मचाया हुआ है. प्रीमियर लीग, ला लिगा, सिरी ए और बुंदेसलिगा (Bundesliga) जैसी बड़ी लीग स्थगित हो चुकी हैं. कई देशों में पूरे फुटबॉल सीजन को रद्द किया जा चुका है.

    मौजूदा हालात में फुटबॉल की वापसी को लेकर केवल कायास ही लगाए जा सकते हैं. फीफा (FIFA) प्रमुख जियानी इनफैनटिनो ने स्वीकार किया कि कोई नहीं जानता कि पूरी दुनिया में फुटबॉल की प्रतियोगिताएं कब से शुरू होंगी. उन्होंने साथ ही कहा कि जब फुटबॉल खेल शुरू होगा और हालात सामान्य होंगे तो यह अलग होगा. इनफैनटिनो ने कहा कि खतरनाक कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के चलते फुटबॉल इतना अहम नहीं रह गया है.

    इनफैनटिनो ने कहा, 'जब हम सामान्य माहौल में लौटेंगे तो हमारी दुनिया और हमारा खेल काफी अलग होगा. हमें सुनिश्चित करना होगा कि फुटबॉल बना रहे और यह फिर से आगे बढ़ सके. उन्होंने कहा कि पहली बार फुटबॉल सबसे अहम चीज नहीं है. स्वास्थ्य सबसे अहम है और जब तक इस बीमारी को हरा नहीं देते, ऐसा जारी रहेगा.'

    बैन हुआ सेक्स
    बुंदेसलिगा (Bundesliga) के खिलाड़ी नौ मई से अभ्यास के लिए मैदान पर उतरेंगे. हालांकि उनके सामने बड़ी शर्त रखी गई है. शर्त के मुताबिक उन्हें अपने पार्टनर के साथ सेक्स करने की अनुमति नहीं होगी अगर उनमें किसी भी तरह के कोरोना वायरस (Coronavirus) के लक्षण हैं. इसके अलावा उन्हें मैदान तक अलग-अलग वाहन से आना होगा और लिफ्ट जैसी जगहों पर बटन दबाने के लिए कोहनी का प्रयोग करना होगा. फिलहाल यह नियम जर्मनी (Germany) में लागू हैं पर अगर यह कामयाब रहते हैं तो उन्हें प्रीमियर लीग में इस्तेमाल किया जाएगा.

    थूंकने पर दिया जा सकता है येलौ कार्ड
    अंग्रेजी अखबार के मुताबिक फीफा (FIFA) की मेडिकल कमेटी ने सभी फुटबॉल लीग को मैच के दौरान मैदान पर थूंकने के लिए सख्ती करने को कहा है और साथ ही ऐसा करने वालों को कड़ी सजा देने की अपील भी की है. उन्होंने कहा, 'जब हम फिर से फुटबॉल की शुरुआत करेंगे तो हमें इस बात का ख्याल रखना होगा. थूकना कोई भी वायरस फैलाने का आसान तरीका है. सवाल यह भी है कि क्या यह मुमकिन है. इसका भी जवाब हमारे पास है. जो भी खिलाड़ी ऐसे करे उसे येलौ कार्ड दिया जा सकता है.'

    फुटबॉल में अब होंगे पांच सब्सिट्यूट
    फीफा ने अपने नियमों में अस्थायी बदलाव करते हुए तीन की जगह पांच सब्सिट्यूट खिलाड़ी उतारे जा सकेंगे. मौजूदा नियमों के मुताबिक 90 मिनट के खेल में तीन सब्सिट्यूट खिलाड़ी रखने की अनुमति थी जिसे अब पांच कर दिया गया है.

    फुटबॉल और पिच को किया जाएगा स्टरलाइज
    कोरोना वायरस किसी भी सतह पर लगभग 72 घंटों तक रह सकता है, ऐसे में जिन चीजों के संपर्क में खिलाड़ी आते हैं उन्हें साफ रखना काफी जरूरी हो जाता है. प्रीमियर लीग के एक बैकरूम स्टाफ ने बताया कि हर उस चीज को मैच के दौरान साफ किया जाएगा जिसे साफ करना संभव है. वह सफाई के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करेंगे.

    खिलाड़ियों के आपसी संपर्क पर भी रोक
    ला लिगा (La Liga) के नए नियमों के मुताबिक मैच के दौरान सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखा जाएगा. पेन्लटी बॉक्स में खिलाड़ियों को एक दूसरे के बहुत ज्यादा करीब रहने की अनुमति नहीं होगी. साथ ही कोशिश की जाएगी कि वह कॉर्नर में एक-दूसरे से दूरी बनाए रखें. स्पेन एसोसिएशन की फुटबॉल डॉक्टर्स टीम ने कहा है कि अब पहले जैसा कुछ नहीं होगा. काफी कुछ बदल जाएगा और खिलाड़ियों को एक-दूसरे के बेहद करीब जाने की अनुमति नहीं होगी.

    स्टेडियम में आने वाले बूढ़े लोगों पर रोक
    प्रीमियर लीग कोशिश में है कि मध्य जून तक लीग की शुरुआत की जाए. शुरुआत में यह मैच खाली स्टेडियम में होंगे. वहीं जब दर्शकों को अनुमति होगी तब भी 70 साल से ज्यादा उम्र के वर्ग के लोग मैच के लिए स्टेडियम नहीं आ पाएंगे. आपको बता दें कि कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा असर बूढ़ों लोगों पर हुआ जो आसानी से इसका शिकार बने. इस वायरस से मरने वालों में भी इसी वर्ग के लोगों की संख्या ज्यादा है.

    आइसोलेट ट्रेनिंग
    अर्सनल पहला प्रीमियर लीग क्लब था जिसने खिलाड़ियों को आइसोलेट ट्रेनिंग करने को कहा था. इसके मुताबिक खिलाड़ी अलग-अलग पिच पर अपनी-अपनी गेंदों से अभ्यास करते हैं. सिर्फ पांच खिलाड़ियों को एक साथ अभ्यास करने की अनुमति थी. कई क्लब कोरोना वायरस के बाद इन नियमों को लागू करने वाले हैं.

    क्रिकेट में भी लागू किए गए थे कुछ नए नियम
    पिछले महीने इंग्लैंड (England) की प्रीमियर लीग (Premeire League) के रद्द होने से पहले खिलाड़ियों के हाथ मिलाने पर रोक लगा दी गई थी. ऐसे में हो सकता है कि यह नियम भी जल्द लागू कर दिया जाए. वहीं क्रिकेट में हाथ न मिलाने का फैसला किया गया था. ऑस्ट्रेलिया (Australia) और न्यूजीलैंड (New Zealand) के बीच खाली स्टेडियम में खेले गए वनडे मैच के दौरान इसे लागू किया गया था. इस मुकाबले में खिलाड़ियों ने एक दूसरे हाथ नहीं मिलाए थे, न ही विकेट गिरने का जश्न मनाते हुए खिलाड़ियों ने हाइ फाइव किया. खिलाड़ी अपनी कोहनी और मुठ्ठी की मदद से जश्न मनाते देखे गए थे.

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    Tags: Coronavirus, Football news, Sports news

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